गोरखपुर जिले के गोला थाना क्षेत्र में पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट तहत एक बड़े और खूंखार आपराधिक जोगिन्दर गैंग पर बड़ी कार्रवाई की है। गोरखपुर गैंगस्टर एक्ट के तहत एक संगठित गैंग के सरगना समेत चार सदस्यों पर मुकदमा दर्ज किया गया है।

निर्भीक इंडिया (संवाददाता गोरखपुर)- यह जोगिन्दर गैंग हत्या और अन्य संगीन वारदातों को अंजाम देकर गोरखपुर जिले की जनता में दहशत फैला रहा था। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद से पूरे इलाके में गैंग से जुड़े अपराधियों के बीच हड़कंप मच गया है। इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य इन बदमाशों को खुली छूट देने से रोकना और जनता को इनके आतंक से मुक्ति दिलाना है।
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गोरखपुर : कैसे हुआ गैंगस्टर एक्ट तहत जोगिन्दर गैंग पर कारवाई
कौन हैं ये अपराधी? इस गैंग का सरगना जोगिन्दर उर्फ योगेन्द्र शर्मा है, जो लंबे समय से अपराध की दुनिया में सक्रिय है। उसके साथ इस गिरोह के सदस्य अमरदीप शर्मा, मोनू उर्फ हेमन्त शर्मा और वृजमोहन शर्मा भी शामिल हैं। ये सभी अपराधी गोला थाना क्षेत्र के ही निवासी हैं, जिसके कारण इनका पूरे इलाके में भय और आतंक व्याप्त है।
क्यों हुई कार्रवाई? गोरखपुर पुलिस के अनुसार, इस संगठित गिरोह का एकमात्र मकसद भौतिक और दुनियावी लाभ प्राप्त करना है। ये मिलकर हत्या, मारपीट, धमकी और अन्य समाज विरोधी क्रियाकलापों में संलिप्त रहते हैं, जिससे लोक व्यवस्था छिन्न-भिन्न हो जाती है। जनता में इनका इतना खौफ है कि कोई भी इनके खिलाफ खुलकर सामने आने से डरता है। इन गतिविधियों पर अंकुश लगाने और जनता में सुरक्षा की भावना बहाल करने के लिए गोरखपुर पुलिस कार्रवाई को अंजाम दिया गया।
कैसे हुई कार्रवाई? प्रभारी निरीक्षक, थाना गोला द्वारा इस पूरे गिरोह का एक गैंग चार्ट अनुमोदन के लिए जिला मजिस्ट्रेट गोरखपुर को भेजा गया था। जिला मजिस्ट्रेट से मंजूरी मिलने के बाद, इस गैंग के विरुद्ध थाना गोला में गैंगस्टर एक्ट के तहत मु0अ0सं0- 430/2025 दर्ज किया गया। यह धाराएँ (2ख(I), 2(ख)XI, 3(1) उ0प्र0 गिरोह बन्द एवं समाज विरोधी क्रिया कलाप निवारण अधिनियम 1986) संगठित अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए लगाई जाती हैं।

जोगिन्दर शर्मा गैंगस्टर का आपराधिक इतिहास: गैंगस्टर एक्ट
गैंग के सरगना जोगिन्दर शर्मा गैंगस्टर के खिलाफ पहले से ही कई गंभीर मामले दर्ज हैं। उसका आपराधिक इतिहास बताता है कि वह सिर्फ एक छोटा-मोटा अपराधी नहीं, बल्कि एक शातिर दिमाग वाला सरगना है। उसके खिलाफ दर्ज मुकदमों में हत्या के प्रयास (धारा 308) जैसे संगीन आरोप शामिल हैं, जो उसकी हिंसक प्रवृत्ति को दर्शाते हैं। इसके अलावा, उस पर मारपीट, धमकी और सार्वजनिक शांति भंग करने के कई मामले हैं।
गिरोह के अन्य सदस्यों, जैसे मोनू शर्मा गैंगस्टर, अमरदीप शर्मा गैंगस्टर और वृजमोहन शर्मा गैंगस्टर का भी लंबा आपराधिक रिकॉर्ड है। इन सभी पर अलग-अलग समय पर मारपीट, धमकी और हत्या का प्रयास जैसे मामले दर्ज किए गए हैं। इन सबके खिलाफ दर्ज गोरखपुर अपराध के मामले यह साबित करते हैं कि यह पूरा गिरोह एक सोची-समझी रणनीति के तहत काम करता था।
यूपी गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई इसलिए की जाती है ताकि एक गैंग के पूरे नेटवर्क को तोड़ा जा सके, न कि सिर्फ एक-दो सदस्यों पर कार्रवाई हो। इस एक्ट के प्रावधानों के तहत गैंग के सदस्यों की संपत्ति भी जब्त की जा सकती है, जिससे उनकी आपराधिक गतिविधियों पर पूरी तरह से रोक लगाई जा सके।
पुलिस का यह कदम न सिर्फ अपराधियों के लिए एक कड़ी चेतावनी है, बल्कि यह आम जनता के लिए भी यह संदेश है कि कानून-व्यवस्था को बनाए रखने के लिए प्रशासन पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।

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