उत्तर रेलवे के गाजियाबाद रेलवे स्टेशन (Ghaziabad Railway Station) पर रेलवे प्रशासन ने कई महत्वपूर्ण विशेष ट्रेनों का ठहराव बढ़ाने का फैसला किया है। पहले जहाँ इन ट्रेनों का ठहराव केवल 2 मिनट का था, उसे बढ़ाकर अब 5 मिनट कर दिया गया है।

निर्भीक इंडिया (संवाददाता गोरखपुर)- यह फैसला यात्रियों, विशेषकर पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार के लोगों के लिए एक बड़ी राहत है, क्योंकि गाजियाबाद रेलवे स्टेशन (Ghaziabad Railway Station) एक प्रमुख जंक्शन है जो दिल्ली और NCR को इन क्षेत्रों से जोड़ता है। इस कदम से यात्रियों को ट्रेन में चढ़ने-उतरने के लिए पर्याप्त समय मिलेगा, जिससे यात्रा और भी सुविधाजनक और सुरक्षित हो जाएगी। गाजियाबाद स्टेशन पर ट्रेनों का ठहराव बढ़ाने का यह कदम रेलवे के यात्री केंद्रित दृष्टिकोण को दर्शाता है।
गाजियाबाद रेलवे स्टेशन (Ghaziabad Railway Station) पर ट्रेन ठहराव का महत्व और यात्रियों को लाभ
भारतीय रेलवे में किसी भी स्टेशन पर ट्रेनों का ठहराव समय एक महत्वपूर्ण कारक होता है। 2 मिनट का छोटा ठहराव अक्सर यात्रियों, विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों, बच्चों और भारी सामान ले जाने वालों के लिए असुविधाजनक होता है।
कई बार, यात्री जल्दबाजी में उतरते या चढ़ते समय दुर्घटना का शिकार हो जाते हैं। गाजियाबाद स्टेशन पर ट्रेनों का ठहराव 5 मिनट किए जाने से यह जोखिम कम होगा और यात्रियों को ट्रेन में आराम से बैठने या उतरने का मौका मिलेगा। इससे स्टेशन पर भीड़ प्रबंधन भी बेहतर होगा। यह निर्णय लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए विशेष रूप से फायदेमंद है, जो इस स्टेशन पर अक्सर रुकते हैं। यह यात्रियों के लिए सुरक्षा और सुविधा दोनों सुनिश्चित करता है।
गाजियाबाद रेलवे स्टेशन (Ghaziabad Railway Station) पर किन ट्रेनों को होगा रुकना
यह नया नियम कई प्रमुख विशेष ट्रेनों पर लागू किया गया है जो दिल्ली, नई दिल्ली, आनंद विहार टर्मिनस और गाजियाबाद को मानसी, दरभंगा, हसनपुर रोड, पाटलिपुत्र, गोरखपुर, सीतामढ़ी, जोगबनी, और पूर्णिया कोर्ट जैसे महत्वपूर्ण गंतव्यों से जोड़ती हैं।
- 04454/04453 नई दिल्ली-मानसी जं. विशेष: नई दिल्ली से यह ट्रेन 29 सितंबर, 2025 से गाजियाबाद स्टेशन पर 20:45 बजे पहुंचेगी और 20:50 बजे छूटेगी, जबकि मानसी से यह 01 अक्टूबर, 2025 से 02:10 बजे पहुंचेगी और 02:15 बजे छूटेगी।
- 04450/04449 नई दिल्ली-दरभंगा विशेष: नई दिल्ली से यह ट्रेन 29 सितंबर, 2025 से 15:50 बजे गाजियाबाद पहुंचेगी और 15:55 बजे रवाना होगी, जबकि दरभंगा से यह 30 सितंबर, 2025 से 22:07 बजे पहुंचेगी और 22:12 बजे छूटेगी।
- 04098/04097 नई दिल्ली-हसनपुर रोड विशेष: नई दिल्ली से यह ट्रेन 01 अक्टूबर, 2025 से 10:15 बजे गाजियाबाद पहुंचेगी और 10:20 बजे छूटेगी।
- 04096/04495 आनंद विहार टर्मिनस-पाटलिपुत्र विशेष: आनंद विहार से यह ट्रेन 21 सितंबर, 2025 से 00:45 बजे गाजियाबाद पहुंचेगी और 00:50 बजे छूटेगी।
- 04022/04021 नई दिल्ली-गोरखपुर विशेष: नई दिल्ली से यह ट्रेन 19 सितंबर, 2025 से 14:49 बजे गाजियाबाद पहुंचेगी और 14:54 बजे छूटेगी।
- 04016/04415 आनंद विहार-सीतामढ़ी विशेष: आनंद विहार से यह ट्रेन 29 सितंबर, 2025 से 16:15 बजे गाजियाबाद पहुंचेगी और 16:20 बजे छूटेगी।
- 04010/04009 दिल्ली-सीतामढ़ी विशेष: दिल्ली से यह ट्रेन 02 अक्टूबर, 2025 से 23:49 बजे गाजियाबाद पहुंचेगी और 23:54 बजे छूटेगी।
- 04008/04007 आनंद विहार टर्मिनस-जोगबनी विशेष: आनंद विहार से यह ट्रेन 20 सितंबर, 2025 से 09:15 बजे गाजियाबाद पहुंचेगी और 09:20 बजे छूटेगी।
- 05058/05057 दिल्ली-गोरखपुर विशेष: दिल्ली से यह ट्रेन 19 सितंबर से 31 अक्टूबर, 2025 तक 14:49 बजे गाजियाबाद पहुंचेगी।
- 05580/05579 आनंद विहार-पूर्णिया कोर्ट विशेष: आनंद विहार से यह ट्रेन 19 सितंबर से 31 अक्टूबर, 2025 तक 05:45 बजे गाजियाबाद पहुंचेगी।
- 05576/05575 आनंद विहार-सहरसा विशेष: आनंद विहार से यह ट्रेन 23 सितंबर से 04 नवंबर, 2025 तक 05:45 बजे गाजियाबाद पहुंचेगी।
गाजियाबाद रेलवे स्टेशन (Ghaziabad Railway Station)का फैसला यात्री केंद्रित
यह निर्णय रेलवे प्रशासन की उस नीति का हिस्सा है जिसके तहत यात्रियों की सुविधा और संरक्षा को प्राथमिकता दी जाती है। गाजियाबाद जंक्शन पर बढ़ती भीड़ और ट्रेनों की आवाजाही को देखते हुए, यह बदलाव बहुत आवश्यक था।
इस कदम से न सिर्फ गाजियाबाद के स्थानीय यात्रियों को फायदा होगा, बल्कि दिल्ली-एनसीआर से बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश की ओर जाने वाले लाखों यात्री भी लाभान्वित होंगे। यह रेलवे के भविष्य की योजना को भी दर्शाता है, जहां छोटे-छोटे बदलावों के माध्यम से भी यात्रियों की यात्रा को और बेहतर बनाया जा रहा है।

