पूर्वोत्तर रेलवे (NER) 14 सितंबर से 1 अक्टूबर 2024 तक ‘स्वच्छता ही सेवा 2024’ (एस.एच.एस.-2024) अभियान का आयोजन करने जा रहा है। यह अभियान, स्वच्छ भारत मिशन की 10वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित किया जा रहा है और इसकी थीम है "स्वभाव स्वच्छता - संस्कार स्वच्छता"। इसका मुख्य उद्देश्य स्वच्छता को जीवनशैली का हिस्सा बनाना और जनभागीदारी से स्वच्छ भारत के लक्ष्य को प्राप्त करना है।

निर्भीक इंडिया (संवाददाता गोरखपुर)- पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्यालय, गोरखपुर के साथ-साथ लखनऊ, वाराणसी, और इज्जतनगर मंडलों में स्वच्छता गतिविधियों का व्यापक आयोजन किया जाएगा। 14 सितंबर 2024 को इस अभियान की शुरुआत “स्वच्छता शपथ” के साथ की जाएगी, जिसके बाद वाकाथन, साइक्लाथन, स्वच्छता रैली और मानव श्रृंखला जैसी गतिविधियाँ होंगी।
पूर्वोत्तर रेलवे के आयोजन की पूर्ण जानकारी
अभियान के दौरान प्रमुख रूप से स्टेशनों की सफाई, आवासीय कॉलोनियों की स्वच्छता, ट्रेनों की साफ-सफाई, कोचिंग डिपो में कोचों की पेंटिंग और पुनः अक्षरांकन, रेल पथ की सफाई और स्टेशन स्टालों में पुनर्चक्रण को बढ़ावा दिया जाएगा।
स्वच्छता शपथ और जागरूकता अभियान: 14 सितंबर 2024 को सभी रेलवे मंडलों में अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा स्वच्छता शपथ दिलाई जाएगी। इसके बाद वाकाथन, साइक्लाथन, और स्वच्छता रैलियों का आयोजन होगा, जिसमें आम नागरिकों की भागीदारी भी सुनिश्चित की जाएगी।
स्टेशनों और ट्रेनों की सफाई: 14 सितंबर से 1 अक्टूबर 2024 तक विभिन्न स्टेशनों और ट्रेनों की गहन सफाई की जाएगी। विशेष रूप से वाशिंग पिट पर ट्रेनों की सफाई पर जोर दिया जाएगा। स्टेशनों के ओरिजिनेटिंग और टर्मिनेटिंग स्थानों पर भी सफाई अभियान चलाया जाएगा।
पौधारोपण अभियान (एक पेड़ माँ के नाम): 15 से 30 सितंबर 2024 तक पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा, जिसमें ‘एक पेड़ माँ के नाम’ पहल के तहत विभिन्न स्थानों पर वृक्षारोपण किया जाएगा।
विद्यालय प्रतियोगिताएँ: 14 से 20 सितंबर 2024 तक स्कूलों में पेंटिंग, कविता, निबंध और पोस्टर प्रतियोगिताएँ आयोजित की जाएंगी। इसके साथ ही क्रीड़ा लीग का आयोजन भी किया जाएगा, जिसमें युवाओं को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया जाएगा।
कला और सांस्कृतिक गतिविधियाँ: 14 सितंबर 2024 को स्टेशनों और कारखानों में अपशिष्ट सामग्री से कला स्थापना का आयोजन किया जाएगा। इसके अलावा, 17 सितंबर 2024 को स्वच्छ भारत सांस्कृतिक उत्सव का आयोजन किया जाएगा, जिसमें नृत्य, संगीत, नाटक, स्किट और लघु शैक्षिक फिल्मों का प्रदर्शन किया जाएगा।
श्रमदान: 17, 20 और 27 सितंबर 2024 को बड़े पैमाने पर श्रमदान कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस दौरान रेलवे स्टेशनों, जल निकायों, सड़कों और नालों की सफाई की जाएगी।
सफाई मित्रों और कर्मचारियों के लिए विशेष शिविर
स्वच्छता ही सेवा 2024 के अंतर्गत 14 से 24 सितंबर 2024 तक सफाई मित्रों और उनके परिवारों के लिए स्वास्थ्य और कल्याण शिविरों का आयोजन किया जाएगा। इन शिविरों में सफाई कर्मियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य की देखभाल सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही, सफाई कर्मियों को पीपीई किट और संरक्षा गियर का वितरण किया जाएगा, जिससे वे सुरक्षित रह सकें।
इसके अलावा, रेलवे और अन्य सामान्य कर्मचारियों के लिए भी स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन होगा। इन शिविरों में प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (पीएमजेएवाई), प्रधानमंत्री जन-धन योजना (पीएमजेडीवाई), आयुष्मान भारत, और मिशन इंद्रधनुष जैसी कल्याणकारी योजनाओं से कर्मचारियों को जोड़ा जाएगा।
डिजिटल और सोशल मीडिया पर स्वच्छता ही सेवा 2024 का प्रचार
स्वच्छता अभियान को बढ़ावा देने के लिए डिजिटल और सोशल मीडिया प्लेटफार्मों का भी उपयोग किया जाएगा। 14 सितंबर से 1 अक्टूबर 2024 तक सोशल मीडिया पर स्वच्छता संदेशों का प्रसार किया जाएगा। इस दौरान स्वच्छता ही सेवा 2024 के लोगो, बैनर, होर्डिंग्स, और गानों के माध्यम से स्वच्छता के प्रति जागरूकता फैलाई जाएगी।
समारोह और पुरस्कार वितरण
अभियान के समापन समारोह के दौरान, 2 अक्टूबर 2024 को स्वच्छता लक्षित इकाइयों (CTU) की सफाई की जाएगी। सफाई मित्रों का सम्मान किया जाएगा और सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों, और प्रतिभागियों को पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे।
महत्वपूर्ण आयोजन
17 सितंबर 2024 को गोरखपुर जंक्शन पर प्लेटफॉर्म संख्या 2 पर एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन होगा, जिसमें मुख्य अतिथि महाप्रबंधक, पूर्वोत्तर रेलवे, सुश्री सौम्या माथुर और प्रमुख विभागाध्यक्षों की उपस्थिति में विभिन्न गतिविधियाँ होंगी।
इस अभियान के दौरान प्रमुख विभागाध्यक्ष, वरिष्ठ रेल अधिकारी और कर्मचारी बढ़-चढ़कर हिस्सा लेंगे, जिससे स्वच्छता ही सेवा 2024 अभियान को सफल बनाने में मदद मिलेगी।
पूर्वोत्तर रेलवे पर स्वच्छता ही सेवा 2024 अभियान का उद्देश्य स्वच्छता को समाज की आदतों और संस्कारों में बदलना है। यह अभियान न केवल रेलवे कर्मचारियों बल्कि आम जनता के बीच भी स्वच्छता के प्रति जागरूकता फैलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

