दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के आईईटी डीडीयू गोरखपुर (IET DDU Gorakhpur) में तकनीकी शिक्षा का एक बिल्कुल नया और सुनहरा सवेरा होने जा रहा है। यहाँ इंजीनियरिंग के होनहार छात्रों को भविष्य की आधुनिक और ग्लोबल तकनीकों से सीधे तौर पर जोड़ने के लिए एक ऐतिहासिक पहल की गई है। इस बड़े कदम से गोरखपुर का यह संस्थान पूर्वांचल में तकनीकी शिक्षा का सबसे बड़ा हब बनने की ओर अग्रसर है।

निर्भीक इंडिया (संवाददाता नवनीत मिश्रा)-इस विश्वस्तरीय और महत्वाकांक्षी पहल के तहत अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संस्थान (Institute of Engineering and Technology) में लगभग ₹80 लाख की भारी-भरकम लागत से अत्याधुनिक ‘इंटरनेट ऑफ थिंग्स’ (IoT) प्रयोगशाला स्थापित की जा रही है। यह हाई-टेक लैब स्वदेश संस्था गोरखपुर (Swadesh NGO Gorakhpur) के बहुमूल्य सहयोग और तकनीकी मार्गदर्शन में बनाई जाएगी, जो छात्रों के लिए एक बड़ा वरदान साबित होगी।
आईईटी डीडीयू गोरखपुर (IET DDU Gorakhpur): 80 लाख की लागत से बनेगी अत्याधुनिक IoT प्रयोगशाला
आज के तेजी से बदलते डिजिटल और स्मार्ट युग में किताबी ज्ञान से कहीं ज्यादा व्यावहारिक तकनीकी प्रशिक्षण (Practical Technical Training) की मांग पूरी दुनिया में हो रही है। इसी जमीनी जरूरत को समझते हुए आईईटी डीडीयू गोरखपुर (IET DDU Gorakhpur) का प्रशासन यह नया कदम उठा रहा है, जिससे इंजीनियरिंग के छात्र इंडस्ट्री रेडी बन सकें और मल्टीनेशनल कंपनियों में सीधे प्लेसमेंट पा सकें।
इस करोड़ों की लागत वाली आधुनिक प्रयोगशाला के शुरू होते ही आईईटी डीडीयू गोरखपुर (IET DDU Gorakhpur) के छात्र स्मार्ट डिवाइस, एम्बेडेड सिस्टम और सेंसर नेटवर्क के निर्माण में महारत हासिल करेंगे। यह लैब पूर्वांचल के युवाओं के लिए सिलिकॉन वैली जैसी उच्च-स्तरीय तकनीकी सुविधाओं का सीधा और शानदार विकल्प बनकर उभरेगी, जहां वे अपनी कल्पनाओं को तकनीकी आकार दे सकेंगे।
आईईटी डीडीयू गोरखपुर (IET DDU Gorakhpur): AI और मशीन लर्निंग से लैस होंगे छात्र
इस हाई-टेक लैब में अध्ययनरत छात्र कृत्रिम बुद्धिमत्ता और मशीन लर्निंग (Artificial Intelligence and Machine Learning) जैसे दुनिया के सबसे ज्यादा मांग वाले और उभरते क्षेत्रों में प्रोजेक्ट-आधारित कार्य कर सकेंगे। इससे उन्हें आम जनजीवन और वास्तविक जीवन की जटिल समस्याओं के सटीक तकनीकी समाधान विकसित करने का सुनहरा अवसर मिलेगा, जो समाज के लिए बेहद उपयोगी सिद्ध होगा।
विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने इस नई पहल पर गर्व जताते हुए स्पष्ट किया कि आईईटी डीडीयू गोरखपुर (IET DDU Gorakhpur) का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को सिर्फ सैद्धांतिक या किताबी ज्ञान तक सीमित रखना बिल्कुल नहीं है। प्रशासन छात्रों को हर हाल में आधुनिक तकनीकों का व्यावहारिक अनुभव प्रदान करना चाहता है, ताकि वे प्रतिस्पर्धा के इस युग में कभी पीछे न रहें।
इंजीनियरिंग संकाय के अधिष्ठाता प्रो. हिमांशु पांडेय ने बताया कि आज के समय में IoT, स्मार्ट सिस्टम और डेटा एनालिटिक्स ही तकनीकी विकास की मुख्य रीढ़ बन चुके हैं। यह करोड़ों की लैब आईईटी डीडीयू गोरखपुर (IET DDU Gorakhpur) के छात्रों को सीधे तौर पर प्रोजेक्ट-आधारित शिक्षण (Project-Based Learning) और अंतरराष्ट्रीय स्तर की शोध गतिविधियों से जोड़ेगी, जो उनके करियर को नई उड़ान देगी।
संस्थान (आईईटी) के निदेशक प्रो. सुग्रीव नाथ तिवारी के अनुसार, यह लैब छात्रों के भविष्य के लिए एक बहुत बड़ा गेम-चेंजर साबित होगी। इस आईईटी डीडीयू गोरखपुर (IET DDU Gorakhpur) प्रयोगशाला के माध्यम से वे इंटरनेट आधारित जटिल अनुप्रयोगों तथा उभरती तकनीकों पर आधारित प्रयोग एवं स्वदेशी परियोजनाएं आसानी से तैयार कर सकेंगे, जिससे विश्वविद्यालय का नाम पूरे विश्व में रोशन होगा।

