निर्भीक संपादकीय

स्वयंभू पत्रकार और यूट्यूब (Self-Proclaimed YouTube Journalists): गिरते नैतिक मानक और चुनौतियां

प्रस्तावना- भारत में डिजिटल क्रांति ने सूचना के लोकतंत्रीकरण के द्वार तो खोले हैं, परंतु इसके साथ ही पत्रकारिता के

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निर्भीक संपादकीय

जनसंचार और पत्रकारिता की शिक्षा (Mass Communication and Journalism Education): लोकतंत्र निर्माण का आधार

प्रस्तवाना- वर्तमान डिजिटल युग में एक अत्यंत भ्रामक और घातक धारणा ने हमारे समाज में गहरी जड़ें जमा ली हैं।

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निर्भीक संपादकीय

मीडिया के खिलाफ साजिश (Conspiracy Against Media)

प्रस्तावना- लोकतांत्रिक विमर्श में मुख्यधारा की मीडिया की भूमिका सदैव एक प्रकाश-स्तंभ के समान रही है। यह वह महत्वपूर्ण स्तंभ

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निर्भीक संपादकीय

जनहित पत्रकारिता (Public Interest Journalism): लोकतंत्र की आत्मा और चुनौतियां

प्रस्तावना- पत्रकारिता केवल सूचनाओं का द्रुत गति से प्रसारण नहीं, अपितु समाज का दर्पण और लोकतंत्र का चतुर्थ स्तंभ है।

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निर्भीक संपादकीय

खोजी पत्रकारिता और भ्रष्टाचार (Investigative Journalism and Corruption): अंतिम विकल्प

प्रस्तावना- लोकतंत्र की सुदृढ़ इमारत की नींव ईमानदारी और शुचिता पर टिकी होती है, परंतु वर्तमान समय में भ्रष्टाचार एक

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निर्भीक संपादकीय

आंचलिक पत्रकारिता (Regional Journalism): लोकतंत्र की ज़मीनी धड़कन

प्रस्तावना- जब भी हम ‘मीडिया’ या ‘पत्रकारिता’ शब्द सुनते हैं, तो हमारे मानस पटल पर स्वतः ही देश की राजधानी

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