उत्तर रेलवे के लखनऊ मंडल में रेल यात्रियों के लिए एक महत्वपूर्ण अपडेट सामने आया है। परिचालन को सुगम बनाने के उद्देश्य से वाराणसी काशी स्टेशन ऑटोमैटिक सिग्नलिंग वर्क (Varanasi Kashi station automatic signaling work) किया जा रहा है।

निर्भीक इंडिया (संवाददाता नवनीत मिश्रा)- इस महत्वपूर्ण कार्य के चलते वाराणसी ट्रेन रूट डायवर्टेड 2026 (Varanasi Train Route Diverted 2026) की एक लंबी सूची जारी की गई है, जिससे कई प्रमुख ट्रेनों का संचालन प्रभावित होगा।
ब्लॉक हट बी-व्यासनगर-काशी के बीच इस तकनीकी कार्य के कारण कई गाड़ियों का शॉर्ट टर्मिनेशन और ओरिजिनेशन किया जा रहा है। इसके साथ ही, कई लंबी दूरी की एक्सप्रेस ट्रेनों का मार्ग परिवर्तन (Route Diversion) भी किया गया है।
वाराणसी ट्रेन रूट डायवर्टेड 2026 (Varanasi Train Route Diverted 2026) के इस बड़े फैसले से यूपी, बिहार और अन्य राज्यों की यात्रा करने वाले हज़ारों यात्रियों को अपनी यात्रा योजना में बदलाव करना पड़ सकता है।
Varanasi Train Route Diverted 2026 का बड़ा अलर्ट
रेलवे द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, डीडीयू जंक्शन ट्रेन कैंसिल लिस्ट (DDU Junction train cancel list) या शॉर्ट टर्मिनेशन में मुख्य रूप से 26 फरवरी 2026 को आरा से चलने वाली 63229 आरा-बनारस मेमू शामिल है। यह ट्रेन अब दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन (DDU) पर ही अपनी यात्रा समाप्त कर देगी। इसी तरह, बनारस से 26 फरवरी को चलने वाली 63230 बनारस-आरा मेमू गाड़ी बनारस की बजाय डीडीयू जंक्शन से ही आरा के लिए प्रस्थान करेगी।
वाराणसी ट्रेन रूट डायवर्टेड 2026 (Varanasi Train Route Diverted 2026) का तात्कालिक प्रभाव यह है कि यात्रियों को अब बदले हुए स्टेशनों से अपनी ट्रेन पकड़नी होगी। रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे घर से निकलने से पहले अपनी ट्रेन का नया रूट और समय ज़रूर चेक कर लें, ताकि उन्हें स्टेशन पर किसी असुविधा का सामना न करना पड़े।
Varanasi Train Route Diverted 2026 : एक्सप्रेस ट्रेनों के नए रूट
वाराणसी काशी स्टेशन ऑटोमैटिक सिग्नलिंग वर्क (Varanasi Kashi station automatic signaling work) के कारण कई प्रमुख एक्सप्रेस ट्रेनों के रूट में भी भारी बदलाव किया गया है। बनारस विशाखापत्तनम एक्सप्रेस डायवर्टेड रूट (Banaras Visakhapatnam express diverted route) के तहत, 27 फरवरी 2026 को बनारस से चलने वाली 18524 द्विसाप्ताहिक एक्सप्रेस अपने निर्धारित मार्ग (वाराणसी-डीडीयू) की बजाय प्रयागराज जंक्शन-चुनार-दीनदयाल जंक्शन के रास्ते चलेगी। इस बदलाव के कारण यह ट्रेन वाराणसी और काशी स्टेशनों पर नहीं रुकेगी।
इसी क्रम में, सूरत से 25 फरवरी को चलने वाली 19045 सूरत-थावे एक्सप्रेस भी प्रभावित है। वाराणसी ट्रेन रूट डायवर्टेड 2026 (Varanasi Train Route Diverted 2026) के निर्देशों के अनुसार, यह ट्रेन अब वाराणसी-जफराबाद-जौनपुर के बजाय चुनार-प्रयागराज जं.-फाफामऊ-जंघई-जौनपुर के नए मार्ग से चलाई जाएगी। इसका ठहराव भी काशी और वाराणसी में निरस्त कर दिया गया है।
गोंदिया बरौनी एक्सप्रेस 15232 नया रूट (Gondia Barauni express 15232 new route) भी यात्रियों के लिए जानना ज़रूरी है। 25 फरवरी को गोंदिया से चलने वाली यह ट्रेन अब चुनार-वाराणसी-जफराबाद के स्थान पर चुनार-प्रयागराज जं.-फाफामऊ-जंघई-जौनपुर के रास्ते आगे बढ़ेगी। वाराणसी ट्रेन रूट डायवर्टेड 2026 (Varanasi Train Route Diverted 2026) के कारण यह गाड़ी वाराणसी स्टेशन पर बिल्कुल नहीं रुकेगी।
दक्षिण भारत जाने वाली ट्रेनों पर भी इसका असर पड़ा है। दानापुर से 26 फरवरी को चलने वाली 12792 दानापुर-सिकंदराबाद एक्सप्रेस अब डीडीयू-मिर्जापुर-प्रयागराज छिवकी-मानिकपुर के रास्ते जाएगी। प्रयागराज छिवकी ट्रेन न्यूज़ टुडे (Prayagraj Chheoki train news today) के अनुसार, इसका ठहराव वाराणसी, भूलनपुर, ज्ञानपुर रोड, प्रयागराज रामबाग और प्रयागराज जंक्शन पर नहीं होगा।

