दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय (DDU Gorakhpur University) ने अपने 44वें दीक्षांत समारोह को एक सामाजिक पहल से जोड़ने का निर्णय लिया है। इसी क्रम में, आज 18 अगस्त से विश्वविद्यालय द्वारा गोद लिए गए पाँच गाँवों में स्थित आंगनवाड़ी केंद्रों पर विभिन्न प्रतियोगिताओं की शुरुआत की गई है।

निर्भीक इंडिया संवाददाता (नवनीत मिश्र)- यह अनूठी पहल महामहिम राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल के निर्देशों के अनुरूप है, जिसका उद्देश्य दीक्षांत समारोह को सिर्फ अकादमिक न रखकर सामाजिक रूप से भी सार्थक बनाना है।
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डीडीयू गोरखपुर के कार्यक्रम में पिपरौली और पिपराइच ब्लॉक के गाँव शामिल
इस प्रतियोगिता के लिए भौआपार, ब्ववहारिया, खराईच खुर्द, रक्ष्वापार और मुरेरी खुर्द जैसे गाँव चिन्हित किए गए हैं, जो क्रमशः पिपराइच और पिपरौली ब्लॉक के अंतर्गत आते हैं। इन गाँवों में स्थित कुल 13 आंगनवाड़ी केंद्रों पर ये प्रतियोगिताएं आयोजित की जा रही हैं। इनका मुख्य केंद्र बिंदु बच्चों में स्वास्थ्य और स्वच्छता, केंद्र की साफ-सफाई, और आंगनवाड़ी सेविकाओं की निपुणता को बढ़ावा देना है।
डीडीयू गोरखपुर ने तीन श्रेणियों में विभाजित है प्रतियोगिता
इस कार्यक्रम को तीन प्रमुख श्रेणियों में बांटा गया है:
प्रथम श्रेणी – आंगनवाड़ी बच्चों की स्वच्छता: इस श्रेणी का उद्देश्य बच्चों में रोगों की रोकथाम, बेहतर पोषण, संज्ञानात्मक विकास तथा शारीरिक वृद्धि को बढ़ावा देना है।
दूसरी श्रेणी – आंगनवाड़ी केंद्र की स्वच्छता: इसका लक्ष्य बीमारियों को फैलने से रोकना, बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण में सुधार करना, और सीखने के लिए एक अनुकूल वातावरण तैयार करना है।
तीसरी श्रेणी – आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का समर्पण: इस श्रेणी में कार्यकर्ताओं के योगदान को सराहा जाएगा और बेहतर बाल स्वास्थ्य, पोषण, प्रारंभिक शिक्षा तथा मातृ स्वास्थ्य व जागरूकता पर उनके काम को परखा जाएगा।
इन सभी मानकों पर जो पाँच आंगनवाड़ी केंद्र सबसे उत्कृष्ट प्रदर्शन करेंगे, उन्हें दीक्षांत समारोह के अवसर पर महामहिम राज्यपाल द्वारा पुरस्कृत किया जाएगा।
जिला प्रशासन और विश्वविद्यालय की संयुक्त पहल
इस पूरे कार्यक्रम को सफल बनाने में जिला प्रशासन स्तर पर डीपीओ, बीएसए और डीआईओएस का लगातार सहयोग मिल रहा है। इसके अलावा, डॉ. रीना सिंह और डॉ. विनय मल्ल भी इस पहल में लगातार सहयोग कर रहे हैं। माननीय कुलपति प्रो. पूनम टंडन के मार्गदर्शन में, इन प्रतियोगिताओं के सुचारु संचालन के लिए प्रो. दिव्या रानी सिंह के नेतृत्व में एक विश्वविद्यालय स्तरीय टीम का गठन किया गया है।
इसी क्रम में, प्रो. दिव्या रानी सिंह ने आज पिपरौली विकास खंड के भौआपार गाँव में बच्चों को स्वास्थ्य और स्वच्छता के प्रति जागरूक करके कार्यक्रम का उद्घाटन किया। इस कार्यक्रम में गृह विज्ञान विभाग की शोध छात्राएं गार्गी पांडे, शिवांगी मिश्रा और कीर्ति भी मौजूद थीं। कार्यक्रम में भौआपार गाँव के विभिन्न आंगनवाड़ी केंद्रों की कार्यकर्ताएं शुभांगी देवी, मीनाक्षी मिश्रा, प्रमिला देवी, ममता, उषा पांडे, गंगाजल, अरुंधति देवी, माधुरी पांडे, मालती शर्मा और पूजा त्रिपाठी भी उपस्थित रहीं।
प्रो. दिव्या रानी सिंह ने कहा कि ऐसे आयोजन बच्चों और माताओं में स्वास्थ्य और पोषण के प्रति जागरूकता बढ़ाने में अत्यंत सहायक होते हैं। कार्यक्रम के अंत में, सभी प्रतिभागियों ने स्वच्छता, पोषण और स्वास्थ्य संबंधी गतिविधियों को निरंतर जारी रखने का संकल्प लिया।

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