गोरखपुर स्वास्थ्य विभाग ने एक नई प्रेस विज्ञप्ति जारी कर शहर में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का बड़ा दावा किया है। विभाग के अनुसार, शहर के घनी आबादी वाले इलाके में पुर्दिलपुर सिटी पॉलीक्लिनिक (Gorakhpur City Polyclinic) अब पूरी तरह से शुरू हो गया है।

निर्भीक इंडिया (संवाददाता नवनीत मिश्रा)- आधिकारिक दावे के मुताबिक, शुक्रवार को महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव ने फीता काटकर इस नए क्लिनिक का उद्घाटन किया। विभाग का कहना है कि यहाँ मरीजों को बेहतरीन ओपीडी की सुविधा दी जाएगी, हालाँकि ‘निर्भीक इंडिया’ ने अभी इसकी जमीनी पड़ताल नहीं की है।
गोरखपुर सिटी पॉलीक्लिनिक (Gorakhpur City Polyclinic): स्वास्थ्य विभाग का नया कागजी दावा
सीएमओ डॉ. राजेश झा ने इस दौरान दावा किया कि प्रदेश का पहला सिटी पॉलीक्लिनिक बसंतपुर में दिसंबर माह से ही सफलतापूर्वक संचालित हो रहा है। प्रशासन के जारी आंकड़ों के अनुसार वहां अब तक 1670 लाभार्थी स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ ले चुके हैं।
स्वास्थ्य महकमे की तरफ से यह तर्क दिया जा रहा है कि पुर्दिलपुर सिटी पॉलीक्लिनिक (Purdilpur City Polyclinic) के शुरू होने से जिला अस्पताल का भारी बोझ कम होगा। विभाग का दावा है कि शहर के मरीजों को अब उच्च स्तरीय चिकित्सा अपने घर के पास ही मिल सकेगी।
गोरखपुर सिटी पॉलीक्लिनिक (Gorakhpur City Polyclinic): मुफ्त दवाओं और जांच के बड़े वादे
सीएमओ डॉ. झा ने बताया कि इस नए क्लिनिक पर 195 प्रकार की मुफ्त दवाएं (195 Types of Free Medicines) मरीजों को बिल्कुल निःशुल्क मिलेंगी। यह दावा कितना सच है, यह तो आने वाले दिनों में मरीजों की प्रतिक्रिया से ही साफ हो पाएगा।
स्वास्थ्य विभाग ने यह भी दावा किया है कि इस क्लिनिक पर 27 प्रकार की निःशुल्क पैथोलॉजी जांच (Free Pathology Tests) तत्काल हो जाएंगी। वहीं, 46 अन्य प्रकार की जटिल जांचों के लिए सैम्पल ट्रांसपोर्ट सुविधा (Sample Transport Facility) शुरू करने की बात कही गई है।
प्रशासन के अनुसार, पुर्दिलपुर सिटी पॉलीक्लिनिक (Purdilpur City Polyclinic) पर निजी क्षेत्र के दो विशेषज्ञ डॉक्टर सुबह नौ बजे से शाम चार बजे तक मौजूद रहेंगे। यहाँ फिजिशियन, स्त्री रोग, श्वसन रोग और बाल रोग की विशेषज्ञ चिकित्सक सेवाएं (Specialist Doctor Services) देने का वादा किया गया है।
विभाग का दावा है कि ये विशेषज्ञ चिकित्सक सेवाएं (Specialist Doctor Services) सोमवार से शनिवार तक लगातार मिलेंगी। अब देखना यह है कि क्या वास्तव में निजी डॉक्टर तय समय पर इस सरकारी पॉलीक्लिनिक में बैठकर गरीब मरीजों का मुफ्त और सही इलाज करेंगे या नहीं।
गोरखपुर सिटी पॉलीक्लिनिक (Gorakhpur City Polyclinic) और दावों की जमीनी हकीकत का इंतजार
उद्घाटन के बाद महापौर डॉ. मंगलेश ने मीडिया से बात करते हुए योगी सरकार स्वास्थ्य योजनाएं (Yogi Government Health Schemes) की जमकर तारीफ की। उन्होंने दावा किया कि इस सुविधा से स्थानीय स्तर पर जांच और अच्छी चिकित्सा सेवा मिलना हर हाल में सुनिश्चित होगा।
सीएमओ ने बसंतपुर पॉलीक्लिनिक के आंकड़े पेश करते हुए दावा किया कि वहां सैम्पल ट्रांसपोर्ट सुविधा (Sample Transport Facility) के जरिए 4109 सैम्पल ट्रांसपोर्ट हुए हैं। विभाग के अनुसार, वहां स्त्री, बाल, ईएनटी, ऑर्थो और स्किन के विशेषज्ञ प्रतिदिन सेवाएं दे रहे हैं।
इस उद्घाटन कार्यक्रम में स्थानीय पार्षद, एसीएमओ डॉ. एके चौधरी, एसीएमओ डॉ. विनय पांडेय सहित एनएचएम और कई सहयोगी संस्थाओं के अधिकारियों के मौजूद रहने का दावा किया गया है। पुर्दिलपुर सिटी पॉलीक्लिनिक (Purdilpur City Polyclinic) का यह उद्घाटन पूरी तरह से एक प्रशासनिक आयोजन रहा।
स्वास्थ्य विभाग ने इस प्रेस विज्ञप्ति के जरिए बड़े और लुभावने दावे तो कर दिए हैं, लेकिन असलियत क्या है? ‘निर्भीक इंडिया’ जल्द ही इस पुर्दिलपुर सिटी पॉलीक्लिनिक (Purdilpur City Polyclinic) की स्वतंत्र ‘ग्राउंड रिपोर्ट’ करेगा और इन सभी सरकारी दावों की जमीनी हकीकत जनता के सामने लाएगा।

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Navneet Mishra is a seasoned journalist currently associated with Nirbhik India and its digital portal, nirbhikindia.in. With over six years of experience across print and digital platforms, Navneet specializes in politics, sports, economics, and geopolitics.
A Master’s graduate in Mass Communication from Deen Dayal Upadhyay Gorakhpur University, he is also a dedicated media scholar. His academic research focuses on “the pivotal role of Gorakhpur’s Hindi newspapers during the Indian freedom struggle against the British Crown”. Before joining Nirbhik India, Navneet spent five years at Adarsh Jeevan and gained valuable field experience at Amar Ujala Gorakhpur as training reporter only for 5 days.
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नवनीत मिश्रा वर्तमान में ‘निर्भीक इंडिया’ मीडिया समूह से जुड़े हैं। उन्होंने दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स किया है। पत्रकारिता के अपने 6 वर्षों के सफर में उन्होंने प्रिंट और डिजिटल दोनों डेस्क पर काम किया है। उनके शोध का विषय ब्रिटिश शासन के खिलाफ गोरखपुर के अखबारों का योगदान रहा है, जो उनकी ऐतिहासिक समझ को दर्शाता है। वे राजनीति, अर्थव्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय मामलों (Geopolitics) पर निरंतर लिखते रहे हैं। ‘आदर्श जीवन’ दैनिक में 5 साल का कार्यकाल और ‘अमर उजाला’ गोरखपुर में ट्रेनिंग रिपोर्टिंग के तौर पर मात्र 5 दिन काम क्या है उनकी लेखनी को और भी निखारता है।

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