गोरखपुर में 14 सितंबर 2024 को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन होने जा रहा है। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली के निर्देशानुसार और माननीय जनपद न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष, श्री तेज प्रताप तिवारी की अध्यक्षता में इस लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा।

निर्भीक इंडिया (संवाददाता गोरखपुर)- दीवानी कचहरी सहित अन्य बाह्य न्यायालयों में भी इस राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन सुनिश्चित किया गया है, जिसमें वादकारियों को अपने मामलों का त्वरित समाधान सुलह-समझौते के आधार पर प्राप्त होगा।
राष्ट्रीय लोक अदालत की मुख्य विशेषताएँ:
गोरखपुर के दीवानी कचहरी के अलावा, बाह्य न्यायालय बॉसगांव, ग्राम न्यायालय कैम्पियरगंज, चौरी चौरा और गोला तहसीलों में भी यह राष्ट्रीय लोक अदालत आयोजित की जाएगी। राष्ट्रीय लोक अदालत का उद्देश्य न्यायिक मामलों का त्वरित और आपसी सहमति से निस्तारण करना है, जिससे न केवल न्यायपालिका पर बोझ कम हो, बल्कि वादकारियों को समय पर न्याय भी मिल सके।
राष्ट्रीय लोक अदालत में निस्तारित किए जाने वाले मामले:
इस राष्ट्रीय लोक अदालत में निम्नलिखित प्रकार के मामलों का निस्तारण सुलह-समझौते के आधार पर किया जाएगा:
आपराधिक शमनीय वाद: वे अपराध जो अदालत के बाहर आपसी सहमति से सुलझाए जा सकते हैं।
धारा 138 पराक्रम लिखत अधिनियम (चेक बाउंस मामले): इन मामलों में भी समझौते के आधार पर फैसला किया जाएगा।
बैंक वसूली वाद: जिन मामलों में बैंक की देनदारियां शामिल होती हैं, उन्हें भी लोक अदालत में सुलझाने का मौका मिलेगा।
मोटर दुर्घटना प्रतिकर याचिकाएं: दुर्घटनाओं से जुड़े मुआवजे के मामले, जो काफी समय से लंबित हैं, को भी त्वरित तरीके से निस्तारित किया जाएगा।
पारिवारिक विवाद: तलाक, भरण-पोषण और अन्य पारिवारिक मामलों का समाधान भी आपसी सहमति से किया जाएगा।
श्रम विवाद: श्रमिकों और नियोक्ताओं के बीच के विवाद भी लोक अदालत में सुलझाए जाएंगे।
भूमि अधिग्रहण मामले: जमीन के अधिग्रहण से जुड़े विवादों का समाधान भी सुलह-समझौते के आधार पर किया जाएगा।
विद्युत एवं जल बिल विवाद: बिजली और पानी के बिलों से जुड़े मामलों का निस्तारण लोक अदालत में किया जाएगा।
सर्विस वाद (किराया, व्ययादेश, विशिष्ट अनुतोष वाद): किरायेदार और मकान मालिक के बीच के विवाद, वेतन से जुड़े मामले, और विशिष्ट अनुतोष जैसे अन्य कानूनी विवाद भी इस लोक अदालत में सुलझाए जाएंगे।
प्रीलिटिगेशन स्टेज के मामले भी होंगे निस्तारित:
राष्ट्रीय लोक अदालत में उन मामलों का भी निस्तारण किया जाएगा, जो अभी अदालत में दाखिल नहीं हुए हैं, यानी प्रीलिटिगेशन स्टेज पर हैं। ये वे मामले होते हैं जिनमें संबंधित पक्षों के बीच सुलह-समझौते के आधार पर विवाद को हल किया जा सकता है, और इन मामलों को अदालत में जाने की आवश्यकता नहीं पड़ती।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव, श्री विकास सिंह ने वादकारियों से अपील की है कि जो भी व्यक्ति अपने मामलों का निस्तारण राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से कराना चाहते हैं, वे संबंधित न्यायालय में आवेदन पत्र प्रस्तुत करें। यह सुनहरा मौका है कि वादकारी अपने मामलों को बिना किसी देरी के हल करवा सकते हैं। वादकारियों को समय पर न्यायालय में उपस्थित होकर अपने मामलों का निस्तारण कराना होगा, ताकि वे इस विशेष अदालत का लाभ उठा सकें।
राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन वादकारियों और न्यायपालिका दोनों के लिए फायदेमंद है। यह न केवल न्यायिक प्रक्रिया को सरल और त्वरित बनाता है, बल्कि विवादों को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने में भी मदद करता है। वादकारियों को दी जाने वाली यह सेवा निशुल्क होती है, जिससे वे कानूनी फीस और अदालत की लंबी प्रक्रिया से बच सकते हैं।
लोक अदालत में मामलों का निपटारा सुलह-समझौते के आधार पर होता है, इसलिए यह प्रक्रिया लंबी कानूनी लड़ाई से कहीं ज्यादा लाभकारी होती है। इस तरह की अदालतें न्यायपालिका की बुनियादी समस्याओं को हल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं और वादकारियों के लिए समय और धन की बचत भी करती हैं।
समय और स्थान:
राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन 14 सितंबर 2024 को प्रातः 10:00 बजे से शुरू होगा। वादकारी और संबंधित पक्षों को दीवानी कचहरी गोरखपुर, बाह्य न्यायालय बॉसगांव, ग्राम न्यायालय कैम्पियरगंज, चौरी चौरा और गोला तहसील मुख्यालयों में नियत समय पर पहुंचने की अपील की गई है।
राष्ट्रीय लोक अदालत 2024 एक महत्वपूर्ण पहल है जो गोरखपुर के वादकारियों को अपने विवादों को त्वरित और सुलह-समझौते के माध्यम से हल करने का अवसर प्रदान करती है। यह न केवल न्यायिक प्रक्रिया को सरल बनाती है, बल्कि समाज में न्याय के प्रति विश्वास को भी मजबूत करती है।

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