गोरखपुर और बस्ती मंडल के हार्ट अटैक मरीजों के लिए एक बड़ी और जीवनदायिनी खबर है। अब हार्ट अटैक आने पर मरीजों की जान बचाने की राह बेहद आसान होने वाली है। इसके लिए गोरखपुर स्टेमी नेटवर्क व्हाट्सएप (Gorakhpur STEMI Network WhatsApp) प्रणाली को सक्रिय किया जा रहा है, जो ‘ह्रदय सेतु’ कार्यक्रम के तहत काम करेगा।

निर्भीक इंडिया संवाददाता (नवनीत मिश्र)- शनिवार को इस नई और आधुनिक व्यवस्था को धरातल पर उतारने के लिए दोनों मंडलों के चिकित्सा अधिकारियों और स्वास्थ्यकर्मियों को विशेष रूप से प्रशिक्षित किया गया है। इस नई प्रणाली के तहत मरीजों को उनके नजदीकी अस्पताल में ही तुरंत हार्ट अटैक प्राइमरी ट्रीटमेंट फर्स्ट एड (Heart Attack primary treatment First Aid) उपलब्ध कराया जाएगा।
Gorakhpur STEMI Network WhatsApp से मिलेगी नई जिंदगी
इसके बाद, बीआरडी मेडिकल कॉलेज में बने मुख्य हब में मरीज को सरकारी एम्बुलेंस की मदद से समय रहते सुरक्षित पहुंचाया जाएगा। गोरखपुर स्टेमी नेटवर्क व्हाट्सएप (Gorakhpur STEMI Network WhatsApp) के जरिए मरीजों का मेडिकल डेटा पहले ही हब तक पहुंच जाएगा, जिससे अस्पताल पहुंचने पर बिना समय गंवाए प्राथमिकता के साथ उनका सटीक इलाज शुरू हो सकेगा।
इस महत्वपूर्ण प्रशिक्षण कार्यक्रम का भव्य उद्घाटन कई वरिष्ठ स्वास्थ्य अधिकारियों की मौजूदगी में हुआ। महानिदेशक प्रशिक्षण डॉ रंजना खरे, एडी हेल्थ डॉ जयंत कुमार, और बीआरडी मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ राम कुमार जायसवाल ने इस पहल की शुरुआत की।
कार्यक्रम में सीएमओ डॉ राजेश झा गोरखपुर (CMO Dr Rajesh Jha Gorakhpur) और कॉलेज के हृदय रोग विभाग के अध्यक्ष डॉ अजहर कार्डियोलॉजी बीआरडी मेडिकल कॉलेज (Dr Azhar Cardiology BRD Medical College) ने भी इस नई व्यवस्था की रूपरेखा और इसके फायदों के बारे में विस्तार से चर्चा की।
इस ट्रेनिंग का सबसे बड़ा तात्कालिक प्रभाव यह होगा कि एफआरयू यूपी हेल्थ (FRU (First Referral Unit) UP Health) के सभी चिकित्सा अधिकारी, स्टाफ नर्स और फार्मासिस्ट हार्ट अटैक के मामलों की शीघ्र पहचान करने में सक्षम होंगे। गोरखपुर स्टेमी नेटवर्क व्हाट्सएप (Gorakhpur STEMI Network WhatsApp) से जुड़ने के बाद, ये मास्टर ट्रेनर्स अपने-अपने अस्पतालों के सभी स्टाफ को प्रशिक्षित करेंगे। इससे ग्रामीण और दूर-दराज के क्षेत्रों के स्थानीय अस्पताल भी दिल के मरीजों के लिए एक बड़ा वरदान साबित होंगे।
Gorakhpur STEMI Network WhatsApp : कैसे करेगा काम?
