पूर्वोत्तर रेलवे के नए महाप्रबंधक उदय बोरवणकर जो कि महानिदेशक,आरडीएसओ के पदभार के साथ पूर्वोत्तर रेलवे के महाप्रबंधक का अतिरिक्त पदभार भी संभाल रहे है। कार्यभार संभालने के बाद, उन्होंने गोरखपुर रेलवे स्टेशन पुनर्विकास परियोजना का गहनता से जायजा लिया, जो इस क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण बुनियादी ढाँचा परियोजना है।

निर्भीक इंडिया (संवाददाता गोरखपुर)- इसके बाद, उन्होंने अपनी प्राथमिकता स्पष्ट करते हुए तत्काल मंडल रेल प्रबंधक, लखनऊ श्री गौरव अग्रवाल के साथ गोमती नगर रेलवे स्टेशन का निरीक्षण किया। यह देखना रोचक होगा कि रेलवे का शीर्ष नेतृत्व यात्री सुविधाओं को बेहतर बनाने और प्रमुख स्टेशनों के विकास पर कितना जोर देता है।
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गोरखपुर रेलवे स्टेशन पुनर्विकास कार्य देखने पहुंचे पूर्वोत्तर रेलवे के नए महाप्रबंधक
गोरखपुर पहुँचकर महाप्रबंधक का मुख्य ध्यान स्टेशन के पुनर्विकास पर रहा, जो यहाँ के लाखों यात्रियों के लिए एक बड़ा बदलाव लाने वाला है। उन्होंने परियोजना स्थल का गहन निरीक्षण किया और प्रथम चरण में चल रहे निर्माण कार्यों का बारीकी से मुआयना किया। उन्होंने प्लेटफॉर्म नंबर 01 का भी निरीक्षण किया।
इसके बाद, उन्होंने स्टेशन के वातानुकूलित लाउंज में रखे गए गोरखपुर जंक्शन रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास मॉडल का अवलोकन किया। उन्होंने एक वॉक-थ्रू वीडियो के माध्यम से पूरे स्टेशन के विकास की योजनाओं को समझा। यह मॉडल और वीडियो दर्शाता है कि आने वाले समय में यह स्टेशन सिर्फ एक ट्रांजिट पॉइंट नहीं, बल्कि एक आधुनिक और सुविधासंपन्न केंद्र बनेगा।
मुख्य प्रशासनिक अधिकारी/निर्माण श्री अभय कुमार गुप्ता ने महाप्रबंधक को पुनर्विकास परियोजना की कुल लागत और भविष्य में किए जाने वाले कार्यों का विस्तृत विवरण दिया। उन्होंने बताया कि इस परियोजना में नया स्टेशन भवन, द्वितीय प्रवेश द्वार पर एक और स्टेशन भवन, और एक विशाल कॉनकोर्स एरिया का निर्माण शामिल है। इस कॉनकोर्स में फूड आउटलेट, वेटिंग हॉल, एटीएम और बच्चों के लिए किड्स जोन जैसी आधुनिक सुविधाएँ होंगी। रूफ प्लाजा से सीधे प्लेटफॉर्म तक पहुँचने की व्यवस्था भी की जाएगी, जिससे यात्रियों का आवागमन सुगम हो।

गोरखपुर रेलवे स्टेशन पुनर्विकास के अलावा साथ लखनऊ से गोरखपुर तक विकास कार्यों का जायज
महाप्रबंधक श्री बोरवणकर ने सबसे पहले गोमतीनगर रेलवे स्टेशन पर चल रहे विकास कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने स्टेशन के नवनिर्मित नॉर्थ एवं साउथ टर्मिनल भवनों, वाणिज्यिक ब्लॉक, फ्लाईओवर और एयर कॉनकोर्स जैसी सुविधाओं की प्रगति देखी।
रेल भूमि विकास प्राधिकरण (आरएलडीए) के मुख्य परियोजना प्रबंधक श्री पावस यादव ने उन्हें स्टेशन के ले-आउट प्लान और दोनों प्रवेश द्वारों पर चल रहे निर्माण कार्यों से अवगत कराया। यह निरीक्षण दर्शाता है कि लखनऊ का गोमतीनगर स्टेशन भी आधुनिक यात्री सुविधाओं से लैस होकर एक प्रमुख ट्रांजिट हब बनने की ओर अग्रसर है।
इसके पश्चात, महाप्रबंधक ने गोमतीनगर (लखनऊ) से गोरखपुर तक रेल खंड का ‘विंडो ट्रेलिंग’ निरीक्षण किया, जिसमें उन्होंने चलते हुए ट्रेन से ही रेलमार्ग और आस-पास के स्टेशनों पर उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लिया। इस तरह का निरीक्षण जमीनी स्तर पर स्थितियों को समझने का एक प्रभावी तरीका माना जाता है।
अधिकारियों ने महाप्रबंधक को स्टेशन पर लगाए जाने वाले लिफ्ट और एस्केलेटर तथा यात्रियों के बैठने की आरामदायक व्यवस्थाओं के बारे में भी जानकारी दी। यह स्पष्ट है कि इस पुनर्विकास का मुख्य उद्देश्य यात्री अनुभव को पूरी तरह से बदलना है।

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