Varanasi Train Route Diverted 2026 और प्रयागराज छिवकी का महत्व
इन बदलावों के बीच, अहमदाबाद से 25 फरवरी 2026 को चलने वाली 19489 अहमदाबाद-गोरखपुर एक्सप्रेस का रूट भी बदला गया है। प्रयागराज छिवकी ट्रेन न्यूज़ टुडे (Prayagraj Chheoki train news today) के मुताबिक, यह ट्रेन अब प्रयागराज छिवकी-जीवनाथपुर-वाराणसी के बजाय प्रयागराज छिवकी-प्रयागराज जं.-बनारस-वाराणसी-वाराणसी सिटी के रास्ते चलेगी। हालांकि, वाराणसी ट्रेन रूट डायवर्टेड 2026 (Varanasi Train Route Diverted 2026) के चलते इसका ठहराव मुख्य वाराणसी स्टेशन पर नहीं होगा।
वाराणसी काशी स्टेशन ऑटोमैटिक सिग्नलिंग वर्क (Varanasi Kashi station automatic signaling work) के पूरा होने के बाद इस पूरे खंड पर ट्रेनों की रफ्तार और समयबद्धता में सुधार आने की उम्मीद है। हालांकि, मौजूदा समय में डीडीयू जंक्शन ट्रेन कैंसिल लिस्ट (DDU Junction train cancel list) और डायवर्जन के कारण यात्रियों को कुछ दिनों तक परेशानी उठानी पड़ सकती है।
रेलवे प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि वाराणसी ट्रेन रूट डायवर्टेड 2026 (Varanasi Train Route Diverted 2026) एक अस्थायी व्यवस्था है। जैसे ही सिग्नलिंग और ब्लॉक हट का काम पूरा हो जाएगा, सभी ट्रेनें अपने पुराने और निर्धारित मार्गों पर सुचारू रूप से चलने लगेंगी। यात्रियों की सुविधा के लिए स्टेशनों पर लगातार उद्घोषणाएं (Announcements) भी की जा रही हैं।
गोंदिया बरौनी एक्सप्रेस 15232 नया रूट (Gondia Barauni express 15232 new route) हो या बनारस विशाखापत्तनम एक्सप्रेस डायवर्टेड रूट (Banaras Visakhapatnam express diverted route), यात्रियों को एनटीईएस (NTES) ऐप के ज़रिए अपडेट रहने की सलाह दी जाती है। वाराणसी ट्रेन रूट डायवर्टेड 2026 (Varanasi Train Route Diverted 2026) से जुड़ी हर ताज़ा जानकारी के लिए हमारे न्यूज़ पोर्टल के साथ जुड़े रहें।

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Navneet Mishra is a seasoned journalist currently associated with Nirbhik India and its digital portal, nirbhikindia.in. With over six years of experience across print and digital platforms, Navneet specializes in politics, sports, economics, and geopolitics.
A Master’s graduate in Mass Communication from Deen Dayal Upadhyay Gorakhpur University, he is also a dedicated media scholar. His academic research focuses on “the pivotal role of Gorakhpur’s Hindi newspapers during the Indian freedom struggle against the British Crown”. Before joining Nirbhik India, Navneet spent five years at Adarsh Jeevan and gained valuable field experience at Amar Ujala Gorakhpur as training reporter only for 5 days.
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नवनीत मिश्रा वर्तमान में ‘निर्भीक इंडिया’ मीडिया समूह से जुड़े हैं। उन्होंने दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स किया है। पत्रकारिता के अपने 6 वर्षों के सफर में उन्होंने प्रिंट और डिजिटल दोनों डेस्क पर काम किया है। उनके शोध का विषय ब्रिटिश शासन के खिलाफ गोरखपुर के अखबारों का योगदान रहा है, जो उनकी ऐतिहासिक समझ को दर्शाता है। वे राजनीति, अर्थव्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय मामलों (Geopolitics) पर निरंतर लिखते रहे हैं। ‘आदर्श जीवन’ दैनिक में 5 साल का कार्यकाल और ‘अमर उजाला’ गोरखपुर में ट्रेनिंग रिपोर्टिंग के तौर पर मात्र 5 दिन काम क्या है उनकी लेखनी को और भी निखारता है।

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