साल 2008 में थाना सहजनवां क्षेत्र में घटित एक गैर इरादतन हत्या (culpable homicide not amounting to murder) के मामले में आखिरकार इंसाफ हुआ। करीब 16 वर्षों तक चले मुकदमे के बाद, मा. न्यायालय ASJ/PC-1, जनपद गोरखपुर ने दो अभियुक्तों—श्याम दयाल व रामप्रीत—को दोषी करार देते हुए उन्हें 10-10 वर्ष के कठोर कारावास और ₹25,000-₹25,000 के अर्थदंड से दंडित किया है।

निर्भीक इंडिया संवाददाता (नवनीत मिश्रा)- यह सफलता उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा चलाए जा रहे “ऑपरेशन कनविक्शन” (Operation Conviction) अभियान के तहत मिली है। इस विशेष अभियान का उद्देश्य गंभीर अपराधों में शामिल अभियुक्तों को सजा दिलाकर पीड़ित पक्ष को न्याय दिलाना है।
सहजनवां गैर इरादतन हत्या मामले में दर्ज मुकदमा का पूरा विवरण
सहजनवां गैर इरादतन हत्या प्रकरण में मु.अ.सं. 2409/2008, धारा 352, 504, 304 भादवि (IPC sections 352, 504, 304) के अंतर्गत थाना सहजनवां में मुकदमा दर्ज किया गया था। दोनों अभियुक्त—श्याम दयाल पुत्र बलदेव एवं रामप्रीत पुत्र बालदेव, निवासी ग्राम उज्जीखोर थाना सहजनवां—पर एक व्यक्ति के साथ मारपीट के दौरान उसकी मृत्यु का आरोप था।
सहजनवां गैर इरादतन हत्या मामले की विवेचना उप निरीक्षक शिवशंकर तिवारी द्वारा की गई, जिनकी तत्परता और साक्ष्यों के मजबूत संकलन के कारण न्यायालय ने अभियुक्तों को दोषी पाया। इसके अतिरिक्त, थाने के पैरोकार, मॉनिटरिंग सेल और अभियोजन पक्ष की प्रभावशाली पैरवी के चलते न्याय सुनिश्चित हो सका।
इस मुकदमे में अपर जिला शासकीय अधिवक्ता (ADGC) श्री शरदेन्दु प्रताप नारायण सिंह की भूमिका भी बेहद महत्वपूर्ण रही। उन्होंने साक्ष्यों और गवाहों को न्यायालय के समक्ष प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया, जिससे अभियुक्तों की दोषसिद्धि संभव हो सकी।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, जनपद गोरखपुर ने इस निर्णय को “ऑपरेशन कनविक्शन” की एक बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि लंबे समय से लंबित मामलों में शीघ्र निर्णय दिलाना पुलिस की प्राथमिकता है, ताकि आमजन को न्याय में भरोसा बना रहे।
सहजनवां गैर इरादतन हत्या मामले में दर्ज मुकदमा का पूरा विवरण
इस फैसले से यह संदेश स्पष्ट है कि अपराध कितना भी पुराना क्यों न हो, कानून से बच पाना संभव नहीं। पुलिस और अभियोजन की प्रभावी भूमिका से यह सुनिश्चित हुआ है कि गैर इरादतन हत्या जैसे गंभीर अपराध करने वाले अब सजा से नहीं बच सकेंगे।
गोरखपुर ज़िले में इस निर्णय का स्वागत करते हुए स्थानीय लोगों ने पुलिस की कार्यप्रणाली की सराहना की है।

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