तीसरा प्रेस आयोग (third press commission): बदलते मीडिया युग में मांग
भारतीय लोकतंत्र में प्रेस को लंबे समय से चौथा स्तंभ माना जाता रहा है। स्वतंत्रता संग्राम के दौर में पत्रकारिता ने जनता को संगठित किया, औपनिवेशिक सत्ता की नीतियों को चुनौती दी और राष्ट्रवादी चेतना को मजबूत किया। लेकिन स्वतंत्र भारत में पत्रकारिता का स्वरूप समय के साथ तेजी से बदल गया है। परिचय: लोकतंत्र…

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