प्रशिक्षण के दौरान विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया कि हार्ट अटैक के मामलों में ‘गोल्डन ऑवर’ (शुरुआती एक घंटा) सबसे अहम होता है। मरीज को जल्द से जल्द नजदीकी एफआरयू यूपी हेल्थ (FRU (First Referral Unit) UP Health) केंद्र पर पहुंचाना होगा।
वहां तुरंत ईसीजी (ECG) करने के बाद, मेडिकल स्टाफ मरीज की रिपोर्ट को सीधे गोरखपुर स्टेमी नेटवर्क व्हाट्सएप (Gorakhpur STEMI Network WhatsApp) ग्रुप में साझा कर देगा। यह हाई-टेक ग्रुप बीआरडी मेडिकल कॉलेज के वरिष्ठ विशेषज्ञ डॉक्टरों से सीधे जुड़ा रहेगा।
व्हाट्सएप ग्रुप में रिपोर्ट आते ही हब पर मौजूद विशेषज्ञ तुरंत उसका विश्लेषण करेंगे और स्थानीय डॉक्टरों को जरूरी निर्देश देंगे। हब से मिले निर्देशों के अनुसार, स्थानीय स्तर पर ही थ्रोम्बोलिसिस (Thrombolysis) की प्रक्रिया पूरी की जाएगी, जो हार्ट अटैक प्राइमरी ट्रीटमेंट फर्स्ट एड (Heart Attack primary treatment First Aid) का एक बेहद अहम हिस्सा है। इसके तुरंत बाद मरीज को बिना किसी देरी के सरकारी एंबुलेंस से बीआरडी मेडिकल कॉलेज (हब) के लिए रेफर कर दिया जाएगा।
गोरखपुर स्टेमी नेटवर्क व्हाट्सएप (Gorakhpur STEMI Network WhatsApp) की सबसे बड़ी खासियत यह है कि मरीज के हब पर पहुंचने से पहले ही उसकी पूरी मेडिकल हिस्ट्री और ईसीजी रिपोर्ट डॉक्टरों के पास उपलब्ध होगी। डॉ अजहर कार्डियोलॉजी बीआरडी मेडिकल कॉलेज (Dr Azhar Cardiology BRD Medical College) के नेतृत्व में कार्डियोलॉजी टीम पहले से ही अलर्ट मोड पर रहेगी। इस तरह मरीज को अस्पताल पहुंचते ही सीधे और प्राथमिकता के साथ इलाज मिल सकेगा, जिससे मृत्यु दर में भारी कमी आने की उम्मीद है।
इस विस्तृत कार्यक्रम के आयोजन में डिप्टी सीएमओ डॉ अश्वनी चौरसिया और डॉ एसके मिश्रा का विशेष योगदान रहा। प्रशिक्षण सत्र के दौरान उपस्थित सभी स्वास्थ्यकर्मियों को सीपीआर ट्रेनिंग इन हिंदी (CPR Training in Hindi) भी दी गई। विशेषज्ञों ने बताया कि दिल का दौरा पड़ने पर तुरंत सीपीआर कैसे दिया जाना चाहिए। आम जनता को हार्ट अटैक के मामलों में गोल्डन ऑवर के महत्व और हार्ट अटैक प्राइमरी ट्रीटमेंट फर्स्ट एड (Heart Attack primary treatment First Aid) के बारे में विशेष तौर पर जागरूक करने पर भी जोर दिया गया।

Gorakhpur STEMI Network WhatsApp : भविष्य की तैयारी
इस स्वास्थ्य पहल को और मजबूत बनाने के लिए महानिदेशक प्रशिक्षण डॉ रंजना खरे ने जिले के एएनएमटीसी (ANMTC) केंद्र का भी औचक निरीक्षण किया। उन्होंने वहां प्रशिक्षण प्राप्त कर रही एएनएम छात्राओं के साथ सीधा संवाद किया और भविष्य की स्वास्थ्य चुनौतियों पर चर्चा की। सीएमओ डॉ राजेश झा गोरखपुर (CMO Dr Rajesh Jha Gorakhpur) को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि केंद्रों पर गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं तत्काल सुनिश्चित की जाएं ताकि मरीजों को बेहतरीन सेवाएं मिल सकें।
गोरखपुर स्टेमी नेटवर्क व्हाट्सएप (Gorakhpur STEMI Network WhatsApp) का यह प्रोजेक्ट केवल शहरों तक सीमित नहीं रहेगा। एफआरयू यूपी हेल्थ (FRU (First Referral Unit) UP Health) केंद्रों को तकनीकी रूप से अपग्रेड करने से गांवों और कस्बों में रहने वाले लोगों को सबसे ज्यादा फायदा मिलेगा। इससे यह सुनिश्चित होगा कि किसी भी मरीज की जान सिर्फ इसलिए न जाए क्योंकि वह समय पर बड़े अस्पताल नहीं पहुंच सका। बीआरडी हब और स्थानीय अस्पतालों का यह तालमेल एक आदर्श और अनुकरणीय स्वास्थ्य मॉडल बनेगा।
