उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को पूरी तरह से नियंत्रित करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने एक बड़ा और रणनीतिक कदम उठाया है। इस कड़ी में बुधवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) कार्यालय के 'प्रेरणा श्री सभागार' में जिला स्तरीय प्रशिक्षकों के लिए एक गहन प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। यह यूपी एएनएम सीएचओ ट्रेनिंग न्यूज़ 2026 (UP ANM CHO Training News 2026) ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं और सुरक्षित प्रसव के लिए एक मील का पत्थर साबित होने जा रही है।

निर्भीक इंडिया (संवाददाता नवनीत मिश्रा)- स्वास्थ्य विभाग की योजना के अनुसार, इन प्रशिक्षित मास्टर ट्रेनर्स के माध्यम से अब ब्लॉक स्तर पर कार्यरत सभी एएनएम (ANM) और सीएचओ (CHO) को विशेष रूप से प्रशिक्षित किया जाएगा। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेश झा ने इस पहल का नेतृत्व करते हुए बताया कि उच्च जोखिम गर्भावस्था (High Risk Pregnancy – HRP) की समय से पहचान और उसका उचित चिकित्सा प्रबंधन ही इस पूरे अभियान का मुख्य आधार है।
UP ANM CHO Training News 2026 : गोरखपुर में मास्टर ट्रेनर्स तैयार
इस यूपी एएनएम सीएचओ ट्रेनिंग न्यूज़ 2026 (UP ANM CHO Training News 2026) का तात्कालिक प्रभाव यह होगा कि गांवों में काम करने वाली आशा और एएनएम बहनें अब अधिक वैज्ञानिक और सटीक तरीके से गर्भवती महिलाओं की मॉनिटरिंग कर सकेंगी। स्वास्थ्य विभाग का यह मॉडल मातृ मृत्यु दर को रोकने में एक ‘गेम-चेंजर’ साबित होगा।
व्हाट इज एचआरपी हाई रिस्क प्रेगनेंसी (What is HRP High Risk Pregnancy)?
अक्सर लोगों और ग्रामीण स्तर पर काम करने वाले कार्यकर्ताओं के मन में यह सवाल होता है कि व्हाट इज एचआरपी हाई रिस्क प्रेगनेंसी (What is HRP High Risk Pregnancy)? स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, यदि किसी गर्भवती महिला को गंभीर खून की कमी (एनीमिया), हाई ब्लड प्रेशर, शुगर या पहले के प्रसव में कोई बड़ी जटिलता रही हो, तो उसे ‘उच्च जोखिम गर्भावस्था’ (HRP) की श्रेणी में रखा जाता है। ऐसी गर्भवती महिलाओं को सामान्य प्रसव की तुलना में कई गुना अधिक विशेष देखभाल की आवश्यकता होती है।
यही कारण है कि इस यूपी एएनएम सीएचओ ट्रेनिंग न्यूज़ 2026 (UP ANM CHO Training News 2026) में प्रेगनेंसी एनीमिया हाइपरटेंशन डायबिटीज केयर (Pregnancy anemia hypertension diabetes care) पर विशेष फोकस किया गया है। एएनएम और सीएचओ को यह बारीकी सिखाई जा रही है कि गर्भवती महिला की पहली एएनसी (ANC) जांच के दौरान ही जोखिम कारकों की पहचान कैसे की जाए।
सीएमओ डॉ. झा ने स्पष्ट किया कि यदि गर्भावस्था के शुरुआती चरण में ही एचआरपी (HRP) की पहचान कर ली जाए, तो प्रसव के दौरान होने वाली जानलेवा जटिलताओं को 80% तक कम किया जा सकता है। सही समय पर चिन्हीकरण होने से ऐसी महिलाओं को ब्लॉक या जिला स्तरीय उच्च चिकित्सा केंद्रों पर रेफर कर सुरक्षित प्रसव सुनिश्चित कराया जा सकता है।

