गोरखपुर पुलिस अपराध और अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। इसी कड़ी में, बुधवार को एक बड़ी सफलता हाथ लगी जब एक त्वरित और प्रभावी चिलुआताल पुलिस एक्शन (Chiluwatal Police Action) के तहत पुलिस ने जानलेवा हमले और फायरिंग की घटना में शामिल 7 अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया।

निर्भीक इंडिया (संवाददाता नवनीत मिश्रा)- यह मामला आपसी रंजिश और वर्चस्व की लड़ाई का प्रतीत हो रहा था, जिसमें बेखौफ बदमाशों ने वादी और उसके दोस्त पर दिनदहाड़े फायरिंग कर दी थी। पुलिस की इस तत्परता से क्षेत्र में कानून व्यवस्था के प्रति विश्वास और मजबूत हुआ है।
Chiluwatal Police Action और घटना का विवरण
यह पूरा मामला गोरखपुर के चिलुआताल थाना क्षेत्र के मैनाभागर गांव का है। घटना दिनांक 25 फरवरी 2026 की है, जब पुरानी रंजिश को लेकर दो पक्षों में विवाद हो गया। पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, अभियुक्तों ने एकजुट होकर वादी और उसके दोस्त को पहले गंदी-गंदी गालियां दीं और लाठी-डंडों से मारा-पीटा। बात यहीं तक नहीं रुकी, बल्कि जान से मारने की नीयत से उन पर पिस्टल से फायर भी झोंक दिया।
इस दुस्साहसिक वारदात की सूचना मिलते ही चिलुआताल पुलिस एक्शन (Chiluwatal Police Action) मोड में आ गई। थानाध्यक्ष चिलुआताल के नेतृत्व में पुलिस टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला और आरोपियों की धरपकड़ शुरू कर दी। यह मामला सीधे तौर पर अटैम्पट टू मर्डर केस चिलुआताल (Attempt to murder case Chiluwatal) का बन रहा था, क्योंकि मौके से खोखा कारतूस भी बरामद हुए थे, जो फायरिंग की पुष्टि कर रहे थे।
पुलिस ने वादी की तहरीर के आधार पर तत्काल मु0अ0सं0 121/2026 पंजीकृत किया। इसमें भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 109, 191(2), 191(3), 190, 115(2), 352, 351(3), और 3(5) जैसी गंभीर धाराएं लगाई गईं। पुलिस की विवेचना और दबिश के परिणामस्वरूप 24 घंटे के भीतर ही सभी नामजद अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया गया।
Chiluwatal Police Action में हुई बरामदगी
इस ऑपरेशन की सबसे बड़ी सफलता मुख्य अभियुक्त उत्तम सिंह की गिरफ्तारी और उसके पास से हथियारों की बरामदगी रही। पुलिस टीम ने जब उत्तम सिंह को दबोचा, तो उसके पास से इलीगल .32 बोर पिस्टल रिकवर्ड (Illegal .32 bore pistol recovered) हुई। इसके साथ ही पुलिस ने एक जिंदा कारतूस और मौके से 5 खोखा कारतूस भी बरामद किए।
5 खोखा कारतूसों की बरामदगी यह साबित करती है कि बदमाशों ने दहशत फैलाने और जान लेने के इरादे से कई राउंड फायरिंग की थी। इस बरामदगी के आधार पर पुलिस ने मूल मुकदमे में आर्म्स एक्ट यूपी पुलिस अरेस्ट (Arms act UP police arrest) के तहत धारा 3/25 आर्म्स एक्ट की बढ़ोतरी कर दी है। चिलुआताल पुलिस एक्शन (Chiluwatal Police Action) ने यह सुनिश्चित किया कि अवैध हथियारों के साथ घूमने वाले इन अपराधियों को सलाखों के पीछे भेजा जाए।
उत्तम सिंह क्रिमिनल हिस्ट्री गोरखपुर (Uttam Singh criminal history Gorakhpur)
गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों में उत्तम सिंह इस गिरोह का मुख्य सरगना नजर आता है। पुलिस द्वारा खंगाले गए रिकॉर्ड में उत्तम सिंह क्रिमिनल हिस्ट्री गोरखपुर (Uttam Singh criminal history Gorakhpur) काफी पुरानी और गंभीर पाई गई है। वह एक आदतन अपराधी है जो पहले भी कई संगीन जुर्मों में जेल जा चुका है।
- उत्तम सिंह का आपराधिक इतिहास:
- मु0अ0सं0 121/2026: वर्तमान में जानलेवा हमला, बलवा और आर्म्स एक्ट का मुकदमा।
- मु0अ0सं0 1029/2008: वर्ष 2008 में ही उत्तम सिंह पर बलवा, मारपीट, और घर में घुसकर हमला करने (धारा 147, 148, 323, 452, 506 आदि) का मुकदमा चिलुआताल थाने में दर्ज हुआ था।
- मु0अ0सं0 250ए/12: वर्ष 2012 में भी इस पर हत्या के प्रयास (धारा 307) और धमकी देने का गंभीर मामला दर्ज हुआ था।
उत्तम सिंह के अलावा, एक अन्य अभियुक्त राहुल सिंह का भी पुराना आपराधिक रिकॉर्ड मिला है। राहुल सिंह भी वर्ष 2008 के मुकदमे (मु0अ0सं0 1029/2008) में उत्तम सिंह के साथ नामजद था। इस तरह की पुरानी रंजिशें अक्सर गोरखपुर गैंग वॉर न्यूज़ (Gorakhpur gang war news) का रूप ले लेती हैं, लेकिन पुलिस की सतर्कता ने बड़ी घटना होने से रोक लिया।
गिरफ्तार अभियुक्तों की सूची
इस सफल चिलुआताल पुलिस एक्शन (Chiluwatal Police Action) में कुल 7 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जो सभी मैनाभागर, थाना चिलुआताल के निवासी हैं:
- उत्तम सिंह पुत्र भगवंत सिंह (मुख्य आरोपी, हथियार बरामद)
- राहुल सिंह पुत्र स्व0 लालबिहारी सिंह (पुराना अपराधी)
- अवधेश सिंह पुत्र स्व0 रामजी सिंह
- दिग्विजय सिंह पुत्र स्व0 जगन्नाथ सिंह
- प्रदीप सिंह पुत्र स्व0 रामअधारे सिंह
- अजीत सिंह पुत्र विद्यार्थी सिंह
- धर्मदेव यादव पुत्र निर्मल यादव
इन सभी पर एक राय होकर हमला करने, उपद्रव मचाने और जान से मारने की कोशिश करने का आरोप है। पुलिस ने सभी को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर अग्रिम विधिक कार्यवाही शुरू कर दी है।
कानून व्यवस्था और चिलुआताल पुलिस एक्शन (Chiluwatal Police Action) का प्रभावगोरखपुर में हाल के दिनों में जिस तरह से पुलिस ने अपराधियों पर शिकंजा कसा है, वह काबिले तारीफ है। यह मामला भी किसी बड़ी अनहोनी में बदल सकता था। जिस तरह से 5 राउंड फायरिंग की गई, वह अटैम्पट टू मर्डर केस चिलुआताल (Attempt to murder case Chiluwatal) की गंभीरता को दर्शाता है। अगर समय रहते पुलिस हस्तक्षेप न करती तो यह दो गुटों के बीच खूनी संघर्ष या गोरखपुर गैंग वॉर न्यूज़ (Gorakhpur gang war news) की हेडलाइन बन सकता था।

