गोरखपुर साइबर सेल ने हाल ही में एक बड़ी सफलता हासिल की है। प्रभारी निरीक्षक साइबर सेल के नेतृत्व में टीम ने विभिन्न प्रकार की साइबर ठगी (Cyber Fraud) के शिकार हुए पाँच अलग-अलग पीड़ितों के खातों में कुल 6 लाख 61 हजार 963 रुपये की शत-प्रतिशत वापसी सुनिश्चित की है।

निर्भीक इंडिया संवाददाता (नवनीत मिश्र)- यह कार्रवाई साइबर ठगी (Cyber Fraud) करने वाले के बढ़ते जाल के बीच आम जनता के लिए एक बड़ी राहत है और यह दिखाती है कि शिकायत पर त्वरित कार्रवाई से पीड़ितों को उनका पैसा वापस मिल सकता है।
पाँच तरह की साइबर ठगी (Cyber Fraud) से बचाए गए रुपये
पुलिस द्वारा जारी किए गए विवरण के अनुसार, ये मामले विभिन्न तरीकों से की गई ठगी से संबंधित थे, जिससे यह समझना आसान हो जाता है कि अपराधी किस तरह से लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं। ये साइबर ठगी (Cyber Fraud) के उदाहरण (Cyber fraud examples) इस प्रकार हैं:
क्रेडिट कार्ड की सीमा बढ़ाने का झांसा: एक मामले में, क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने के बहाने एक आवेदक से 49,000 रुपये जमा करा लिए गए थे। साइबर सेल ने तुरंत कार्रवाई कर पूरी राशि वापस कराई।
गलत खाते में पैसे ट्रांसफर: दूसरे मामले में, एक आवेदक ने फोन पे (PhonePe) के माध्यम से गलती से 15,000 रुपये गलत खाते में ट्रांसफर कर दिए थे। शिकायत मिलते ही, साइबर सेल ने इस राशि को भी वापस दिलाने में मदद की।
निवेश के नाम पर ठगी: एक सबसे बड़े मामले में, निवेश के नाम पर एक आवेदक से 4,93,000 रुपये की ठगी की गई थी। इस मामले में भी, त्वरित कार्रवाई से पूरी राशि वापस मिल गई।
क्रेडिट कार्ड से अवैध निकासी: एक अन्य मामले में, जालसाज ने धोखे से एक आवेदक के क्रेडिट कार्ड से 94,963 रुपये निकाल लिए थे। साइबर सेल ने इस राशि को भी वापस कराया।
एपीके फ़ाइल डाउनलोड करवाकर ठगी: एक अन्य घटना में, अपराधियों ने एक एपीके (APK) फ़ाइल डाउनलोड करवाकर एक आवेदक के क्रेडिट कार्ड से 10,000 रुपये निकाल लिए थे। इस राशि को भी सफलतापूर्वक वापस करा दिया गया।
यह सफलता दर्शाती है कि आम जनता द्वारा समय पर साइबर क्राइम शिकायत (Cyber Crime complaint) करना कितना महत्वपूर्ण है।
साइबर ठगी (Cyber Fraud) से बचने के लिए सावधानियां
पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे ऑनलाइन धोखाधड़ी के इन नए तरीकों से सावधान रहें। साइबर ठगी (Cyber frauds in Hindi) से बचने के लिए कुछ महत्वपूर्ण सावधानियां इस प्रकार हैं:
- लुभावने ऑफर से बचें: “टेलीग्राम/व्हाट्सएप/इंस्टाग्राम के माध्यम से टास्क पूरा कर पैसे कमाएं” जैसे लुभावने झांसों में न पड़ें। कभी भी कोई टास्क पूरा करने के नाम पर पैसे जमा न करें।
- अज्ञात नंबर से सावधान: क्रिप्टोकरेंसी या बिटकॉइन में तीन गुना लाभ कमाने जैसे वादे करने वाले जालसाजों से दूर रहें।
- कस्टमर केयर नंबर: गूगल पर किसी भी कंपनी का कस्टमर केयर नंबर सर्च करने में सावधानी बरतें, क्योंकि वे नंबर फर्जी (SPAM) हो सकते हैं। हमेशा आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ही नंबर खोजें।
- फर्जी लोन ऐप्स: बिना जाँच-परख के किसी भी लोन ऐप को डाउनलोड न करें। ये ऐप आपकी कॉन्टैक्ट लिस्ट और निजी डेटा का दुरुपयोग कर आपको ब्लैकमेल कर सकते हैं। केवल आरबीआई की वेबसाइट पर सूचीबद्ध ऐप्स का ही उपयोग करें।
साइबर क्राइम (Cyber Crime) की शिकायत कैसे करें?
यदि आप किसी भी प्रकार की साइबर ठगी (Cyber fraud) का शिकार होते हैं, तो तत्काल शिकायत करना सबसे महत्वपूर्ण है। आप इसके लिए निम्न तरीकों का पालन कर सकते हैं:
- हेल्पलाइन नंबर: साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर (Cyber Crime helpline number) 1930 पर तुरंत कॉल करें।
- ऑनलाइन शिकायत: साइबर क्राइम शिकायत ऑनलाइन (Cyber Crime complaint online) करने के लिए, आप www.cybercrime.gov.in पर विजिट कर सकते हैं।
- पुलिस स्टेशन: अपने नजदीकी पुलिस स्टेशन में भी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
- शिकायत दर्ज कराने के बाद, आप साइबर क्राइम शिकायत स्थिति (Cyber Crime complaint status) को ऑनलाइन ट्रैक कर सकते हैं।
यह अभियान और सफल वसूली यह दर्शाती है कि सतर्कता और समय पर शिकायत से पीड़ितों को न्याय मिल सकता है। पुलिस टीम में निरीक्षक संदीप सिंह, मुख्य आरक्षी शशि शंकर राय, शशि कांत जायसवाल, प्रद्युम्न जायसवाल और आरक्षी पंकज कुमार गुप्ता शामिल थे।
सावधान रहें, सुरक्षित रहें।

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