डॉ अजहर कार्डियोलॉजी बीआरडी मेडिकल कॉलेज (Dr Azhar Cardiology BRD Medical College) का मानना है कि इस नेटवर्क के पूरी तरह से सक्रिय होने के बाद गोरखपुर और बस्ती मंडल में हृदय रोगों के प्रबंधन में एक बड़ी क्रांति आएगी। स्वास्थ्यकर्मियों को दी जा रही सीपीआर ट्रेनिंग इन हिंदी (CPR Training in Hindi) को आम जनमानस तक पहुंचाने की योजना भी भविष्य में रंग लाएगी। जब हर छोटे अस्पताल का स्टाफ हार्ट अटैक प्राइमरी ट्रीटमेंट फर्स्ट एड (Heart Attack primary treatment First Aid) में माहिर होगा, तो इमरजेंसी का दबाव भी बड़े अस्पतालों से कम होगा।
अंततः, सीएमओ डॉ राजेश झा गोरखपुर (CMO Dr Rajesh Jha Gorakhpur) के कुशल मार्गदर्शन में स्वास्थ्य विभाग का यह कदम बेहद सराहनीय है। गोरखपुर स्टेमी नेटवर्क व्हाट्सएप (Gorakhpur STEMI Network WhatsApp) सिर्फ एक मैसेजिंग ग्रुप नहीं, बल्कि पूर्वांचल के मरीजों के लिए एक असली जीवनरेखा (Lifeline) बनने जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की इस मुस्तैदी और ‘ह्रदय सेतु’ कार्यक्रम की सफलता से निश्चित रूप से उत्तर प्रदेश में चिकित्सा सेवाओं का एक नया और सुनहरा अध्याय शुरू होगा।

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Navneet Mishra is a seasoned journalist currently associated with Nirbhik India and its digital portal, nirbhikindia.in. With over six years of experience across print and digital platforms, Navneet specializes in politics, sports, economics, and geopolitics.
A Master’s graduate in Mass Communication from Deen Dayal Upadhyay Gorakhpur University, he is also a dedicated media scholar. His academic research focuses on “the pivotal role of Gorakhpur’s Hindi newspapers during the Indian freedom struggle against the British Crown”. Before joining Nirbhik India, Navneet spent five years at Adarsh Jeevan and gained valuable field experience at Amar Ujala Gorakhpur as training reporter only for 5 days.
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नवनीत मिश्रा वर्तमान में ‘निर्भीक इंडिया’ मीडिया समूह से जुड़े हैं। उन्होंने दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स किया है। पत्रकारिता के अपने 6 वर्षों के सफर में उन्होंने प्रिंट और डिजिटल दोनों डेस्क पर काम किया है। उनके शोध का विषय ब्रिटिश शासन के खिलाफ गोरखपुर के अखबारों का योगदान रहा है, जो उनकी ऐतिहासिक समझ को दर्शाता है। वे राजनीति, अर्थव्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय मामलों (Geopolitics) पर निरंतर लिखते रहे हैं। ‘आदर्श जीवन’ दैनिक में 5 साल का कार्यकाल और ‘अमर उजाला’ गोरखपुर में ट्रेनिंग रिपोर्टिंग के तौर पर मात्र 5 दिन काम क्या है उनकी लेखनी को और भी निखारता है।

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