कचरा शुल्क वसूली और घर घर कचरा संग्रहण के तहत गोरखपुर नगर निगम ने स्वच्छ भारत मिशन (नगरीय) के लक्ष्यों को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक का आयोजन किया। नगर आयुक्त महोदय की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में जोन संख्या 01 के अंतर्गत आने वाले 17 वार्डों के सम्मानित पार्षदों, वार्ड सुपरवाइजरों, मेट और डोर-टू-डोर वाहनों के चालकों ने भाग लिया।

निर्भीक इंडिया संवाददाता (नवनीत मिश्र)- इस दौरान वार्डों में सफाई व्यवस्था, घर-घर कचरा संग्रहण (Door-to-door waste collection) और कचरा शुल्क (user charge) की वसूली की गहन समीक्षा की गई, जिसके बाद शहर की सफाई को लेकर कई सख्त और महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए गए।
किरायदारों से भी कचरा शुल्क वसूली करेगा नगर निगम
बैठक में सबसे अधिक ध्यान कचरा शुल्क वसूली और घर घर कचरा संग्रहण और कचरा संग्रहण की प्रक्रिया पर दिया गया। नगर आयुक्त ने निर्देशित किया कि सभी आवासीय भवनों में रहने वाले किरायेदारों से भी कचरा संग्रहण शुल्क अनिवार्य रूप से वसूला जाए। इस कार्य के लिए, आईईसी (सूचना, शिक्षा और संचार) टीम पार्षदों के सहयोग से घर-घर जाकर भवन स्वामियों और किरायेदारों को जागरूक करेगी, ताकि यूजर चार्ज की वसूली में वृद्धि हो सके।
इसके अलावा, शहरी क्षेत्रों में सफाई के लिए एक और बड़ी चुनौती पर भी बात हुई। सभी वार्डों में मौजूद छोटे-बड़े व्यावसायिक स्थलों और सड़क किनारे लगे ठेलों व दुकानों से भी कचरा संग्रहण शुल्क वसूलने के लिए एक विशेष अभियान चलाने का निर्णय लिया गया है। साथ ही, इन जगहों से निकलने वाले कचरे को भी ठीक से संग्रहित किया जाएगा।
बड़े पैमाने पर कचरा उत्पन्न करने वाले स्थानों (Bulk Waste Generators) पर भी नगर निगम की नजर है। ऐसे सभी स्थलों से संपर्क स्थापित कर यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि उनके परिसर में ही गीले कचरे के लिए कम्पोस्टिंग यूनिट की व्यवस्था हो और सूखे कचरे को एमआरएफ (Material Recovery Facility) सेंटर पर भेजा जाए। इन उपायों से कचरे का समुचित निस्तारण सुनिश्चित हो सकेगा।
कचरा शुल्क वसूली और घर घर कचरा संग्रहण के साथ तय होगी जवाबदेही और सामुदायिक भागीदारी
इस बैठक में जवाबदेही तय करने के लिए एक नई पहल की शुरुआत की गई है। अब प्रत्येक वार्ड में माननीय पार्षदों की अध्यक्षता में हर 15 दिन पर सफाई निरीक्षक, सुपरवाइजर, मेट और वाहन चालकों की प्रगति समीक्षा बैठक होगी। इन बैठकों में उन क्षेत्रों की चुनौतियों पर भी चर्चा होगी जहां कचरा शुल्क की वसूली में दिक्कत आ रही है। इन पाक्षिक बैठकों की तस्वीरें व्हाट्सएप ग्रुप पर नियमित रूप से साझा करने का भी निर्देश दिया गया है, ताकि पारदर्शिता बनी रहे।
नगर आयुक्त ने एक और महत्वपूर्ण समस्या पर कड़ा रुख अपनाया। कई वार्डों में पशुपालकों द्वारा नालियों में गोबर बहा दिया जाता है, जिससे नालियां बंद हो जाती हैं और आसपास के लोगों को परेशानी होती है। ऐसे पशुपालकों को चिन्हित कर उनके खिलाफ चालान और जुर्माने की कार्रवाई करने का आदेश दिया गया है।
उन वार्डों की भी पहचान करने का निर्णय लिया गया है जहां अभी शत-प्रतिशत घर-घर कचरा संग्रहण नहीं हो पा रहा है। इन वार्डों की आवश्यकताओं के अनुसार, उन्हें अतिरिक्त वाहन जल्द से जल्द उपलब्ध कराए जाएंगे ताकि कोई भी क्षेत्र इस महत्वपूर्ण सेवा से वंचित न रहे।
‘आदर्श वार्ड’ बनाने की दिशा में प्रयास और उपस्थित गणमान्य
बैठक का एक प्रमुख लक्ष्य प्रत्येक वार्ड को ‘आदर्श वार्ड’ के रूप में विकसित करना है। इसके लिए नागरिकों को सफाई अभियान में सक्रिय रूप से भाग लेने और समय पर कचरा शुल्क का भुगतान करके शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाए रखने में अपनी सहभागिता निभाने के लिए लगातार जागरूक किया जाएगा। यह तभी संभव है जब प्रशासन और जनता दोनों मिलकर काम करें।
बैठक में नगर आयुक्त के अलावा, माननीय पार्षद श्रीमती मायादेवी, श्रीमती मीरा यादव, श्री चन्द्रभान प्रजापति, श्री विवेक कुमार मिश्र, श्री रितेश सिंह, श्री कृष्ण चन्द्र यादव, श्री रामगति निषाद, श्री राजेश कुमार, श्रीमती सरिता यादव, श्री मनोज निषाद, श्री उपेन्द्र सिंह, श्रीमती जमवन्ती देवी, श्रीमती रीता यादव, श्री रणन्जय सिंह जुगनू, अपर नगर आयुक्त श्री दुर्गेश मिश्र, श्री प्रमोद कुमार, जोनल प्रभारी सुश्री अनुष्का सिंह, जोनल सफाई अधिकारी श्री अखिलेश कुमार श्रीवास्तव, सहप्रभारी एसबीएम श्री दिनेश कुमार बिरौनिया, सफाई निरीक्षक श्री राजेन्द्र कुमार सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।
नगर आयुक्त महोदय ने सभी बिन्दुओं पर पार्षदों और अधिकारियों से विचार-विमर्श करने के बाद सकारात्मक सहयोग की अपेक्षा के साथ बैठक समाप्त करने की अनुमति प्रदान की। यह बैठक गोरखपुर नगर निगम की स्वच्छ भारत मिशन के प्रति गंभीरता को दर्शाती है और उम्मीद है कि इन कड़े निर्देशों से शहर की सफाई व्यवस्था में बड़ा सुधार आएगा।

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