चिलुआताल पुलिस एक्शन : गोरखपुर में दबंगई करने वाले 7 बदमाश गिरफ्तार
इलीगल .32 बोर पिस्टल रिकवर्ड (Illegal .32 bore pistol recovered) होना इस बात का संकेत है कि ग्रामीण इलाकों में भी अवैध हथियारों की पहुंच है, जिस पर पुलिस लगातार प्रहार कर रही है। आर्म्स एक्ट यूपी पुलिस अरेस्ट (Arms act UP police arrest) के तहत हुई यह कार्रवाई अन्य अपराधियों के लिए भी एक चेतावनी है।
उत्तम सिंह क्रिमिनल हिस्ट्री गोरखपुर (Uttam Singh criminal history Gorakhpur) को देखते हुए पुलिस अब इन आरोपियों की जमानत का कड़ा विरोध करने की तैयारी में है। साथ ही, यह भी जांच की जा रही है कि उत्तम सिंह के पास यह अवैध पिस्टल कहां से आई और क्या इस गिरोह के पास और भी हथियार छिपे हो सकते हैं।
इस पूरे घटनाक्रम में चिलुआताल पुलिस एक्शन (Chiluwatal Police Action) ने त्वरित न्याय और सुरक्षा का भरोसा दिलाया है। थानाध्यक्ष चिलुआताल और उनकी टीम द्वारा की गई यह गिरफ्तारी क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। पुलिस ने आम जनता से भी अपील की है कि अगर उनके आसपास कोई संदिग्ध गतिविधि या अवैध हथियार दिखाई दे, तो तुरंत पुलिस को सूचित करें ताकि ऐसे अपराधियों पर नकेल कसी जा सके।

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Navneet Mishra is a seasoned journalist currently associated with Nirbhik India and its digital portal, nirbhikindia.in. With over six years of experience across print and digital platforms, Navneet specializes in politics, sports, economics, and geopolitics.
A Master’s graduate in Mass Communication from Deen Dayal Upadhyay Gorakhpur University, he is also a dedicated media scholar. His academic research focuses on “the pivotal role of Gorakhpur’s Hindi newspapers during the Indian freedom struggle against the British Crown”. Before joining Nirbhik India, Navneet spent five years at Adarsh Jeevan and gained valuable field experience at Amar Ujala Gorakhpur as training reporter only for 5 days.
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नवनीत मिश्रा वर्तमान में ‘निर्भीक इंडिया’ मीडिया समूह से जुड़े हैं। उन्होंने दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स किया है। पत्रकारिता के अपने 6 वर्षों के सफर में उन्होंने प्रिंट और डिजिटल दोनों डेस्क पर काम किया है। उनके शोध का विषय ब्रिटिश शासन के खिलाफ गोरखपुर के अखबारों का योगदान रहा है, जो उनकी ऐतिहासिक समझ को दर्शाता है। वे राजनीति, अर्थव्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय मामलों (Geopolitics) पर निरंतर लिखते रहे हैं। ‘आदर्श जीवन’ दैनिक में 5 साल का कार्यकाल और ‘अमर उजाला’ गोरखपुर में ट्रेनिंग रिपोर्टिंग के तौर पर मात्र 5 दिन काम क्या है उनकी लेखनी को और भी निखारता है।

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