मैटरनल मोर्टेलिटी रेट जीरो टारगेट यूपी (Maternal mortality rate zero target UP) का लक्ष्य
उत्तर प्रदेश सरकार और स्वास्थ्य विभाग का मुख्य विजन मैटरनल मोर्टेलिटी रेट जीरो टारगेट यूपी (Maternal mortality rate zero target UP) को हर हाल में हासिल करना है। सीएमओ डॉ. झा ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में कहा, “मातृ स्वास्थ्य हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। हर माँ की जान बेशकीमती है। इस प्रशिक्षण के माध्यम से हम अपनी रेफरल प्रणाली को जमीनी स्तर से मजबूत कर रहे हैं।”
इस यूपी एएनएम सीएचओ ट्रेनिंग न्यूज़ 2026 (UP ANM CHO Training News 2026) के तहत यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि जब ब्लॉक स्तरीय अधिकारी और फिर एएनएम-सीएचओ पूरी तरह दक्ष होंगे, तभी हर हाई-रिस्क केस को ट्रैक किया जा सकेगा। समय पर सही हस्तक्षेप (Intervention) करके ही मातृ मृत्यु की दुखद घटनाओं पर पूर्ण विराम लगाया जा सकता है।
इस महत्वपूर्ण अभियान को सफल बनाने में यूनिसेफ आईआईएचएमआर दिल्ली गोरखपुर हेल्थ (UNICEF IIHMR Delhi Gorakhpur health) का मजबूत संयुक्त सहयोग मिल रहा है। यूनिसेफ और ‘इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ मैनेजमेंट रिसर्च’ (IIHMR) दिल्ली की अनुभवी टीम ने स्थानीय स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को आधुनिक चिकित्सा प्रबंधन और डेटा ट्रैकिंग के नए गुर सिखाए।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान एसीएमओ आरसीएच डॉ एके चौधरी (ACMO RCH Dr AK Chaudhary) ने भी अपने विचार रखे और ग्रामीण क्षेत्रों में एएनएम की भूमिका को सबसे अहम कड़ी बताया। इस अवसर पर जिला मातृ स्वास्थ्य परामर्शदाता डॉ. सूर्य प्रकाश, यूनिसेफ के मंडलीय स्वास्थ्य समन्वयक विजेंद्र चौबे, और IIHMR दिल्ली की टीम से सूर्य प्रकाश शर्मा, कुंदन विश्वकर्मा, अभिलाषा दुबे एवं अमन ने विभिन्न तकनीकी सत्रों में हिस्सा लिया।
इन विशेषज्ञों ने प्रेगनेंसी एनीमिया हाइपरटेंशन डायबिटीज केयर (Pregnancy anemia hypertension diabetes care) से जुड़ी बारीक से बारीक जानकारी दी। यह यूपी एएनएम सीएचओ ट्रेनिंग न्यूज़ 2026 (UP ANM CHO Training News 2026) इस बात का पक्का प्रमाण है कि यदि स्वास्थ्य विभाग, जमीनी कार्यकर्ता और सहयोगी संस्थाएं एक साथ मिलकर काम करें, तो मैटरनल मोर्टेलिटी रेट जीरो टारगेट यूपी (Maternal mortality rate zero target UP) का सपना बहुत जल्द हकीकत बन जाएगा।

निर्भीक इंडिया (NIRBHIK INDIA) एक समाचार पत्र नही अपितु 245 साल से भी लम्बे समय से चल रहे पत्रकारिता की विचारधारा है, जो हमेशा लोकतंत्र के चारो स्तम्भ को मान्यता देने एवं जनता सर्वोपरि की विचारों का प्रतिनिधित्वकत्र्ता है। आप सभी हमारे साथ जुड़े अपने तन, मन व धन से हमें ताकत दें जिससे कि हम आप (जनता) के लिए आप (जनता) के द्वारा, आप (जनता) के आदेशों पर केन्द्र से सवाल करते हुए एक पूर्ण लोकतंत्र बना सकें।
Navneet Mishra is a seasoned journalist currently associated with Nirbhik India and its digital portal, nirbhikindia.in. With over six years of experience across print and digital platforms, Navneet specializes in politics, sports, economics, and geopolitics.
A Master’s graduate in Mass Communication from Deen Dayal Upadhyay Gorakhpur University, he is also a dedicated media scholar. His academic research focuses on “the pivotal role of Gorakhpur’s Hindi newspapers during the Indian freedom struggle against the British Crown”. Before joining Nirbhik India, Navneet spent five years at Adarsh Jeevan and gained valuable field experience at Amar Ujala Gorakhpur as training reporter only for 5 days.
———————————————————————————-
नवनीत मिश्रा वर्तमान में ‘निर्भीक इंडिया’ मीडिया समूह से जुड़े हैं। उन्होंने दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स किया है। पत्रकारिता के अपने 6 वर्षों के सफर में उन्होंने प्रिंट और डिजिटल दोनों डेस्क पर काम किया है। उनके शोध का विषय ब्रिटिश शासन के खिलाफ गोरखपुर के अखबारों का योगदान रहा है, जो उनकी ऐतिहासिक समझ को दर्शाता है। वे राजनीति, अर्थव्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय मामलों (Geopolitics) पर निरंतर लिखते रहे हैं। ‘आदर्श जीवन’ दैनिक में 5 साल का कार्यकाल और ‘अमर उजाला’ गोरखपुर में ट्रेनिंग रिपोर्टिंग के तौर पर मात्र 5 दिन काम क्या है उनकी लेखनी को और भी निखारता है।

You must be logged in to post a comment.