पूर्वोत्तर रेलवे के महाप्रबंधक उदय बोरवणकर ने मंडल रेल प्रबंधक, वाराणसी आशीष जैन के साथ मिलकर पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार को जोड़ने वाले महत्वपूर्ण गोरखपुर-छपरा रेल खण्ड का गहन संरक्षा निरीक्षण किया।

निर्भीक इंडिया (संवाददाता गोरखपुर)- इस निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य यात्री सुविधाओं, रेलवे ट्रैक की सुरक्षा और चल रहे विकास कार्यों की प्रगति का जायजा लेना था। यह दौरा न केवल सुरक्षा मानकों की जांच के लिए महत्वपूर्ण था, बल्कि ‘अमृत भारत स्टेशन विकास योजना’ के तहत चल रहे कार्यों की समीक्षा के लिए भी किया गया।
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गोरखपुर-छपरा रेल खण्ड : देवरिया सदर से सीवान तक विकास कार्यों का जायजा
निरीक्षण की शुरुआत देवरिया सदर रेलवे स्टेशन से हुई, जो इस महत्वपूर्ण रेल खंड पर एक प्रमुख पड़ाव है। महाप्रबंधक ने स्टेशन पर मौजूद यात्री सुविधाओं, जैसे प्रतीक्षालय, टिकट काउंटर, और प्लेटफार्मों की साफ-सफाई का गहन निरीक्षण किया। उन्होंने रिले रूम, जहाँ सिग्नलिंग और इंटरलॉकिंग सिस्टम को नियंत्रित किया जाता है, का भी दौरा किया और यह सुनिश्चित किया कि सभी उपकरण सही ढंग से काम कर रहे हैं।
इसके बाद, उन्होंने ‘अमृत भारत स्टेशन विकास योजना’ के तहत चल रहे पुनर्विकास कार्यों का अवलोकन किया। उन्होंने स्टेशन भवन के पुनर्विकास ले-आउट प्लान का निरीक्षण करते हुए अधिकारियों को सभी कार्य निर्धारित समय सीमा में और उच्च मानकों के साथ पूरा करने के निर्देश दिए।
देवरिया सदर के बाद, महाप्रबंधक ने गोरखपुर-छपरा रेल खण्ड पर विंडो-ट्रेलिंग निरीक्षण किया। यह एक विशेष प्रकार का निरीक्षण होता है जिसमें अधिकारी ट्रेन की खिड़की से ट्रैक की स्थिति, सिग्नल और अन्य बुनियादी ढांचों का निरीक्षण करते हैं। इस दौरान उन्होंने नूनखार-भटनी ब्लॉक खंड पर स्थित माइनर ब्रिज संख्या 125 और भाटपाररानी-बनकटा खंड पर कर्व संख्या 61 के मानकों का परीक्षण किया।
इसी क्रम में, भाटपाररानी और बनकटा के बीच स्थित लिमिटेड हाइट सबवे (LHS) का भी निरीक्षण किया गया। इसके बाद, उन्होंने मैरवां और सीवान स्टेशनों का भी दौरा कर अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत हो रहे कार्यों की प्रगति की समीक्षा की और इन्हें तेज गति से पूरा करने का निर्देश दिया।

गोरखपुर-छपरा रेल खण्ड : छपरा जंक्शन पर निरीक्षण और कर्मचारियों से संवाद
निरीक्षण का समापन छपरा जंक्शन रेलवे स्टेशन पर हुआ। यहां पहुंचकर महाप्रबंधक श्री बोरवणकर ने स्टेशन पर उपलब्ध यात्री सुविधाओं और चल रहे विकास कार्यों का गहनता से निरीक्षण किया। उन्होंने प्लेटफार्म संख्या 01, रिले रूम, पावर सब स्टेशन, और विशेष रूप से लोको पायलट व गार्ड के लिए बने रनिंग रूम का दौरा किया। उन्होंने सीधे रनिंग रूम में ठहरे कर्मचारियों से बात की और उन्हें मिल रही सुविधाओं की गुणवत्ता के बारे में जानकारी ली, जिससे वे संतुष्ट दिखे।
उन्होंने छपरा स्टेशन के सर्कुलेटिंग एरिया, फुट ओवरब्रिज (FOB), कोचिंग डिपो और दुर्घटना राहत यान (ART/ARME) का भी निरीक्षण किया। उन्होंने स्टेशन के भविष्य के विकास की योजनाओं पर भी चर्चा की, जिसमें एक नया स्टेशन भवन, 10 मीटर चौड़ा पैदल उपरिगामी पुल, वेटिंग हॉल और आधुनिक प्रवेश/निकास द्वार जैसी सुविधाएं शामिल हैं।
मंडल रेल प्रबंधक श्री आशीष जैन ने महाप्रबंधक को पुनर्विकास परियोजना की लागत, डिजाइन और एस्केलेटर, लिफ्ट जैसी नई यात्री सुविधाओं की विस्तृत जानकारी दी। इस दौरान, उन्होंने यूनियन के पदाधिकारियों और स्थानीय जन प्रतिनिधियों से भी मुलाकात की और गोरखपुर-छपरा रेल खण्ड से जुड़ी भावी रेल परियोजनाओं की जानकारी दी। यह दौरा रेलवे की दक्षता और पारदर्शिता को दर्शाता है।

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