भगत सिंह की पत्रकारिता और सुखदेव की पीआर रणनीति (Bhagat Singh’s journalism and Sukhdev’s strategy: A successful media campaign)
प्रस्तावना – भारतीय स्वाधीनता संग्राम के इतिहास को जब भी पलटकर देखा जाता है, तो 1920 और 1930 के दशक का समय एक महत्वपूर्ण वैचारिक संक्रांति के काल के रूप में उभरता है। यह वह दौर था जब ‘हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन’ (HSRA) ने न केवल ब्रिटिश साम्राज्यवाद के दंभ को चुनौती दी, बल्कि जनसंचार…

You must be logged in to post a comment.