उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में पुलिस ने संगठित अपराध और माफिया राज की कमर तोड़ने के लिए एक बहुत बड़ा और सख्त कदम उठाया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) गोरखपुर के कड़े और स्पष्ट निर्देशों पर जिले के अलग-अलग थानों में सक्रिय कई कुख्यात अपराधियों को आधिकारिक रूप से ‘दुराचारी’ (Bad Character) घोषित कर दिया गया है।

निर्भीक इंडिया (संवाददाता नवनीत मिश्रा)- इन अपराधियों के काले कारनामों और लंबे आपराधिक इतिहास को देखते हुए पुलिस ने इनके खिलाफ सख्त ‘बी’ क्लास हिस्ट्रीशीट (‘B’ Class History Sheet) खोल दी है। इन सभी अपराधियों पर अब पुलिस की पैनी नजर रहेगी और इनकी हर गतिविधि की नियमित निगरानी की जाएगी।
गोरखपुर पुलिस हिस्ट्रीशीटर लिस्ट 2026 (Gorakhpur Police History Sheeter List 2026): शहर के 4 बड़े अपराधियों पर पुलिस का शिकंजा
पुलिस प्रशासन द्वारा जारी की गई इस ताज़ा गोरखपुर पुलिस हिस्ट्रीशीटर लिस्ट 2026 (Gorakhpur Police History Sheeter List 2026) में शहर के चार बड़े और कुख्यात अपराधियों के नाम शामिल किए गए हैं। इन पर हत्या, लूट, जमीन कब्जाने, देह व्यापार और रंगदारी जैसे दर्जनों संगीन मामले दर्ज हैं।
इस लिस्ट में थाना कैंट, शाहपुर और एम्स थाना पुलिस (Shahpur and AIIMS Thana Police) क्षेत्र के अपराधी शामिल हैं। आइए, इस गोरखपुर पुलिस हिस्ट्रीशीटर लिस्ट 2026 (Gorakhpur Police History Sheeter List 2026) में शामिल इन चारों अपराधियों के खौफनाक और लंबे आपराधिक इतिहास पर एक विस्तृत नजर डालते हैं।
गोरखपुर पुलिस हिस्ट्रीशीटर लिस्ट 2026 (Gorakhpur Police History Sheeter List 2026): रमन सिंह और सत्यवान यादव के काले कारनामे
थाना कैंट क्षेत्र का रमन सिंह इस लिस्ट का सबसे पहला नाम है। बेतियाहाता निवासी रमन सिंह (पुत्र शिवप्रताप सिंह) का आपराधिक रिकॉर्ड साल 2005 से ही पुलिस की फाइलों में दर्ज है। उस पर थाना कैंट, खोराबार और गोरखनाथ में कुल 15 गंभीर मुकदमे दर्ज हैं।
रमन सिंह पर 307 (जानलेवा हमला), 302 (हत्या), 394 (लूट), और यूपी गैंगस्टर एक्ट और गुंडा एक्ट (UP Gangster Act and Gunda Act) जैसी अत्यंत गंभीर धाराओं के तहत मामले दर्ज हैं। 2005 से लेकर 2025 (BNS) तक वह लगातार अपराध की दुनिया में सक्रिय रहा है, इसलिए पुलिस ने उसे दुराचारी घोषित किया है।
इस गोरखपुर पुलिस हिस्ट्रीशीटर लिस्ट 2026 (Gorakhpur Police History Sheeter List 2026) का दूसरा सबसे बड़ा नाम थाना शाहपुर क्षेत्र का सत्यवान यादव है। मोहनपुर ओवरटोला निवासी सत्यवान यादव (पुत्र प्रहलाद यादव) शहर का एक बहुत बड़ा जालसाज है।
सत्यवान पर मुख्य रूप से गोरखपुर जमीन फर्जीवाड़ा (Gorakhpur Land Fraud) के एक दर्जन (12) से अधिक मामले दर्ज हैं। उसने पिपराइच और शाहपुर थानों में लोगों की जमीनों को हड़पने, 420 (धोखाधड़ी), 467/468 (फर्जी दस्तावेज बनाना) और एससी-एसटी एक्ट के तहत कई गंभीर अपराधों को अंजाम दिया है। इस जालसाज पर लगाम कसने के लिए ही ‘बी’ क्लास हिस्ट्रीशीट (‘B’ Class History Sheet) खोली गई है।

