उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में अपराध पर लगाम लगाने के लिए चलाए जा रहे पुलिस अभियान में एक बड़ी और चौंकाने वाली सफलता हाथ लगी है। गोरखपुर पुलिस का भंडाफोड़ (Gorakhpur Police Busted) एक ऐसे शातिर चोर गिरोह का हुआ है, जिसका काम करने का तरीका सुनकर हर कोई हैरान है। प्रभारी निरीक्षक वेद प्रकाश शर्मा और उप-निरीक्षक सौरभ कुमार झा की टीम ने 16 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है।

निर्भीक इंडिया संवाददाता (नवनीत मिश्र )- पुलिस की इस बड़ी कार्रवाई में महिलाओं सहित कुल 16 लोग पकड़े गए हैं। इस शातिर चोर गिरोह (Vicious Thief Gang) के गिरफ्तार होने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। पुलिस ने इनके पास से चोरी का माल, नकदी और कई रहस्यमयी चीजें बरामद की हैं। यह सख्त कार्रवाई अपराध संख्या 63/2026 के तहत अमल में लाई गई है।
गोरखपुर पुलिस का भंडाफोड़ (Gorakhpur Police Busted): नकली सांप से दहशत और चोरी
इस पूरी घटना की शुरुआत 20 फरवरी 2026 को हुई थी। अज्ञात महिलाओं के एक समूह ने वादिनी और उसकी बहन को अपना निशाना बनाया था। भीड़भाड़ का फायदा उठाकर इन शातिर महिलाओं ने दो सोने की चेन और एक अंगूठी पार कर दी थी। पीड़िता की लिखित शिकायत पर पुलिस ने तुरंत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी।
घटना के तुरंत बाद पुलिस एक्शन में आई और चेकिंग अभियान तेज कर दिया गया। इसी कड़ी में गोरखपुर पुलिस का भंडाफोड़ (Gorakhpur Police Busted) रंग लाया और इस पूरे क्रिमिनल नेटवर्क को धर दबोचा गया। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से न केवल चोरी गया कीमती सामान वापस मिला, बल्कि आम जनता ने भी बड़ी राहत की सांस ली है।