निर्भीक इंडिया (NIRBHIK INDIA) एक समाचार पत्र नही अपितु 244 साल से भी लम्बे समय से चल रहे पत्रकारिता की विचारधारा है, जो हमेशा लोकतंत्र के चारो स्तम्भ को मान्यता देने एवं जनता सर्वोपरि की विचारों का प्रतिनिधित्वकत्र्ता है। आप सभी हमारे साथ जुड़े अपने तन, मन व धन से हमें ताकत दें जिससे कि हम आप (जनता) के लिए आप (जनता) के द्वारा, आप (जनता) के आदेशों पर केन्द्र से सवाल करते हुए एक पूर्ण लोकतंत्र बना सकें।

निर्भीक इंडिया केवल एक समाचार पत्र नहीं, बल्कि पत्रकारिता के उन मूल्यों का पुनर्जन्म है जो सदियों पुराने हैं। भारत के समाचार पत्रों के पंजीयक (RNI) द्वारा पंजीकृत, हमारे सफर की औपचारिक शुरुआत जून 2023 में हुई। तकनीकी रूप से हम अभी नए हैं, लेकिन हमारी वैचारिक जड़ें अत्यंत गहरी और समृद्ध हैं।
हम उस पत्रकारिता की विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं जिसका लिखित इतिहास 244 साल पुराना है। हम उस निर्भीकता का प्रतिनिधित्व करते हैं जिसने राजा राममोहन राय जैसे समाज सुधारकों के माध्यम से सती प्रथा और बाल विवाह जैसी कुरीतियों को जड़ से उखाड़ने में बड़ी भूमिका निभाई। हमारा उद्देश्य आज के दौर में उसी स्पष्टवादिता और साहस को जीवित रखना है। हम सिर्फ खबरें नहीं पहुँचाते, बल्कि समाज के सामने सच का आईना रखते हैं।
आइए, निर्भीक पत्रकारिता के इस अभियान में हमारे साथ जुड़ें और एक जागरूक भारत के निर्माण में सहभागी बनें।
———————————————————————————————————————–
Nirbhik India is a registered newspaper with the Registrar of Newspapers for India (RNI), officially embarking on its journey in June 2023. While we may be “young” in terms of our registration date, the spirit of journalism we represent is centuries old.
We carry forward a 244-year-old legacy of fearless reporting—a tradition that empowered visionaries like Raja Ram Mohan Roy to challenge deep-rooted social evils like Sati and child marriage. Even as a new entrant in the digital and print space, our commitment remains rooted in that same historic courage.
We don’t just report the news; we uphold the truth without fear or favor. Join us in this mission to revive authentic journalism. Be a part of our journey as we strive to keep the flame of truth burning bright in modern India.
Connect with us and support the voice of integrity.

You must be logged in to post a comment.