गोरखपुर जिले में डेंगू से बचाव अभियान पर स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम ने मिलकर एक गहन अभियान शुरू किया है। इसी क्रम में सोमवार को जिला अस्पताल परिसर, मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) कार्यालय और जिला क्षय रोग केंद्र परिसर में विशेष स्वच्छता अभियान चलाया गया।

निर्भीक इंडिया (संवाददाता गोरखपुर)- डेंगू से बचाव अभियान दौरान छोटे-बड़े सभी जलस्रोतों की सफाई की गई और मच्छरों के लार्वा को नष्ट करने के लिए एंटी-लार्वल का छिड़काव किया गया, ताकि डेंगू और अन्य मच्छर जनित बीमारियों के प्रसार को रोका जा सके। यह अभियान न केवल परिसर को स्वच्छ रखने के लिए, बल्कि आम जनता के लिए एक जागरूकता संदेश देने के उद्देश्य से भी चलाया गया है।
डेंगू से बचाव अभियान: एक चम्मच पानी भी डेंगू के लिए काफी
इस अभियान का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि यह केवल एक सरकारी परिसर तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे आम जनता को भी एक बड़ा सबक मिलता है। जिला मलेरिया अधिकारी अंगद सिंह ने बताया कि डेंगू के मच्छरों के पनपने के लिए केवल एक चम्मच साफ और ठहरे हुए पानी की भी आवश्यकता होती है। यह जानकारी आम लोगों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि अक्सर लोग बड़ी जगहों पर ही ध्यान देते हैं, लेकिन छोटी-छोटी लापरवाही ही बड़ी समस्या का कारण बन जाती है।
उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपने घरों, कार्यालयों और आसपास के स्थानों पर पानी को जमा न होने दें। कूलर, गमले, फ्रीज की ट्रे, प्लास्टिक के ग्लास, नारियल के खोल, टायर और जानवरों के पानी के पात्र आदि में जमा पानी की नियमित सफाई करें। इस सरल लेकिन प्रभावी उपाय से मच्छरों के प्रजनन को रोका जा सकता है और डेंगू से बचाव संभव है।

डेंगू से बचाव अभियान तहत अस्पताल परिसर को मच्छर-मुक्त रखने पर जोर
सीएमओ डॉ. राजेश झा ने इस अभियान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि अस्पतालों में मरीजों और उनके तीमारदारों की भारी भीड़ होती है। ऐसे में यदि यहाँ मच्छर पनपते हैं, तो यह डेंगू, मलेरिया और इंसेफेलाइटिस जैसी बीमारियों के प्रसार का बड़ा कारण बन सकता है। उन्होंने बताया कि इसी वजह से प्राथमिकता के आधार पर अस्पताल परिसर को पूरी तरह से मच्छर मुक्त रखने का प्रयास किया जा रहा है।
जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. बीके सुमन ने इस अभियान में जिला मलेरिया विभाग और नगर निगम के सहयोग की सराहना की। उन्होंने कहा कि अस्पताल परिसर को साफ और मच्छर मुक्त रखने से समाज में एक सकारात्मक संदेश जाता है। जब लोग देखते हैं कि स्वास्थ्य संस्थान खुद स्वच्छता को कितनी गंभीरता से ले रहे हैं, तो वे अपने घरों और आसपास भी सफाई के लिए प्रेरित होते हैं।
सफाई अभियान के दौरान, सीएमओ ने जिला क्षय रोग केंद्र का भी निरीक्षण किया। उन्होंने वहाँ जांच की व्यवस्था और दवाओं की उपलब्धता की स्थिति का जायजा लिया। इसके अलावा, उन्होंने होम्योपैथिक अस्पताल के चिकित्सा अधिकारी को भी आसपास की नालियों की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया।
इस अभियान में चिकित्सा अधिकारी डॉ. गणेश यादव, जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. राजेश कुमार, जिला मलेरिया अधिकारी अंगद सिंह, सहायक मलेरिया अधिकारी प्रभात रंजन सिंह, हास्पिटल मैनेजर डॉ. मुकुल और अन्य स्वास्थ्यकर्मी भी शामिल थे। यह संयुक्त प्रयास यह साबित करता है कि मच्छर नियंत्रण के लिए सरकारी विभागों में आपसी सहयोग बेहद जरूरी है।
अंत में, यह समझना आवश्यक है कि डेंगू से बचाव का यह अभियान सिर्फ सरकारी विभागों की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें हर नागरिक की भागीदारी अनिवार्य है।

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