(Blind Race for TRP) – समाचार चैनलों में टीआरपी की अंधी दौड़ : लोकतंत्र का संकट
प्रस्तावना- भारतीय टेलीविज़न पत्रकारिता आज एक ऐसे अत्यंत संवेदनशील और ऐतिहासिक चौराहे पर खड़ी है, जहाँ उसके समक्ष दो स्पष्ट मार्ग हैं। एक मार्ग जनहित, सत्य और निष्पक्ष समाचारों का अत्यंत कठिन तथा पथरीला मार्ग है, जबकि दूसरा सनसनी, शोरगुल और भ्रामक चमक से भरा सुगम राजमार्ग है। अत्यंत खेद का विषय है कि अधिकांश…
