गोरखपुर अक्सर बड़े अस्पतालों की चर्चा होती है, लेकिन गोरखपुर के एक छोटे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पिपराइच सीएचसी ने ऐसा रिकॉर्ड बना दिया है, जिसने हर किसी को चौंका दिया है। पिपराइच सीएचसी ने पिछले दिनों में 54 सी-सेक्शन डिलीवरी कराकर एक अभूतपूर्व उपलब्धि हासिल की है।

निर्भीक इंडिया (संवाददाता गोरखपुर)- 54 सी-सेक्शन डिलीवरी जैसे शानदार प्रदर्शन की सराहना करने और स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने के लिए स्वयं सीएमओ गोरखपुर पिपराइच सीएचसी का औचक निरीक्षण करने पहुँचे। उन्होंने इस उपलब्धि पर पूरे स्टाफ की पीठ थपथपाई और कई अहम निर्देश दिए, जिससे आने वाले दिनों में यहाँ की स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह से बदल जाएंगी।
54 सी-सेक्शन डिलीवरी का पिपराइच सीएचसी का इतिहास क्या है खास
पिपराइच सीएचसी निरीक्षण के दौरान, डॉ राजेश झा गोरखपुर ने विशेष रूप से सीएचसी पर हुई 54 सी-सेक्शन डिलीवरी की जानकारी ली। यह आंकड़ा क्यों इतना महत्वपूर्ण है? क्योंकि यह दिखाता है कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी लोग अब संस्थागत प्रसव पर भरोसा कर रहे हैं।
किसी सीएचसी स्तर पर इतनी बड़ी संख्या में सिजेरियन ऑपरेशन करवाना न सिर्फ स्टाफ की दक्षता को दर्शाता है, बल्कि यह भी साबित करता है कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के प्रति लोगों का विश्वास बढ़ा है। सीएमओ ने इस उपलब्धि को बनाए रखने और सेवाओं की गुणवत्ता को और भी बेहतर करने पर जोर दिया।

पिपराइच सीएचसी पैथोलॉजी होगी और भी मजबूत, अब होंगी 70 तरह की जांचें!
निरीक्षण के दौरान सीएमओ ने सीएचसी की पैथोलॉजी लैब का भी जायजा लिया। उन्होंने लैब को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया, जिससे यहाँ अब लगभग 70 प्रकार की जांचें हो सकेंगी। यह निर्णय इस क्षेत्र के लिए एक बड़ा गेम चेंजर साबित होगा।
अब ग्रामीणों को छोटी-छोटी जांचों के लिए जिला मुख्यालय या निजी लैब में नहीं जाना पड़ेगा, जिससे उनका समय और पैसा दोनों बचेगा। यह कदम गोरखपुर स्वास्थ्य सेवाएं को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा प्रयास है।
सीएमओ ने मैटर्निटी वार्ड, एनबीएसयू (नवजात शिशु देखभाल इकाई) और केएमसी (कंगारू मदर केयर) वार्ड का भी निरीक्षण किया। उन्होंने इन सभी इकाइयों को और अधिक सुदृढ़ करने के निर्देश दिए ताकि माँ और बच्चे दोनों की बेहतर देखभाल सुनिश्चित हो सके। उन्होंने अधीक्षक डॉ. मणि शेखर और स्टाफ नर्स संध्या मधई सहित पूरी टीम को इस दिशा में सक्रियता से काम करने को कहा।
इन स्वास्थ्य कार्यक्रमों पर भी है सीएमओ का फोकस
निरीक्षण केवल पिपराइच सीएचसी तक ही सीमित नहीं था। सीएमओ ने पिपराइच ब्लॉक के महारजी वीएचएसएनडी और चरगांवा ब्लॉक के पकड़ी वीएचएसएनडी का भी दौरा किया। ये मॉडल गाँव स्वास्थ्य, स्वच्छता और पोषण दिवस (वीएचएसएनडी) केंद्र हैं। महराजी में उन्होंने एएनएम को टीकाकरण कार्यक्रम गोरखपुर को मानकों के अनुसार संचालित करने और लाभार्थियों को सूचित करके इसका लाभ उठाने को कहा।
वहीं, पकड़ी गाँव के निरीक्षण के दौरान, सीएमओ ने बच्चों और लाभार्थियों से सीधा संवाद किया। उन्होंने सीएचओ (सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी) को एक बहुत ही महत्वपूर्ण निर्देश दिया: टीकाकरण के बाद बच्चों को बुखार की दवा देना और माता-पिता को यह बताना कि कुछ टीकों के बाद बुखार आना सामान्य बात है, इससे घबराना नहीं चाहिए। यह सलाह सीधे जनता के काम की है और इससे टीकाकरण के प्रति जागरूकता बढ़ेगी।
इस पूरे निरीक्षण में स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी संजय सिंह, बीपीएम प्रशांत गोविंद राव, प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. बीके चौधरी और स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी मनोज कुमार जैसे वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे। यह दर्शाता है कि प्रशासन मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के हर पहलू पर बारीकी से नजर रख रहा है।

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