एम्स गोरखपुर (AIIMS Gorakhpur) में प्रथम वार्षिक पैथोलॉजी क्विज़ - "गोरक्षपथ 2025" (Gorakshpath 2025) का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया, जिसने पूर्वांचल के मेडिकल कॉलेजों के छात्रों को एक सशक्त मंच प्रदान किया।

निर्भीक इंडिया संवाददाता (नवनीत मिश्रा)- इस क्विज़ में पूर्वांचल के सात प्रतिष्ठित मेडिकल कॉलेजों के प्रतिभाशाली छात्रों ने हिस्सा लिया, जिससे यह क्षेत्र के सबसे महत्वपूर्ण शैक्षणिक आयोजनों में से एक बन गया। यह आयोजन न केवल शैक्षणिक उत्कृष्टता को बढ़ावा देने के लिए था, बल्कि भविष्य के चिकित्सकों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा और सामूहिक कार्य कौशल को भी प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से किया गया था।
एम्स गोरखपुर के “गोरक्षपथ 2025” क्विज़ में प्रमुख मेडिकल कॉलेजों की भागीदारी
इस महत्वपूर्ण प्रतियोगिता में एम्स गोरखपुर (AIIMS Gorakhpur) की टीम के अलावा, बीआरडी मेडिकल कॉलेज गोरखपुर (BRD Medical College), महर्षि देवराहा बाबा मेडिकल कॉलेज देवरिया, जीएमसी आज़मगढ़, एमआरए मेडिकल कॉलेज अंबेडकरनगर, एमपीटी मेडिकल कॉलेज सिद्धार्थनगर और एमवीएएस मेडिकल कॉलेज ग़ाज़ीपुर के छात्रों ने भाग लिया। यह भागीदारी दर्शाती है कि गोरखपुर अब न केवल शिक्षा का केंद्र बन रहा है, बल्कि आसपास के क्षेत्रों में भी शैक्षणिक गतिविधियों को प्रेरित कर रहा है।
एम्स गोरखपुर की टीम ने मारी बाजी
कड़े मुकाबले के बाद, एम्स गोरखपुर की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान प्राप्त किया। सौमिक पाल और सक्षम रावत की इस टीम को उनकी उत्कृष्ट ज्ञान और त्वरित सोच के लिए ₹4000 की नकद राशि और प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। द्वितीय स्थान पर महर्षि देवराहा बाबा मेडिकल कॉलेज, देवरिया की टीम रही, जिसमें किसले पांडे और श्रेयांश श्रीवास्तव शामिल थे। उन्हें ₹3000 का नकद पुरस्कार और प्रमाण पत्र दिए गए। इस तरह की प्रतिस्पर्धाएं छात्रों को न केवल उनकी पढ़ाई में उत्कृष्टता हासिल करने के लिए प्रेरित करती हैं, बल्कि उन्हें व्यावहारिक ज्ञान के लिए भी प्रोत्साहित करती हैं।
गौरवमयी उपस्थिति और प्रेरणादायक संबोधन
पुरस्कार वितरण समारोह एम्स गोरखपुर की कार्यकारी निदेशक एवं सीईओ मेजर जनरल डॉ. विभा दत्ता (सेवानिवृत्त) की गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न हुआ। अपने संबोधन में डॉ. दत्ता ने सभी प्रतिभागियों की शैक्षणिक प्रतिभा की सराहना की और जोर देकर कहा कि इस प्रकार की प्रतिस्पर्धाएं ज्ञानवर्धन का माध्यम हैं और इनसे छात्रों में आत्मविश्वास और टीम भावना विकसित होती है। उनके साथ डॉ. महिमा मित्तल (डीन, अकादमिक) और डॉ. शिखा सेठ (डीन, छात्र कल्याण) भी मंचासीन थीं। क्विज़ के निष्पक्ष संचालन के लिए एम्स गोरखपुर के एनाटॉमी विभागाध्यक्ष डॉ. विवेक मिश्रा और बीआरडी मेडिकल कॉलेज की पैथोलॉजी विभाग की वरिष्ठ प्रोफेसर डॉ. शैला मित्रा निर्णायक मंडल में शामिल थीं।
गोरक्षपथ 2025 का यह सफल आयोजन पूर्वांचल में चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में एक नए अध्याय की शुरुआत है। यह भविष्य में भी छात्रों को प्रेरित करने और उन्हें पैथोलॉजी जैसे महत्वपूर्ण विषयों में अपनी रुचि को आगे बढ़ाने के लिए एक मजबूत मंच प्रदान करेगा। इस आयोजन के लिए सभी प्रतिभागियों, निर्णायकों और आयोजन समिति को बधाई दी गई, जिससे भविष्य में और भी बड़े स्तर पर ऐसे आयोजनों की उम्मीद जगी है।

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