निर्भीक संपादकीय

रीढ़विहीन पत्रकारिता (Spineless Journalism): लोकतंत्र हेतु खतरा

प्रस्तावना- लोकतांत्रिक व्यवस्था में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ कहा जाता है। इसका मूल उद्देश्य सत्ता से सवाल पूछना, जनता के

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निर्भीक संपादकीय

(Fourth Pillar of Democracy) : प्रेस के बिना लोकतंत्र अधूरा

प्रस्तावना- लोकतंत्र की मूल संरचना चार प्रमुख स्तंभोंविधायिका, कार्यपालिका, न्यायपालिका और प्रेसपर आधारित मानी जाती है। इन चारों में प्रेस

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निर्भीक संपादकीय

भारतीय पत्रकारिता का इतिहास (History of Indian Journalism) बिकी मीडिया कहने वालों ! पढ़ो

प्रस्तावना – आज के इस वातानुकूलित और डिजिटल युग में, जब हाथ में एक सस्ता स्मार्टफोन और कुछ गीगाबाइट मुफ्त

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