पूर्वांचल और बिहार के रेल यात्रियों के लिए एक बेहद जरूरी और बड़ा अलर्ट जारी किया गया है। रेलवे प्रशासन ने वाराणसी मंडल ट्रेन डायवर्जन (Varanasi Division Train Diversion) का विस्तृत शेड्यूल जारी कर दिया है।

निर्भीक इंडिया (संवाददाता नवनीत मिश्रा)- मार्च के इस महीने में यात्रा करने वाले लाखों यात्रियों को कई ट्रेनों के निरस्तीकरण, शार्ट टर्मिनेशन और मार्ग परिवर्तन का सामना करना पड़ेगा। यह मेगा ब्लॉक वाराणसी मंडल के अहम रूट पर बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए लिया गया है।
वाराणसी मंडल ट्रेन डायवर्जन (Varanasi Division Train Diversion): मेगा ब्लॉक से कई ट्रेनें निरस्त और डायवर्ट
मुख्य रूप से यह कार्य औंड़िहार-भटनी रेल खंड पर स्थित लार रोड-सलेमपुर पैच डबलिंग (Lar Road-Salempur Patch Doubling) को पूरा करने के लिए किया जा रहा है। पैच डबलिंग (दोहरीकरण) से भविष्य में ट्रेनों की रफ्तार बढ़ेगी और लेट-लतीफी की समस्या काफी हद तक खत्म हो जाएगी।
इस दोहरीकरण को सुचारू रूप से पटरियों से जोड़ने के लिए सलेमपुर-पिवकोल स्टेशनों के मध्य प्री-नॉन इंटरलॉक एवं नॉन इंटरलॉक कार्य किया जाएगा। नॉन इंटरलॉक कार्य और संरक्षा परीक्षण (Non-Interlock Work and Safety Trial) पूरा होने के बाद ही इस ट्रैक पर ट्रेनों का फर्राटा भरना शुरू होगा।
रेलवे के आधिकारिक बयान के अनुसार, 25 मार्च 2026 को रेल संरक्षा आयुक्त पूर्वोत्तर परिमंडल (Railway Safety Commissioner NE Circle) द्वारा इस पूरे खंड का बारीकी से संरक्षा परीक्षण (Safety Trial) किया जाएगा। इसके बाद ही इसे नियमित ट्रेनों के लिए पूरी तरह खोला जाएगा।
वाराणसी मंडल ट्रेन डायवर्जन (Varanasi Division Train Diversion) के तहत निरस्त और डायवर्ट ट्रेनें
इस मेगा ब्लॉक के कारण सबसे ज्यादा असर लोकल और कुछ प्रमुख एक्सप्रेस ट्रेनों पर पड़ा है। 13 से 25 मार्च तक गोरखपुर कैंट-वाराणसी सिटी (15129/15130) पूरी तरह निरस्त रहेगी।
इसके अलावा भटनी-बरहज बाजार, बरहज बाजार-सलेमपुर और भटनी-सलेमपुर रूट की सभी लोकल सवारी गाड़ियां (55123 से 55130 तक) 13 से 25 मार्च तक पटरियों पर नहीं दौड़ेंगी। 23 से 25 मार्च के बीच गोरखपुर-बनारस (15103/15104) एक्सप्रेस भी रद्द रहेगी।
वाराणसी मंडल ट्रेन डायवर्जन (Varanasi Division Train Diversion) के तहत कई लंबी दूरी की ट्रेनों के रूट बदले गए हैं। 18 से 25 मार्च तक 14005 सीतामढ़ी-आनन्द विहार एक्सप्रेस अपने पुराने रूट (छपरा-भटनी-मऊ) की बजाय छपरा-फेफना-इंदारा-मऊ के नए रास्ते से जाएगी।
इस डायवर्जन के कारण यह ट्रेन एकमा, सीवान, जीरादेई, भटनी और बेलथरा रोड जैसे अहम स्टेशनों पर नहीं रुकेगी। इसी तरह वापसी में 14006 आनन्द विहार-सीतामढ़ी एक्सप्रेस भी 22 से 24 मार्च तक इसी बदले हुए रूट (मऊ-इंदारा-फेफना-छपरा) से चलेगी।
यात्रियों को सबसे ज्यादा ध्यान छपरा लोकमान्य तिलक टर्मिनस एक्सप्रेस मार्ग परिवर्तन (Chhapra LTT Express Route Diversion) पर देना होगा। 23 मार्च 2026 को छपरा से चलने वाली 11060 छपरा-LTT एक्सप्रेस सीवान और भटनी नहीं जाएगी। यह ट्रेन भी फेफना और इंदारा के रास्ते मऊ होते हुए निकलेगी।