गोरखपुर पुलिस का भंडाफोड़ (Gorakhpur Police Busted): बरामदगी देखकर उड़े पुलिस के होश
इस शातिर चोर गिरोह (Vicious Thief Gang) के गिरफ्तार होने के बाद जब पुलिस ने सघन तलाशी ली, तो बरामद सामान देखकर आला अधिकारी भी दंग रह गए। आरोपियों के पास से 4 रबर के नकली सांप और 3 रबर की नकली छिपकलियां मिली हैं। जांच में यह हैरान करने वाली बात सामने आई कि ये लोग महिलाओं और बच्चों को इन नकली जीवों से डराकर या उनका ध्यान भटकाकर चोरी की वारदात को अंजाम देते थे।
पुलिस ने मुख्य आरोपिता मंजू और सुनीता के पास से चोरी की गई दोनों पीली धातु (सोने) की चेन सफलतापूर्वक बरामद कर ली है। इसके अलावा इनके पास से 8 नेलकटर, 2 झांग भटकुइयां और 4 एंड्रॉइड मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं। यह गिरोह बेहद सुनियोजित तरीके से वारदातों को अंजाम देता था और किसी को शक भी नहीं होने देता था।
गोरखपुर पुलिस का भंडाफोड़ (Gorakhpur Police Busted) हुआ तो यह भी सामने आया कि यह कोई आम गैंग नहीं था। वारदात के बाद भागने और रेकी करने के लिए ये लोग लग्जरी गाड़ियों का इस्तेमाल करते थे। पुलिस ने इनके पास से 5 चार पहिया वाहन बरामद किए हैं, जो इस बात का पक्का सबूत हैं कि इनका आपराधिक नेटवर्क काफी दूर तक फैला था।
तलाशी के दौरान गिरोह के सदस्यों के पास से 8 चिटबंदी में कुल 45,940 रुपये नकद भी बरामद हुए हैं। पुलिस ने भारी बरामदगी के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 310(4) और 207 एमवी एक्ट के तहत एक नया मुकदमा (मु.अ.सं. 64/2026) पंजीकृत कर लिया है। अब सभी 16 आरोपियों से कड़ी पूछताछ की जा रही है।
गोरखपुर पुलिस का भंडाफोड़ (Gorakhpur Police Busted): आरोपियों का लंबा है आपराधिक इतिहास
गिरफ्तार किए गए 16 आरोपियों में से कई का पुराना और काफी लंबा आपराधिक इतिहास रहा है। इस शातिर चोर गिरोह (Vicious Thief Gang) का रिकॉर्ड खंगालने पर कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। विशेष रूप से मंजू देवी और सुनीता नाम की महिलाओं पर पहले से ही अलग-अलग जिलों में कई गंभीर मामले दर्ज पाए गए हैं।
गोरखपुर पुलिस का भंडाफोड़ (Gorakhpur Police Busted) यह स्पष्ट करता है कि आरोपिता सुनीता के खिलाफ थाना चौरी चौरा और प्रयागराज के थरवई थाने में चोरी (धारा 379, 411) के मामले पहले से दर्ज हैं। इसी तरह, मंजू देवी के खिलाफ भी इटावा के सिविल लाइन और बस्ती के सोनहा थाने में चोरी और झपटमारी (धारा 356, 379, 411) के गंभीर मुकदमे चल रहे हैं।
पुलिस टीम ने देवरिया, गोरखपुर और गाजीपुर के रहने वाले कई पुरुषों को भी इस बड़े नेटवर्क के साथ पकड़ा है। इनमें आदित्य राना, विजय, नंदू साहनी, रामजनक, अजय खरवार और पिंटू कुमार जैसे नाम शामिल हैं। ये सभी मिलकर महिलाओं के साथ एक सिंडिकेट की तरह काम करते थे और योजनाबद्ध तरीके से भोली-भाली जनता को अपना शिकार बनाते थे।
वर्तमान में सभी 16 आरोपियों के खिलाफ कड़ी अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है। गोरखपुर पुलिस का भंडाफोड़ (Gorakhpur Police Busted) कर प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि जिले में किसी भी तरह का अपराध बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बीएनएस की धारा 303(2) और 317(2) के तहत सख्त सजा सुनिश्चित की जा रही है।

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Navneet Mishra is a seasoned journalist currently associated with Nirbhik India and its digital portal, nirbhikindia.in. With over six years of experience across print and digital platforms, Navneet specializes in politics, sports, economics, and geopolitics.
A Master’s graduate in Mass Communication from Deen Dayal Upadhyay Gorakhpur University, he is also a dedicated media scholar. His academic research focuses on “the pivotal role of Gorakhpur’s Hindi newspapers during the Indian freedom struggle against the British Crown”. Before joining Nirbhik India, Navneet spent five years at Adarsh Jeevan and gained valuable field experience at Amar Ujala Gorakhpur as training reporter only for 5 days.
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नवनीत मिश्रा वर्तमान में ‘निर्भीक इंडिया’ मीडिया समूह से जुड़े हैं। उन्होंने दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स किया है। पत्रकारिता के अपने 6 वर्षों के सफर में उन्होंने प्रिंट और डिजिटल दोनों डेस्क पर काम किया है। उनके शोध का विषय ब्रिटिश शासन के खिलाफ गोरखपुर के अखबारों का योगदान रहा है, जो उनकी ऐतिहासिक समझ को दर्शाता है। वे राजनीति, अर्थव्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय मामलों (Geopolitics) पर निरंतर लिखते रहे हैं। ‘आदर्श जीवन’ दैनिक में 5 साल का कार्यकाल और ‘अमर उजाला’ गोरखपुर में ट्रेनिंग रिपोर्टिंग के तौर पर मात्र 5 दिन काम क्या है उनकी लेखनी को और भी निखारता है।

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