भटहट असुरन और पिपराइज असुरन मार्ग पर इलेक्ट्रिक बस (electric buses) के संचलन की कमी होने की शिकायत स्थानीय जनता से मिलने पर निर्भीक इंडिया (Nirbhik India) संवाददाता ने इसकी हकीकत जानने हेतु ग्राउंड रिपोर्टिग की।
निर्भीक इंडिया (संवाददाता)- जैसा हमे स्थनीय जानकारी मिली। उसी अनुसार हम उस जगह पहुँचे। हमारे निर्भीक इंडिया (Nirbhik India) संवाददाता ने असुरन चौक पर खड़े होकर इलेक्ट्रिक बस (electric buses) का इंतजार करना शुरू किया।

सबसे बड़ी परेशानी यात्री के लिए असुरन चौराहे पर यह थी कि कोई भी बस स्टॉप प्वाइंट नही बना था ना ही बस की समय-सारणी का कुछ विवरण था। इलेक्ट्रिक बस (electric buses) का लोकेशन बताने वाला चलो एप भी गलत लोकेशन बता रहा था।
इलेक्ट्रिक बस (electric buses) के संचालन की जमीनी हक़ीकत-
हमारे संवाददाता ने असुरन चौक पर आधे घंटे निरन्तर बस का इंतजार उमस भरी गर्मी में किया। इलेक्ट्रिक बस के देर तक इंतजार करने के बाद भी न आने पर हमने वहाँ उपस्थित पुलिस से इसकी जानकारी निकाली। तो हमें पता चला कि, भटहट से गोलघर वाया असुरन चलने वाली बस काफी समय से नियमित नहीं है ना ही उसके फेरे नियमित है।
असुरन चौक का बायाँ भाग मेडिकल, भटहट और महराजगंज को जोड़ता है तो वही दूसरा मध्य सड़क पादरी और पिपराइज को जोड़ता है। इसके अलावा असुरन चौक का दायाँ सड़क बिछिया होते हुए मोहद्दीपुर को जाती है।
असुरन चौक और भटहट मार्ग पर दो इलेक्ट्रिक बस का संचलन चल रहा था जिसमें एक बस खराबी के कारण पिछले 1 महीनें से बंद पड़ा हुआ है। इसके अलावा पादरी असुरन चौक पर चलने वाला इलेक्ट्रिक बस नदारद दिखा। इसके अलावा असुरन से बिछिया होते हुए मोहद्दीपुर जाने के लिए कोई इलेक्ट्रिक बस ही नहीं है।
आरएम गोरखपुर (RM Gorakhpur) लवकुश सिंह ने क्या कहा
आरएम गोरखपुर (RM Gorakhpur) लवकुश सिंह से हमारे संवाददाता नवनीत मिश्र (Nirbhik India Correspondent Navneet Mishra) ने मुलाकात की और असुरन-भटहट व असुरन-पिपराइज मार्ग पर इलेक्ट्रिक बस की कमी काा कारण जानने के लिए सम्पर्क किया।
आरएम गोरखपुर (RM Gorakhpur) लवकुश सिंह ने कहा कि, असुरन भटहट मार्ग पर चलने वाले इलेक्ट्रिक बस की संख्या 2 है जिसमें से एक लगभग एक महीने से खराब पड़ा हुआ। उन्होने बताया कि गोरखपुर में इलेक्ट्रिक बस द्वारा सभी क्षेत्रों को कवर करने और नियमितता बनाये रखने के लिए अतिरिक्त बस की जरूरत बताई।
हमारे संवाददाता नवनीत मिश्र ने उनसे सवाल किया कि क्या गोरखपुर के लिए अतिरिक्त इलेक्ट्रिक बस की खरीद के लिए कुछ किया जा रहा है, कोई टेण्डर पास किया गया तो इसका जवाब ना में मिला। हमने इसकी आगामी कार्यवाही पर जवाब जानना चाहा तो बताया गया कि अभी तक इस पर कुछ नही हो रहा है।
गोरखपुर इलेक्ट्रिक बस की लोकेशन बताने में असफल रहा चलो एप-
हमने जानकारी जुटाई कि कैसे पताा चले कि बस कब आयेंगी। इस पर जानकारी मिली कि चलो एप के माध्यम से हम गोरखपुर में इलेक्ट्रिक बस की लोकेशन देख सकते है। जब हमने इस एप को खोला तो हमने पाया कि यह ना सिर्फ गलत जानकारी दे रहा था अपितु इसके लोकेशन पर क्लिक करने पर कोई बस की उपलब्धता न होने की बात कह रहा था।
आप को बता दें कि चलो एप और उ0प्र0 राज्य परिवहन का कोई लेना-देना नहीं है इस ऐप पर निजी तौर पर संचालित किया जाता है, जिसमें परिवहन विभाग द्वारा बस के लोकेशन को इस ऐप पर शेयर कर दिया जाता था।
हमने स्थानीय इलेक्ट्रिक रिक्शा चालकों से इलेक्ट्रिक बस की स्थिती को जानना चाहा तो किसी ने कहा नही पता तो किसी ने कहा कि इसको गोरखपुर के बाहरी क्षेत्र जैसे कौड़ीराम और सहजनवा के लिए गोरखुपर सदर से चलाया जा रहा है।
हमारे ग्राउंड रिपोर्टिग में हमने पाया कि गोरखपुर बस डिपो से छात्र सघ व शास्त्री चौक होते हुए यह इलेक्ट्रिक बस (electric buses) कौड़ीराम और सहजनवा के लिए चल रही है। इस क्षेत्र में बस की नियमितता भी ज्यादा है और इसकी आवृत्ति भी बेहतर है।

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