गोरखपुर महानगर के नागरिकों के लिए स्वास्थ्य के मोर्चे पर एक बेहद शानदार और राहत भरी खबर सामने आई है। शहर की घनी आबादी वाले इलाके में पुर्दिलपुर सिटी पॉलीक्लिनिक (Purdilpur City Polyclinic) को शुरू करने की सभी प्रशासनिक और ढांचागत तैयारियां अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं।

निर्भीक इंडिया (संवाददाता नवनीत मिश्रा)- बहुत जल्द शहरवासियों को अपने घर के नजदीक ही मुफ्त और उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधाएं मिलनी शुरू हो जाएंगी। मंगलवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. राजेश झा ने इस नव-निर्मित केंद्र का सघन निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
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पुर्दिलपुर सिटी पॉलीक्लिनिक (Purdilpur City Polyclinic): गोरखपुर में फ्री इलाज शुरू
सीएमओ ने निरीक्षण के दौरान मातहत अधिकारियों को पुर्दिलपुर सिटी पॉलीक्लिनिक (Purdilpur City Polyclinic) को इसी सप्ताह से विधिवत जनता को समर्पित करने के लिए सख्त और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं। इस पॉलीक्लिनिक का मुख्य उद्देश्य शहरी आबादी को बेहतरीन स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराना है।
इस महत्वाकांक्षी स्वास्थ्य केंद्र के पूरी तरह से शुरू हो जाने के बाद, मरीजों को छोटी-बड़ी बीमारियों के लिए दूर-दराज के अस्पतालों के धक्के नहीं खाने पड़ेंगे। इस केंद्र पर प्रतिदिन निजी क्षेत्र के दो प्रतिष्ठित डॉक्टर अपनी विशेषज्ञ चिकित्सक सेवाएं (Specialist Doctor Services) समुदाय को बिल्कुल मुफ्त प्रदान करेंगे।
इन अनुभवी डॉक्टरों की ओपीडी से गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के इलाज पर होने वाले भारी-भरकम खर्च में बड़ी बचत होगी। पुर्दिलपुर सिटी पॉलीक्लिनिक (Purdilpur City Polyclinic) का यह मॉडल स्थानीय लोगों के लिए एक बड़े वरदान की तरह काम करेगा, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं तक उनकी पहुंच बेहद आसान और सुलभ हो जाएगी।
पुर्दिलपुर सिटी पॉलीक्लिनिक (Purdilpur City Polyclinic) में 73 फ्री पैथोलॉजी जांचें
सीएमओ डॉ. राजेश झा ने केंद्र की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि शुरुआत में पुर्दिलपुर सिटी पॉलीक्लिनिक (Purdilpur City Polyclinic) पर फिजिशियन, गाइनोकलॉजिस्ट (स्त्री रोग विशेषज्ञ), श्वसन रोग विशेषज्ञ और बाल रोग विशेषज्ञ मरीजों को परामर्श देंगे।
ये सभी विशेषज्ञ डॉक्टर सुबह नौ बजे से लेकर शाम चार बजे तक क्लिनिक पर अनिवार्य रूप से मौजूद रहेंगे। मरीजों के लिए विशेषज्ञ चिकित्सकों की यह ओपीडी सुविधा सोमवार से शनिवार तक लगातार उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि किसी भी दिन इलाज बाधित न हो।
सबसे खास और अहम बात यह है कि आगे चलकर पुर्दिलपुर सिटी पॉलीक्लिनिक (Purdilpur City Polyclinic) पर 73 प्रकार की पैथोलॉजिकल जांचें भी पूरी तरह से निःशुल्क की जाएंगी। इससे बाहर निजी पैथोलॉजी सेंटरों पर लुटने वाले मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी।
शुरुआती दौर में इस नए केंद्र पर फिलहाल 15 प्रकार की बुनियादी जांचों की सुविधा तत्काल प्रभाव से शुरू कर दी जाएगी। बाकी बची हुई हाई-एंड और जटिल जांचों के लिए पुर्दिलपुर सिटी पॉलीक्लिनिक (Purdilpur City Polyclinic) से एक विशेष ‘सैम्पल ट्रांसपोर्ट’ व्यवस्था शुरू कराई जाएगी।
सैम्पल ट्रांसपोर्ट के जरिए मरीजों के खून के नमूने बड़े सरकारी लैब में भेजे जाएंगे और उनकी रिपोर्ट क्लिनिक पर ही उपलब्ध करा दी जाएगी। सरकार ने निजी क्षेत्र के इन विशेषज्ञ डॉक्टरों को प्रत्येक कार्य दिवस के योगदान के लिए उचित मानदेय भुगतान का भी कड़ा प्रावधान किया है।
गोरखपुर में यह पूरी आधुनिक व्यवस्था बसंतपुर सिटी पॉलीक्लिनिक मॉडल (Basantpur City Polyclinic Model) की शानदार तर्ज पर ही विकसित की जा रही है। बसंतपुर का यह मॉडल पहले से ही शहर में सफलतापूर्वक संचालित हो रहा है और वहां हजारों मरीज इसका लाभ उठा रहे हैं।

