गोरखपुर: गोरखपुर पुलिस ने एक बड़े देह व्यापार रैकेट (Gorakhpur Sex Racket) का भंडाफोड़ किया है। रामगढ़ताल पुलिस ने इस मामले में गैंग लीडर अनिरुद्ध ओझा उर्फ सोखा समेत 14 लोगों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस के मुताबिक, यह गिरोह नाबालिग और बालिग लड़कियों को बहला-फुसलाकर अनैतिक देह व्यापार में धकेलता था। इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार भी कर लिया गया है।

निर्भीक इंडिया संवाददाता (नवनीत मिश्रा)- पुलिस के अनुसार, यह गिरोह संगठित रूप से काम करता था और उसका मकसद अनैतिक व्यापार के जरिए पैसा कमाना था। इस गिरोह के आतंक के कारण सामान्य लोगों में भय का माहौल व्याप्त था। जिला मजिस्ट्रेट गोरखपुर (District Magistrate Gorakhpur) से अनुमोदित गैंग चार्ट के आधार पर पुलिस ने यह कड़ी कार्रवाई की है, ताकि ऐसे गंभीर अपराधों को रोका जा सके और समाज में शांति व्यवस्था बनी रहे।
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गोरखपुर में देह व्यापार रैकेट(Gorakhpur Sex Racket) : गैंग लीडर समेत 14 पर हुई कार्रवाई
रामगढ़ताल पुलिस ने गैंग लीडर अनिरुद्ध ओझा उर्फ सोखा और उसके 13 अन्य सदस्यों के खिलाफ उत्तर प्रदेश गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रिया-कलाप निवारण अधिनियम, 1986 की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। इस गैंग में प्रियांशु जायसवाल, अनुराग सिंह, राजन उर्फ वसीम अहमद, बिमल विश्वकर्मा, सूरज विश्वकर्मा, मुस्कान उर्फ माला पासवान, श्रेय शुक्ला, नंदिनी उर्फ परी, अजय सिंह, अनुराग त्रिपाठी, संजीत कुमार जायसवाल, आकाश गुप्ता और गौरव कुमार जैसे नाम शामिल हैं।
पुलिस की जांच में सामने आया है कि ये सभी आरोपी मिलकर एक सुनियोजित गिरोह चलाते थे। वे लड़कियों को होटलों में काम दिलाने का झांसा देते थे और फिर पैसे का लालच देकर उन्हें अनैतिक देह व्यापार में मजबूर करते थे। इस तरह के जघन्य अपराधों के कारण समाज में इनका खौफ बढ़ता जा रहा था।

दो मुख्य आरोपी गिरफ्तार
इसी कार्रवाई के तहत, पुलिस ने गैंग के दो सदस्यों अजय सिंह और विमल विश्वकर्मा को गिरफ्तार किया है। ये दोनों भी गैंग चार्ट में शामिल थे और इनके खिलाफ कई अन्य आपराधिक मामले भी दर्ज हैं। पुलिस दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है और इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
आरोपियों का एक लंबा आपराधिक इतिहास है, जिसमें देह व्यापार (immoral trafficking), पोक्सो एक्ट (POCSO Act) और एससी/एसटी एक्ट (SC/ST Act) जैसे गंभीर मामले शामिल हैं। इन गिरफ्तारियों को पुलिस की बड़ी सफलता माना जा रहा है, क्योंकि इससे गिरोह की कमर टूटेगी और समाज में इस तरह के अपराधों पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।
यह कार्रवाई दिखाती है कि गोरखपुर पुलिस (Gorakhpur Police) ऐसे संगठित अपराधों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपना रही है। पुलिस का कहना है कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि समाज में कोई भी व्यक्ति, खासकर लड़कियाँ, सुरक्षित और भयमुक्त वातावरण में रह सकें।

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