गोरखपुर नगर निगम (Gorakhpur Municipal Corporation) के 12 बड़े फैसले
गोरखपुर: शहर के सर्वांगीण विकास और नागरिक सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए आज गोरखपुर नगर निगम (Gorakhpur Municipal Corporation) की 22वीं सदन बैठक का सफल आयोजन किया गया।

महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव की अध्यक्षता में सदन कक्ष में आहूत इस महत्वपूर्ण बैठक में जनहित से जुड़े 12 प्रमुख प्रस्तावों पर सर्वसम्मति से मुहर लगाई गई। इस बैठक में पूर्व की 20वीं और 21वीं बैठक की कार्यवाहियों की पुष्टि करते हुए करदाताओं, कर्मचारियों और आम शहरवासियों को कई बड़ी नागरिक सहूलियतें प्रदान की गई हैं।
गोरखपुर नगर निगम (Gorakhpur Municipal Corporation) ने हाउस टैक्स (house tax) छूट
सदन की बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए एकमुश्त ब्याज सहित भुगतान पर चालू मांग की धनराशि जमा करने की समय सीमा को आगे बढ़ा दिया गया है। अब 15 सितंबर 2026 तक ऑनलाइन कैशलेस पेमेंट (online cashless payment) करने वाले नागरिकों को 12 प्रतिशत की भारी छूट मिलेगी, जबकि नकद या अन्य माध्यमों से भुगतान करने पर 8 प्रतिशत की छूट देय होगी।
कर्मचारियों के हित में एक बड़ा फैसला लेते हुए सदन ने 01 अप्रैल 2005 के पश्चात नियुक्त हुए निगम कर्मचारियों के सेवाकाल में मृत्यु होने की दशा में उनके आश्रितों को पारिवारिक पेंशन (family pension) के भुगतान की आधिकारिक स्वीकृति भी प्रदान कर दी है। इसके अलावा, दिलेजाकपुर (सावित्री हॉस्पिटल के पास) स्थित अवैध रूप से निर्मित भवन व दुकानों में 1967 से चली आ रही किरायेदारी प्रथा को तत्काल प्रभाव से समाप्त करने का कड़ा फैसला लिया गया है।
गोरखपुर नगर निगम (Gorakhpur Municipal Corporation) ने गोरखपुर में बायो वेस्ट ट्रीटमेंट (bio waste treatment) और स्मार्ट कूड़ेदान
शहर की स्वच्छता और पर्यावरण को सुरक्षित रखने के लिए गोरखपुर नगर निगम (Gorakhpur Municipal Corporation) ने दो बड़े तकनीकी कदम उठाए हैं। नगर निगम सीमा क्षेत्र में उत्पन्न होने वाले जैव-चिकित्सीय कचरे के सुरक्षित निस्तारण हेतु ‘कॉमन बायो वेस्ट ट्रीटमेंट एंड डिस्पोजल फैसिलिटी’ (Common Bio-Waste Treatment Facility) की स्थापना को मंजूरी दी गई है।
साथ ही, शहर के प्रमुख व्यावसायिक और सार्वजनिक क्षेत्रों में स्मार्ट विज्ञापन कूड़ेदान (smart dustbins) स्थापित किए जाएंगे। इन आधुनिक कूड़ेदानों का संचालन कॉर्पोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी (CSR) और सार्वजनिक-निजी भागीदारी मॉडल पर किया जाएगा।
गोरखपुर नगर निगम (Gorakhpur Municipal Corporation) करेगा 15000 कंबलों की खरीद और राजघाट एसओपी (People Also Search For)
आम नागरिक अक्सर खोजते हैं कि सर्दियों में नगर निगम बेसहारों के लिए क्या व्यवस्था करता है। आगामी कड़ाके की ठंड को देखते हुए सदन ने गरीब, असहाय और कमजोर वर्ग के लोगों के लिए 15,000 कंबल क्रय करने की प्रशासनिक स्वीकृति दे दी है।
इसके साथ ही, राजघाट अंत्येष्टि स्थल (Rajghat crematorium) के सुचारू और पारदर्शी संचालन के लिए एक नई मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) लागू की गई है। संपत्तियों, पार्कों और वाहन पार्किंग कॉम्प्लेक्स की सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा गार्डों (security guards) की तैनाती भी मंजूर की गई है।
यूपी पार्किंग नियम 2025 और नागरिक सुविधाएं (People Also Search For)
सर्च इंजन पर लोग नए पार्किंग नियमों के बारे में लगातार जानकारी मांगते हैं। इस 22वीं बैठक में ‘उत्तर प्रदेश नगर निगम (निर्माण, रख-रखाव एवं पार्किंग स्थलों का संचालन) नियमावली 2025’ को गोरखपुर में पूरी तरह से लागू करने की स्वीकृति दी गई है।
शहर के सौंदर्यीकरण को बढ़ावा देने के लिए सभी आदर्श वार्डों में आकर्षक ‘सेल्फी पॉइंट’ (selfie points) बनाए जाएंगे। वहीं, आम जनमानस की सुविधा के लिए रुस्तमपुर ढाला ओवरब्रिज के पिलर संख्या 45 के नीचे 10-सीटेड आकांक्षी सार्वजनिक शौचालय (public toilet) के निर्माण को भी हरी झंडी दे दी गई है। इन सभी अहम प्रस्तावों के पारित होने से पूर्वांचल के इस प्रमुख शहर के बुनियादी ढांचे में तेजी से सुधार होने की उम्मीद है।

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Navneet Mishra is a seasoned journalist currently associated with Nirbhik India and its digital portal, nirbhikindia.in. With over six years of experience across print and digital platforms, Navneet specializes in politics, sports, economics, and geopolitics.
A Master’s graduate in Mass Communication from Deen Dayal Upadhyay Gorakhpur University, he is also a dedicated media scholar. His academic research focuses on “the pivotal role of Gorakhpur’s Hindi newspapers during the Indian freedom struggle against the British Crown”. Before joining Nirbhik India, Navneet spent five years at Adarsh Jeevan and gained valuable field experience at Amar Ujala Gorakhpur as training reporter only for 5 days.
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नवनीत मिश्रा वर्तमान में ‘निर्भीक इंडिया’ मीडिया समूह से जुड़े हैं। उन्होंने दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स किया है। पत्रकारिता के अपने 6 वर्षों के सफर में उन्होंने प्रिंट और डिजिटल दोनों डेस्क पर काम किया है। उनके शोध का विषय ब्रिटिश शासन के खिलाफ गोरखपुर के अखबारों का योगदान रहा है, जो उनकी ऐतिहासिक समझ को दर्शाता है। वे राजनीति, अर्थव्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय मामलों (Geopolitics) पर निरंतर लिखते रहे हैं। ‘आदर्श जीवन’ दैनिक में 5 साल का कार्यकाल और ‘अमर उजाला’ गोरखपुर में ट्रेनिंग रिपोर्टिंग के तौर पर मात्र 5 दिन काम क्या है उनकी लेखनी को और भी निखारता है।

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