गोरखपुर (Gorakhpur) में अपराधियों के खिलाफ पुलिस का अभियान लगातार जारी है। इसी क्रम में रामगढ़ताल पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। बीते 11 फरवरी को जान से मारने की नीयत से किए हमले गए।

निर्भीक इंडिया संवाददाता (नवनीत मिश्रा)- जिसे हम Attempt to Murder Case Gorakhpur (गोरखपुर हत्या का प्रयास मामला) के तौर पर देख रहे हैं, में पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए 48 घंटे के भीतर दो मुख्य अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए अभियुक्तों में एक शातिर अपराधी है, जिस पर पहले से ही गैंगेस्टर एक्ट और दुष्कर्म जैसे गंभीर मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस की इस कार्रवाई से इलाके में सुरक्षा का भाव मजबूत हुआ है।
Attempt to Murder Case Gorakhpur : कठउर गांव में हुई वारदात का पर्दाफाश
यह मामला रामगढ़ताल थाना क्षेत्र के कठउर गांव (Kathaur Village) का है। वादी द्वारा दी गई तहरीर के अनुसार, दिनांक 11 फरवरी 2026 को कुछ लोगों ने उसे घेर लिया था। पुरानी रंजिश और वर्चस्व की लड़ाई में अभियुक्तों ने गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की नीयत से उस पर लाठी-डंडों से प्रहार किया। इस हमले में वादी को गंभीर चोटें आई थीं।
घटना की गंभीरता को देखते हुए, Gorakhpur Ramgarhtal Police News (गोरखपुर रामगढ़ताल पुलिस समाचार) के अंतर्गत यह मामला सुर्खियों में आया। थाना प्रभारी रामगढ़ताल के नेतृत्व में उप-निरीक्षक रजनीश द्विवेदी और उनकी पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना पर घेराबंदी की। टीम ने मु0अ0सं0 85/2026 के तहत पंजीकृत मामले में वांछित दोनों अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया।

Attempt to Murder Case Gorakhpur : गिरफ्तार अभियुक्त और बरामदगी
पुलिस की गिरफ्त में आए आरोपियों की पहचान 1. तारकेश्वर निषाद पुत्र गुरुदेव निषाद और 2. बब्लू निषाद पुत्र स्व. रामसूरत के रूप में हुई है। ये दोनों ही कठउर थाना रामगढ़ताल, जनपद गोरखपुर के निवासी हैं। पुलिस ने इनके पास से घटना में प्रयुक्त एक बांस का डंडा और एक लकड़ी का डंडा बरामद किया है, जिसे साक्ष्य के तौर पर जब्त कर लिया गया है। यह गिरफ्तारी Kathaur Village Gorakhpur Crime (कठउर गांव गोरखपुर अपराध) के ग्राफ को नीचे लाने में एक अहम कदम मानी जा रही है।
Gorakhpur Ramgarhtal Police News शातिर अपराधी है तारकेश्वर निषाद: अपराधिक इतिहास
इस मामले में सबसे चौंकाने वाला तथ्य मुख्य अभियुक्त तारकेश्वर निषाद का पुराना रिकॉर्ड है। पुलिस जांच में सामने आया है कि तारकेश्वर एक आदतन अपराधी है। Tarkeshwar Nishad Criminal History (तारकेश्वर निषाद आपराधिक इतिहास) पर नजर डालें तो पता चलता है कि वह पहले भी कई संगीन जुर्मों में जेल की हवा खा चुका है।
उसके खिलाफ निम्नलिखित गंभीर मामले दर्ज हैं:
- आबकारी अधिनियम: वर्ष 2022 में राजघाट थाने में शराब तस्करी (धारा 60(2) आबकारी अधि0 व 272 भादवि) का मुकदमा।
- दुष्कर्म और धमकी: वर्ष 2023 में गीडा थाने में सामूहिक दुष्कर्म और जान से मारने की धमकी (धारा 376D, 506 भादवि) का मुकदमा।
- गैंगेस्टर एक्ट: उसकी आपराधिक गतिविधियों को देखते हुए गीडा पुलिस ने उस पर Gorakhpur Gangster Act Arrest (गोरखपुर गैंगेस्टर एक्ट गिरफ्तारी) के तहत भी कार्रवाई की थी (मु0अ0सं0 484/2023)।
कानूनी धाराएं और वर्तमान स्थिति
ताजा मामले में पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सुसंगत धाराओं के तहत मुकदमा पंजीकृत किया है। इसमें धारा 191(2) (दंगा), 109(1) (हत्या का प्रयास), 115(2) (स्वेच्छा से चोट पहुंचाना), 352 (शांति भंग करने के इरादे से अपमान), और 351(3) (आपराधिक धमकी) शामिल हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ऐसे मनबढ़ अपराधियों, विशेषकर जो जमानत पर बाहर आकर दोबारा अपराध करते हैं, उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, दोनों अभियुक्तों के खिलाफ विधिक कार्रवाई करते हुए उन्हें न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है।

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Navneet Mishra is a seasoned journalist currently associated with Nirbhik India and its digital portal, nirbhikindia.in. With over six years of experience across print and digital platforms, Navneet specializes in politics, sports, economics, and geopolitics.
A Master’s graduate in Mass Communication from Deen Dayal Upadhyay Gorakhpur University, he is also a dedicated media scholar. His academic research focuses on “the pivotal role of Gorakhpur’s Hindi newspapers during the Indian freedom struggle against the British Crown”. Before joining Nirbhik India, Navneet spent five years at Adarsh Jeevan and gained valuable field experience at Amar Ujala Gorakhpur as training reporter only for 5 days.
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नवनीत मिश्रा वर्तमान में ‘निर्भीक इंडिया’ मीडिया समूह से जुड़े हैं। उन्होंने दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स किया है। पत्रकारिता के अपने 6 वर्षों के सफर में उन्होंने प्रिंट और डिजिटल दोनों डेस्क पर काम किया है। उनके शोध का विषय ब्रिटिश शासन के खिलाफ गोरखपुर के अखबारों का योगदान रहा है, जो उनकी ऐतिहासिक समझ को दर्शाता है। वे राजनीति, अर्थव्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय मामलों (Geopolitics) पर निरंतर लिखते रहे हैं। ‘आदर्श जीवन’ दैनिक में 5 साल का कार्यकाल और ‘अमर उजाला’ गोरखपुर में ट्रेनिंग रिपोर्टिंग के तौर पर मात्र 5 दिन काम क्या है उनकी लेखनी को और भी निखारता है।

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