एमएमएमयूटी गोरखपुर में आज इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) और नवीकरणीय ऊर्जा के भविष्य पर एक महत्वपूर्ण अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का भव्य शुभारंभ हुआ, जिसमें देश और विदेश के शीर्ष विशेषज्ञों ने भाग लिया। इस दो दिवसीय सम्मेलन, आई.सी.ई.–2025 का मुख्य उद्देश्य इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के क्षेत्र में नवाचारों और अनुसंधान को बढ़ावा देना है।

निर्भीक इंडिया (संवाददाता नवनीत मिश्रा)– सम्मेलन का सबसे आकर्षक पहलू मुख्य अतिथि प्रो. भीम सिंह का संबोधन रहा, जिन्होंने बताया कि भारत तकनीकी प्रगति के साथ-साथ EV क्रांति में भी एक अग्रणी भूमिका निभा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर सही दिशा में काम किया जाए तो सौर ऊर्जा का उपयोग इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्जिंग स्टेशनों में एक गेम-चेंजर साबित हो सकता है। यह बात न केवल ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा कदम है, बल्कि यह प्रदूषण नियंत्रण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
एमएमएमयूटी गोरखपुर में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी: प्रदूषण नियंत्रण और रोजगार का नया अवसर
प्रो. भीम सिंह ने अपने उद्घाटन भाषण में कहा कि इलेक्ट्रिक व्हीकल (EVs) केवल परिवहन का साधन नहीं, बल्कि प्रदूषण नियंत्रण और ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में एक मील का पत्थर हैं। उन्होंने विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में सोलर वॉटर पंप जैसी तकनीकों के उपयोग पर जोर दिया, जो ग्रीन टेक्नोलॉजी को अपनाने से न केवल पर्यावरण को लाभ पहुँचाएगा बल्कि नए उद्योग और रोजगार के अवसर भी पैदा करेगा। इस चर्चा ने यह स्पष्ट कर दिया कि इलेक्ट्रिक व्हीकल केवल शहरी क्षेत्रों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी सशक्त बना सकता है।
सम्मेलन में उपस्थित एक अन्य विशेषज्ञ, प्रो. आर. सी. बंसल ने सौर, पवन और बायो-एनर्जी जैसी तकनीकों पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि भारत के पास इन तकनीकों का उपयोग करके भविष्य का क्लीन एनर्जी लीडर बनने की पूरी क्षमता है। उनका मानना है कि यदि उद्योग और अकादमिक जगत मिलकर काम करें तो भारत अगले दशक में ऊर्जा निर्यातक राष्ट्र के रूप में उभर सकता है। यह विचार एक नई उम्मीद जगाता है और दिखाता है कि इलेक्ट्रिक व्हीकल और नवीकरणीय ऊर्जा एक साथ मिलकर देश की आर्थिक स्थिति को भी मजबूत कर सकते हैं।

एमएमएमयूटी गोरखपुर में ज्ञान का साझा मंच: अकादमिक और उद्योग का मिलन
विश्वविद्यालय के कुलपति एवं संरक्षक प्रो. जे. पी. सैनी ने इस आयोजन को शोधकर्ताओं, वैज्ञानिकों और उद्योग विशेषज्ञों के लिए एक अनूठा मंच बताया। उन्होंने कहा कि यह मंच विचारों के आदान-प्रदान और तकनीकी विकास को गति प्रदान करेगा। इस तरह के सम्मेलन भविष्य के लिए नई दिशाएँ तय करते हैं और शोध कार्यों को बढ़ावा देते हैं। आई.सी.ई.³–2025 जैसे आयोजन यह सुनिश्चित करते हैं कि भारत तकनीकी नवाचार के क्षेत्र में हमेशा आगे रहे।
इस दो दिवसीय सम्मेलन में देश-विदेश के कई प्रख्यात शिक्षाविदों और वैज्ञानिकों ने भाग लिया। उद्घाटन समारोह का संचालन आयोजन अध्यक्ष प्रो. एस. के. सोनी और प्रो. प्रभाकर तिवारी ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन डॉ. शिखा सिंह ने दिया। यह सम्मेलन न केवल ज्ञान का आदान-प्रदान करने का एक मंच है, बल्कि यह इलेक्ट्रिक व्हीकल और नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में भारत के बढ़ते प्रभाव का भी प्रमाण है।

निर्भीक इंडिया (NIRBHIK INDIA) एक समाचार पत्र नही अपितु 245 साल से भी लम्बे समय से चल रहे पत्रकारिता की विचारधारा है, जो हमेशा लोकतंत्र के चारो स्तम्भ को मान्यता देने एवं जनता सर्वोपरि की विचारों का प्रतिनिधित्वकत्र्ता है। आप सभी हमारे साथ जुड़े अपने तन, मन व धन से हमें ताकत दें जिससे कि हम आप (जनता) के लिए आप (जनता) के द्वारा, आप (जनता) के आदेशों पर केन्द्र से सवाल करते हुए एक पूर्ण लोकतंत्र बना सकें।

निर्भीक इंडिया केवल एक समाचार पत्र नहीं, बल्कि पत्रकारिता के उन मूल्यों का पुनर्जन्म है जो सदियों पुराने हैं। भारत के समाचार पत्रों के पंजीयक (RNI) द्वारा पंजीकृत, हमारे सफर की औपचारिक शुरुआत जून 2023 में हुई। तकनीकी रूप से हम अभी नए हैं, लेकिन हमारी वैचारिक जड़ें अत्यंत गहरी और समृद्ध हैं।
हम उस पत्रकारिता की विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं जिसका लिखित इतिहास 244 साल पुराना है। हम उस निर्भीकता का प्रतिनिधित्व करते हैं जिसने राजा राममोहन राय जैसे समाज सुधारकों के माध्यम से सती प्रथा और बाल विवाह जैसी कुरीतियों को जड़ से उखाड़ने में बड़ी भूमिका निभाई। हमारा उद्देश्य आज के दौर में उसी स्पष्टवादिता और साहस को जीवित रखना है। हम सिर्फ खबरें नहीं पहुँचाते, बल्कि समाज के सामने सच का आईना रखते हैं।
आइए, निर्भीक पत्रकारिता के इस अभियान में हमारे साथ जुड़ें और एक जागरूक भारत के निर्माण में सहभागी बनें।
———————————————————————————————————————–
Nirbhik India is a registered newspaper with the Registrar of Newspapers for India (RNI), officially embarking on its journey in June 2023. While we may be “young” in terms of our registration date, the spirit of journalism we represent is centuries old.
We carry forward a 244-year-old legacy of fearless reporting—a tradition that empowered visionaries like Raja Ram Mohan Roy to challenge deep-rooted social evils like Sati and child marriage. Even as a new entrant in the digital and print space, our commitment remains rooted in that same historic courage.
We don’t just report the news; we uphold the truth without fear or favor. Join us in this mission to revive authentic journalism. Be a part of our journey as we strive to keep the flame of truth burning bright in modern India.
Connect with us and support the voice of integrity.

You must be logged in to post a comment.