गोरखपुर पुलिस हिस्ट्रीशीटर लिस्ट 2026 (Gorakhpur Police History Sheeter List 2026): देह व्यापार और अवैध शराब के माफिया
इस लिस्ट का तीसरा और सबसे चौंकाने वाला नाम अनुराग सिंह (पुत्र राजेश सिंह) का है। मूल रूप से देवरिया का रहने वाला अनुराग वर्तमान में गीता वाटिका (शाहपुर) में रहकर अपराध का एक बेहद घिनौना सिंडिकेट चला रहा था।
उस पर पुलिस ने कुल 8 गंभीर मुकदमे दर्ज किए हैं। सबसे सनसनीखेज बात यह है कि अनुराग पर अनैतिक देह व्यापार निवारण अधिनियम (Immoral Trafficking Act), पॉक्सो एक्ट और हत्या के प्रयास (307) जैसे खौफनाक मामले रामगढ़ताल और शाहपुर थानों में दर्ज हैं। इस खतरनाक देह व्यापार सिंडिकेट को खत्म करने के लिए ही उस पर यूपी गैंगस्टर एक्ट और गुंडा एक्ट (UP Gangster Act and Gunda Act) भी लगाया गया है।
गोरखपुर पुलिस हिस्ट्रीशीटर लिस्ट 2026 (Gorakhpur Police History Sheeter List 2026) का चौथा नाम रजत अग्रहरी उर्फ कल्लन (पुत्र शंभूनाथ अग्रहरी) का है। सोनारी गली, कूड़ाघाट का रहने वाला यह अपराधी थाना कैंट, बांसगांव और एम्स थाना पुलिस (Shahpur and AIIMS Thana Police) के लिए लंबे समय से सिरदर्द बना हुआ था।
रजत अग्रहरी पर कुल 9 मुकदमे दर्ज हैं, जिनमें अवैध आबकारी अधिनियम (शराब तस्करी), आर्म्स एक्ट (अवैध हथियार), जुआ अधिनियम और जानलेवा हमला शामिल हैं। पुलिस ने इन चारों अपराधियों की ‘बी’ क्लास हिस्ट्रीशीट (‘B’ Class History Sheet) खोलकर शहर के बाकी अपराधियों को भी यह सख्त और स्पष्ट संदेश दे दिया है कि अब अपराध का रास्ता सिर्फ और सिर्फ जेल या पुलिस की सख्ती की ओर ही जाता है।

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Navneet Mishra is a seasoned journalist currently associated with Nirbhik India and its digital portal, nirbhikindia.in. With over six years of experience across print and digital platforms, Navneet specializes in politics, sports, economics, and geopolitics.
A Master’s graduate in Mass Communication from Deen Dayal Upadhyay Gorakhpur University, he is also a dedicated media scholar. His academic research focuses on “the pivotal role of Gorakhpur’s Hindi newspapers during the Indian freedom struggle against the British Crown”. Before joining Nirbhik India, Navneet spent five years at Adarsh Jeevan and gained valuable field experience at Amar Ujala Gorakhpur as training reporter only for 5 days.
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नवनीत मिश्रा वर्तमान में ‘निर्भीक इंडिया’ मीडिया समूह से जुड़े हैं। उन्होंने दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स किया है। पत्रकारिता के अपने 6 वर्षों के सफर में उन्होंने प्रिंट और डिजिटल दोनों डेस्क पर काम किया है। उनके शोध का विषय ब्रिटिश शासन के खिलाफ गोरखपुर के अखबारों का योगदान रहा है, जो उनकी ऐतिहासिक समझ को दर्शाता है। वे राजनीति, अर्थव्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय मामलों (Geopolitics) पर निरंतर लिखते रहे हैं। ‘आदर्श जीवन’ दैनिक में 5 साल का कार्यकाल और ‘अमर उजाला’ गोरखपुर में ट्रेनिंग रिपोर्टिंग के तौर पर मात्र 5 दिन काम क्या है उनकी लेखनी को और भी निखारता है।

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