वाराणसी मंडल ट्रेन डायवर्जन (Varanasi Division Train Diversion): शार्ट टर्मिनेशन और ट्रेनों का नियंत्रण
लंबी दूरी की ट्रेनों को पूरी तरह निरस्त करने के बजाय, रेलवे ने ट्रेनों का शार्ट ओरिजिनेशन और टर्मिनेशन (Short Origination and Termination of Trains) लागू किया है। इससे यात्रियों को गंतव्य के करीब तक पहुंचने में मदद मिलेगी।
22 से 24 मार्च तक चलने वाली 19489 अहमदाबाद-गोरखपुर एक्सप्रेस गोरखपुर की जगह मऊ में ही अपनी यात्रा समाप्त कर लेगी। 23 से 25 मार्च तक 19490 गोरखपुर-अहमदाबाद एक्सप्रेस भी गोरखपुर की बजाय मऊ से ही प्रस्थान करेगी।
इसी प्रकार, 23 मार्च को 19091 बान्द्रा टर्मिनस-गोरखपुर एक्सप्रेस मऊ तक ही जाएगी। 24 मार्च को 19492 गोरखपुर-बान्द्रा एक्सप्रेस भी मऊ से ही चलेगी। 23 मार्च की 12165 लोकमान्य तिलक-गोरखपुर एक्सप्रेस का सफर भी मऊ में खत्म होगा और 24 मार्च को यह मऊ से ही वापस मुंबई लौटेगी।
लखनऊ से वाराणसी जाने वाले यात्रियों के लिए भी बड़ा अपडेट है। 22 से 24 मार्च तक 15008 लखनऊ जं.-वाराणसी सिटी कृषक एक्सप्रेस गोरखपुर में ही रुक जाएगी। वापसी में 15007 वाराणसी सिटी-लखनऊ जं. एक्सप्रेस 23 से 25 मार्च तक वाराणसी की बजाय गोरखपुर से लखनऊ के लिए प्रस्थान करेगी।
वाराणसी मंडल ट्रेन डायवर्जन (Varanasi Division Train Diversion) के इस भारी-भरकम बदलाव के बीच कुछ ट्रेनों को मार्ग में नियंत्रित (रोका) और रिशेड्यूल भी किया जाएगा।
12 से 17 मार्च तक 19489 अहमदाबाद-गोरखपुर एक्सप्रेस को 15 मिनट और 16 मार्च को 19091 बान्द्रा-गोरखपुर एक्सप्रेस को भी मार्ग में 15 मिनट रोककर चलाया जाएगा। 16 मार्च को 15022 गोरखपुर-शालीमार एक्सप्रेस अपने निर्धारित समय से 150 मिनट (ढाई घंटे) की देरी से गोरखपुर से रवाना होगी।
रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि लार रोड-सलेमपुर पैच डबलिंग (Lar Road-Salempur Patch Doubling) के इस राष्ट्रीय विकास कार्य में सहयोग करें। घर से निकलने से पहले 139 हेल्पलाइन या NTES ऐप पर अपनी ट्रेन का लाइव स्टेटस और नया रूट जरूर चेक कर लें, ताकि स्टेशन पर किसी भी तरह की असुविधा से बचा जा सके।

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Navneet Mishra is a seasoned journalist currently associated with Nirbhik India and its digital portal, nirbhikindia.in. With over six years of experience across print and digital platforms, Navneet specializes in politics, sports, economics, and geopolitics.
A Master’s graduate in Mass Communication from Deen Dayal Upadhyay Gorakhpur University, he is also a dedicated media scholar. His academic research focuses on “the pivotal role of Gorakhpur’s Hindi newspapers during the Indian freedom struggle against the British Crown”. Before joining Nirbhik India, Navneet spent five years at Adarsh Jeevan and gained valuable field experience at Amar Ujala Gorakhpur as training reporter only for 5 days.
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नवनीत मिश्रा वर्तमान में ‘निर्भीक इंडिया’ मीडिया समूह से जुड़े हैं। उन्होंने दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स किया है। पत्रकारिता के अपने 6 वर्षों के सफर में उन्होंने प्रिंट और डिजिटल दोनों डेस्क पर काम किया है। उनके शोध का विषय ब्रिटिश शासन के खिलाफ गोरखपुर के अखबारों का योगदान रहा है, जो उनकी ऐतिहासिक समझ को दर्शाता है। वे राजनीति, अर्थव्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय मामलों (Geopolitics) पर निरंतर लिखते रहे हैं। ‘आदर्श जीवन’ दैनिक में 5 साल का कार्यकाल और ‘अमर उजाला’ गोरखपुर में ट्रेनिंग रिपोर्टिंग के तौर पर मात्र 5 दिन काम क्या है उनकी लेखनी को और भी निखारता है।

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