पुर्दिलपुर सिटी पॉलीक्लिनिक (Purdilpur City Polyclinic) से घटेगा बड़े अस्पतालों का बोझ
इस नई और आधुनिक सुविधा के शुरू होने से गोरखपुर के स्वास्थ्य ढांचे को सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि जिला अस्पताल पर मरीजों का अत्यधिक दबाव कम हो जाएगा। अब मरीजों को विशेषज्ञ सेवाओं के लिए सीधे जिला अस्पताल की लंबी लाइनों में धक्के खाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
पुर्दिलपुर सिटी पॉलीक्लिनिक (Purdilpur City Polyclinic) पर मौजूद विशेषज्ञ डॉक्टर ही प्राथमिक स्तर पर गंभीर बीमारियों को पहचान कर उनका सही इलाज शुरू कर देंगे। यदि किसी मरीज की चिकित्सीय स्थिति अधिक गंभीर होती है, तो उसे यहां से एक व्यवस्थित चैनल के माध्यम से रेफर किया जाएगा।
यहां के डॉक्टर जरूरत महसूस होने पर ही मरीज को बीआरडी मेडिकल कॉलेज या जिला अस्पताल रेफरल (District Hospital Referral) की पर्ची बनाकर देंगे। इससे बड़े अस्पतालों में सिर्फ गंभीर मरीजों का ही इलाज हो सकेगा और स्वास्थ्य व्यवस्था अधिक पारदर्शी बनेगी।
पुर्दिलपुर केंद्र के निरीक्षण के अवसर पर एसीएमओ डॉ. विनय पांडेय, एनयूएचएम की डिवीजनल कंसल्टेंट डॉ. प्रीति सिंह, चिकित्सा अधिकारी डॉ. अनुला गुप्ता और एनयूएचएम के जिला कंसल्टेंट सुरेश चौहान सहित कई विभागीय प्रतिनिधि मौजूद रहे।
इसी क्रम में, जिले की ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को भी दुरुस्त करने के लिए सीएमओ डॉ. झा ने मंगलवार को जंगल कौड़िया पीएचसी (PHC) का स्वास्थ्य केंद्र का औचक निरीक्षण (Surprise Inspection of Health Center) किया। वहां उन्होंने वार्डों की साफ-सफाई और मरीजों की सुविधाओं का बारीकी से जायजा लिया।
सीएमओ ने जंगल कौड़िया पीएचसी पर मौजूद चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनीष चौरसिया से वहां चल रहे निर्माण कार्यों की विस्तृत जानकारी तलब की। उन्होंने आशा कार्यकर्ताओं व फार्मासिस्ट सहित अन्य स्टाफ से सीधा संवाद कर उनकी समस्याएं भी सुनीं।
निरीक्षण के अंत में डॉ. झा ने ठेकेदारों और प्रभारियों को सख्त हिदायत दी कि पीएचसी पर चल रहे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता (Quality of Construction Works) के साथ किसी भी सूरत में कोई समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पुर्दिलपुर सिटी पॉलीक्लिनिक (Purdilpur City Polyclinic) और ग्रामीण केंद्रों पर हो रही यह सख्ती जिले की सुधरती स्वास्थ्य व्यवस्था का एक स्पष्ट संकेत है।

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