निर्भीक इंडिया (NIRBHIK INDIA) एक समाचार पत्र नही अपितु 245 साल से भी लम्बे समय से चल रहे पत्रकारिता की विचारधारा है, जो हमेशा लोकतंत्र के चारो स्तम्भ को मान्यता देने एवं जनता सर्वोपरि की विचारों का प्रतिनिधित्वकत्र्ता है। आप सभी हमारे साथ जुड़े अपने तन, मन व धन से हमें ताकत दें जिससे कि हम आप (जनता) के लिए आप (जनता) के द्वारा, आप (जनता) के आदेशों पर केन्द्र से सवाल करते हुए एक पूर्ण लोकतंत्र बना सकें।

निर्भीक इंडिया केवल एक समाचार पत्र नहीं, बल्कि पत्रकारिता के उन मूल्यों का पुनर्जन्म है जो सदियों पुराने हैं। भारत के समाचार पत्रों के पंजीयक (RNI) द्वारा पंजीकृत, हमारे सफर की औपचारिक शुरुआत जून 2023 में हुई। तकनीकी रूप से हम अभी नए हैं, लेकिन हमारी वैचारिक जड़ें अत्यंत गहरी और समृद्ध हैं।
हम उस पत्रकारिता की विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं जिसका लिखित इतिहास 244 साल पुराना है। हम उस निर्भीकता का प्रतिनिधित्व करते हैं जिसने राजा राममोहन राय जैसे समाज सुधारकों के माध्यम से सती प्रथा और बाल विवाह जैसी कुरीतियों को जड़ से उखाड़ने में बड़ी भूमिका निभाई। हमारा उद्देश्य आज के दौर में उसी स्पष्टवादिता और साहस को जीवित रखना है। हम सिर्फ खबरें नहीं पहुँचाते, बल्कि समाज के सामने सच का आईना रखते हैं।
आइए, निर्भीक पत्रकारिता के इस अभियान में हमारे साथ जुड़ें और एक जागरूक भारत के निर्माण में सहभागी बनें।
———————————————————————————————————————–
Nirbhik India is a registered newspaper with the Registrar of Newspapers for India (RNI), officially embarking on its journey in June 2023. While we may be “young” in terms of our registration date, the spirit of journalism we represent is centuries old.
We carry forward a 244-year-old legacy of fearless reporting—a tradition that empowered visionaries like Raja Ram Mohan Roy to challenge deep-rooted social evils like Sati and child marriage. Even as a new entrant in the digital and print space, our commitment remains rooted in that same historic courage.
We don’t just report the news; we uphold the truth without fear or favor. Join us in this mission to revive authentic journalism. Be a part of our journey as we strive to keep the flame of truth burning bright in modern India.
Connect with us and support the voice of integrity.

You must be logged in to post a comment.