गो तस्करी गैंग (cow smuggling gang) के संगठित अपराधों पर लगाम लगाने के लिए गोरखपुर पुलिस ने एक बड़ा कदम उठाया है। क्षेत्राधिकारी चौरी चौरा के पर्यवेक्षण में, चौरी चौरा थाना प्रभारी ने एक गो तस्करी गैंग के चार प्रमुख सदस्यों के खिलाफ उत्तर प्रदेश गिरोह बंद एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप निवारण अधिनियम (गैंगस्टर एक्ट) के तहत सख्त कार्रवाई की है।

निर्भीक इंडिया संवाददाता (नवनीत मिश्र)- इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य उन अपराधियों पर शिकंजा कसना है जो भौतिक और दुनियावी लाभ के लिए संगठित होकर गोवंश की तस्करी (cow smuggling) करते हैं और आम जनमानस में भय का माहौल पैदा करते हैं।
क्या है गो तस्करी गैंग (cow smuggling gang) का मामला?
पुलिस के अनुसार, गो तस्करी गैंग (cow smuggling) गैंग का नेतृत्व किशन यादव नामक एक शातिर अपराधी करता है। वह अपने साथी सतीश यादव, अमरेश और राहुल पाण्डेय के साथ मिलकर सुनियोजित तरीके से गोवंश की तस्करी करता था।
इस संगठित गिरोह की गतिविधियों के कारण स्थानीय लोगों में भय और आतंक व्याप्त हो गया था, जिसके चलते पुलिस के लिए इन पर अंकुश लगाना आवश्यक हो गया था। पुलिस ने जिला मजिस्ट्रेट, गोरखपुर द्वारा अनुमोदित एक गैंग चार्ट तैयार किया, जिसके बाद चारों अभियुक्तों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा संख्या 435/2025 दर्ज किया गया।
गैंगस्टर एक्ट की धारा 2ख और 3(1) के तहत यह कार्रवाई अपराधियों को स्वतंत्र रूप से घूमने से रोकने और उनके अवैध नेटवर्क को पूरी तरह से ध्वस्त करने के लिए की गई है। इस अधिनियम के तहत, अभियुक्तों को जमानत मिलना बेहद मुश्किल हो जाता है और उनके द्वारा अवैध रूप से अर्जित की गई संपत्ति को जब्त करने का भी प्रावधान है।

गो तस्करी गैंग (cow smuggling gang) पर पुलिस की कार्रवाई
यह पूरी कार्रवाई 22 दिसंबर 2024 की एक महत्वपूर्ण घटना के बाद शुरू हुई। पुलिस बल चेकिंग के दौरान एक पिकअप वाहन को रोकने का प्रयास कर रहा था, जिसमें 5 पशुओं को बेहद क्रूरतापूर्वक लादकर ले जाया जा रहा था। पुलिस की घेराबंदी देखकर वाहन सवार तीन अज्ञात व्यक्ति गाड़ी छोड़कर अंधेरे का फायदा उठाते हुए मौके से फरार हो गए थे।
इस घटना के बाद, चौरी चौरा थाने में मु0अ0सं0 675/24, धारा 3/5(क)/8 उत्तर प्रदेश गोवध निवारण अधिनियम, और 11 पशु क्रूरता अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। बाद में जांच के दौरान, यह स्पष्ट हुआ कि फरार होने वाले व्यक्ति इसी संगठित गो तस्करी गैंग (go taskari gang) से जुड़े थे। पुलिस ने गहन जांच-पड़ताल के बाद इन सभी आरोपियों की पहचान की और इनके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई करने का फैसला किया।
अपराधियों का आपराधिक इतिहास
इस कार्रवाई में नामजद किए गए सभी अभियुक्तों का लंबा आपराधिक इतिहास है। गैंग लीडर किशन यादव के खिलाफ पहले भी गो तस्करी के मामले दर्ज हो चुके हैं। उसके साथी सतीश यादव, अमरेश और राहुल पाण्डेय भी इस तरह के अपराधों में शामिल रहे हैं। इन सभी के खिलाफ कुशीनगर के पटहेरवा थाने और चौरी चौरा थाने में गो तस्करी (cow smuggling) से जुड़े मामले दर्ज हैं, जो इस बात की पुष्टि करते हैं कि यह गिरोह लंबे समय से सक्रिय था।
पुलिस के इस कदम को क्षेत्र में शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ऐसे संगठित गिरोहों के खिलाफ उनका अभियान जारी रहेगा ताकि आम जनता खुद को सुरक्षित महसूस कर सके। यह कार्रवाई न केवल गो तस्करी पर लगाम लगाएगी, बल्कि अपराधियों के बीच एक कड़ा संदेश भी देगी कि उनके अवैध कार्यों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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