आईईटी डीडीयू गोरखपुर (IET DDU Gorakhpur): स्वदेश संस्था के सहयोग से संवरेगा तकनीकी भविष्य
इस 80 लाख रुपये के ड्रीम प्रोजेक्ट को धरातल पर साकार करने वाली स्वदेश संस्था गोरखपुर (Swadesh NGO Gorakhpur) के अध्यक्ष डॉ. राजीव निगम ने भी मीडिया के सामने अपना विजन साझा किया है। उन्होंने बताया कि उनकी संस्था का मुख्य उद्देश्य ही शैक्षणिक संस्थानों को आधुनिक तकनीकी संसाधनों से पूरी तरह सशक्त और आत्मनिर्भर बनाना है, ताकि छात्र वैश्विक मंच पर चमक सकें।
डॉ. राजीव निगम ने आगे कहा कि इस शानदार प्रयोगशाला के माध्यम से आईईटी डीडीयू गोरखपुर (IET DDU Gorakhpur) के हजारों छात्रों को वैश्विक स्तर का व्यावहारिक तकनीकी प्रशिक्षण (Practical Technical Training) मिलेगा। इससे वे तकनीकी नवाचार पर आधारित बड़ी और जटिल परियोजनाओं तथा राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय हैकाथॉन व प्रतियोगिताओं में पूरे आत्मविश्वास के साथ भाग लेने के लिए तैयार होंगे।
डीडीयू संस्थान प्रशासन पूरी तरह से आश्वस्त है कि इस अत्याधुनिक लैब की स्थापना से आईईटी डीडीयू गोरखपुर (IET DDU Gorakhpur) में शोध, अनुसंधान और तकनीकी नवाचार को एक बिल्कुल नई और सकारात्मक दिशा मिलेगी। यह महत्वपूर्ण पहल विश्वविद्यालय परिसर में तकनीकी अनुसंधान और उद्यमिता (Entrepreneurship) की एक मजबूत संस्कृति को विकसित करेगी, जिससे छात्र जॉब सीकर की बजाय जॉब क्रिएटर बनेंगे।
कुल मिलाकर देखा जाए तो, आईईटी डीडीयू गोरखपुर (IET DDU Gorakhpur) की यह 80 लाख रुपये की IoT लैब पूर्वांचल के तकनीकी भविष्य का एक बेहद चमकता हुआ मील का पत्थर है। यह अभूतपूर्व पहल कृत्रिम बुद्धिमत्ता और मशीन लर्निंग (Artificial Intelligence and Machine Learning) के विशाल क्षेत्र में गोरखपुर के छात्रों को विश्व पटल पर एक नई, सशक्त और अलग पहचान दिलाएगी।

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Navneet Mishra is a seasoned journalist currently associated with Nirbhik India and its digital portal, nirbhikindia.in. With over six years of experience across print and digital platforms, Navneet specializes in politics, sports, economics, and geopolitics.
A Master’s graduate in Mass Communication from Deen Dayal Upadhyay Gorakhpur University, he is also a dedicated media scholar. His academic research focuses on “the pivotal role of Gorakhpur’s Hindi newspapers during the Indian freedom struggle against the British Crown”. Before joining Nirbhik India, Navneet spent five years at Adarsh Jeevan and gained valuable field experience at Amar Ujala Gorakhpur as training reporter only for 5 days.
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नवनीत मिश्रा वर्तमान में ‘निर्भीक इंडिया’ मीडिया समूह से जुड़े हैं। उन्होंने दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स किया है। पत्रकारिता के अपने 6 वर्षों के सफर में उन्होंने प्रिंट और डिजिटल दोनों डेस्क पर काम किया है। उनके शोध का विषय ब्रिटिश शासन के खिलाफ गोरखपुर के अखबारों का योगदान रहा है, जो उनकी ऐतिहासिक समझ को दर्शाता है। वे राजनीति, अर्थव्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय मामलों (Geopolitics) पर निरंतर लिखते रहे हैं। ‘आदर्श जीवन’ दैनिक में 5 साल का कार्यकाल और ‘अमर उजाला’ गोरखपुर में ट्रेनिंग रिपोर्टिंग के तौर पर मात्र 5 दिन काम क्या है उनकी लेखनी को और भी निखारता है।

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