अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS gorakhpur) ने हाल ही में ऑर्थोपेडिक्स के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल की है। संस्थान में आज एक दिवसीय निरंतर चिकित्सा शिक्षा (CME) एवं कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया, जिसका मुख्य फोकस "ऑर्थोपेडिक्स में प्लास्टर कास्ट का महत्व और आधुनिक प्रगति" पर था। इस आयोजन में देश भर के नामी विशेषज्ञ शामिल हुए, जिन्होंने अपने अनुभव और ज्ञान का आदान-प्रदान किया।

निर्भीक इंडिया संवाददाता (नवनीत मिश्र)- इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम की गेस्ट ऑफ ऑनर AIIMS गोरखपुर की डीन अकैडमिक्स, प्रो. (डॉ.) महिमा मित्तल थीं। उन्होंने अपने संबोधन में चिकित्सा शिक्षा के महत्व और ऐसे सेमिनारों की उपयोगिता पर प्रकाश डाला।
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एकेडेमिक्स और विशेषज्ञों का समागम: AIIMS gorakhpur में ज्ञान का मंथन
इस कार्यशाला में कई जाने-माने विशेषज्ञ उपस्थित रहे, जिनमें प्रो. (डॉ.) ए.के. गुप्ता (पूर्व विभागाध्यक्ष, जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज, कानपुर), डॉ. विकास वर्मा (केजीएमयू लखनऊ), डॉ. गौरव के. उपाध्याय (AIIMS रायबरेली), प्रो. डॉ. पवन प्रधान (बीआरडी मेडिकल कॉलेज, गोरखपुर) और डॉ. अशोक यादव (बीआरडी मेडिकल कॉलेज, गोरखपुर) प्रमुख थे।
इस CME के चेयरपर्सन डॉ. वीनीत मेहरोत्रा, डॉ. एस.के. त्रिपाठी और डॉ. महेंद्र अग्रवाल थे। इसके अलावा, AIIMS गोरखपुर के प्रोफेसरों – डॉ. मनोज के. सौरभ, डॉ. शिखा सेठ और डॉ. अमित रंजन – ने भी सक्रिय रूप से इसमें भाग लिया, जिससे यह आयोजन और भी सफल हो सका।

AIIMS gorakhpur : चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में प्लास्टर: हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग का विशेष आकर्षण
इस CME का सबसे बड़ा आकर्षण “डिफिकल्ट प्लास्टर एप्लीकेशन टेक्निक्स” पर आयोजित की गई कार्यशाला थी। इसमें प्रतिभागियों को चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में प्लास्टर लगाने की तकनीकों पर हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग दी गई। इस प्रशिक्षण में निम्नलिखित प्रमुख बिंदु शामिल थे:
- जटिल फ्रैक्चर मामलों में सटीक प्लास्टर तकनीक का उपयोग।
- आपातकालीन परिस्थितियों में प्लास्टर द्वारा अस्थिरोग का स्थिरीकरण।
- बाल एवं वृद्ध रोगियों में सुरक्षित प्लास्टर अनुप्रयोग के तरीके।
- फंक्शनल कास्ट ब्रेसिज और उनके आधुनिक विकल्पों का उपयोग।
डॉ. राजनंद कुमार, डॉ. सुधीर श्याम कुशवाहा, डॉ. नितीश कुमार, डॉ. राजेन्द्र कुमार पीपल और डॉ. विवेक कुमार ने इस प्रशिक्षण का सफलतापूर्वक संचालन किया। उन्होंने अपने अनुभवों को साझा किया और सभी प्रतिभागियों को व्यावहारिक ज्ञान प्रदान किया, जिससे उन्हें प्लास्टर कास्ट की तकनीकों में महारत हासिल करने में मदद मिली।
विशेषज्ञों ने बताया कि रोबोटिक्स और 3D प्रिंटिंग जैसी आधुनिक तकनीकों के बावजूद भी प्लास्टर कास्ट (Plaster Cast) आज भी अपनी सरलता, कम लागत और उच्च प्रभावशीलता के कारण बेहद महत्वपूर्ण है। यह चिकित्सा जगत में हमेशा अपनी प्रासंगिकता बनाए रखेगा। इस CME में बड़ी संख्या में ऑर्थोपेडिक सर्जन, रेजिडेंट डॉक्टर और मेडिकल छात्र उपस्थित थे, जिन्होंने इस आयोजन को अत्यंत उपयोगी और ज्ञानवर्धक बताया।

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