महानगर केन्द्रित पत्रकारिता : भारत व इंडिया बीच बढ़ता अंतराल
प्रस्तावना- राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने कभी कहा था कि भारत की वास्तविक आत्मा उसके गांवों में बसती है। परंतु, आज जब हम भारतीय पत्रकारिता के परिदृश्य का गहन अवलोकन करते हैं, तो यह प्रतीत होता है कि इस ‘चौथे स्तंभ’ का हृदय अब केवल महानगर केन्द्रित पत्रकारिता के वातानुकूलित और भव्य कक्षों में ही धड़क…
