Gorakhpur Railway Hospital कोल्ड रूम से मरीजों व डॉक्टर को राहत
गोरखपुर: ललित नारायण मिश्र Gorakhpur Railway Hospital में जीवनरक्षक औषधियों और वैक्सीन के सुरक्षित भंडारण के लिए एक अत्याधुनिक कोल्ड रूम की सौगात मिली है। 03 अक्टूबर 2026 को पूर्वोत्तर रेलवे की प्रमुख मुख्य चिकित्सा निदेशक डॉ. सुषमा माटे ने केंद्रीय औषधि भंडार में स्थापित इस नई सुविधा का विधिवत फीता काटकर उद्घाटन किया।

इस आधुनिक कोल्ड रूम की स्थापना से चिकित्सालय में दवाओं को वैज्ञानिक मानकों के अनुसार 02 से 08 डिग्री सेल्सियस के नियंत्रित तापमान पर सुरक्षित रखा जा सकेगा, जिससे मरीजों को उच्च गुणवत्ता वाली और सुरक्षित चिकित्सा सुविधाएं निर्बाध रूप से मिल सकेंगी।
Gorakhpur Railway Hospital में गुणवत्तापूर्ण वैज्ञानिक भंडारण
तापमान के प्रति संवेदनशील दवाओं और टीकों का सही रख-रखाव हमेशा से चिकित्सा क्षेत्र की एक बड़ी आवश्यकता रही है। Gorakhpur Railway Hospital प्रबंधन ने इसी आवश्यकता को पूरा करने के उद्देश्य से अपने केंद्रीय औषधि भंडार को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया है।
इस नव-स्थापित कोल्ड रूम में 02 से 08 डिग्री सेल्सियस के बीच निरंतर और नियंत्रित तापमान बनाए रखने की स्वचालित तकनीकी सुविधा उपलब्ध है। इस वैज्ञानिक भंडारण व्यवस्था के शुरू होने से न केवल महत्वपूर्ण औषधियों की गुणवत्ता और प्रभावशीलता लंबे समय तक बरकरार रहेगी, बल्कि मौसम के उतार-चढ़ाव का भी जीवनरक्षक वैक्सीन पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा। इस सुविधा के उपलब्ध होने से चिकित्सालय के पूरे मेडिकल इकोसिस्टम और औषधि आपूर्ति शृंखला को और अधिक सुदृढ़ता मिलेगी।
Gorakhpur Railway Hospital में रख-रखाव को लेकर अधिकारियों के सख्त निर्देश
इंटरनेट पर नागरिक अक्सर खोजते हैं कि Gorakhpur Railway Hospital में मरीजों के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं को कैसे अपग्रेड किया जा रहा है और टीकों के सुरक्षित रखरखाव के क्या मानक हैं। यह कोल्ड रूम रेलवे के उसी हेल्थ अपग्रेडेशन का एक अहम हिस्सा है।
उद्घाटन अवसर पर उपस्थित चिकित्सा निदेशक डॉ. मो० ए० ए० खान ने स्पष्ट किया कि अत्याधुनिक कोल्ड रूम की यह सुविधा औषधियों एवं वैक्सीन के सुरक्षित भंडारण की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है। उन्होंने Gorakhpur Railway Hospital के संबंधित कर्मचारियों को सख्त निर्देश दिए कि इस कोल्ड रूम का समुचित रख-रखाव सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, निर्धारित तापमान मानकों का 24 घंटे निरंतर अनुपालन करने पर विशेष बल दिया गया, ताकि किसी भी तकनीकी या मानवीय चूक के कारण संवेदनशील दवाएं खराब न हों।
इस विशेष उद्घाटन समारोह के दौरान रेलवे चिकित्सा विभाग के कई शीर्ष अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम में वरिष्ठ मंडल चिकित्साधिकारी डॉ. दुर्गेश चौधरी के साथ-साथ Gorakhpur Railway Hospital के अन्य वरिष्ठ चिकित्सक और स्वास्थ्य कर्मचारी भी उपस्थित थे। सभी ने इस नई तकनीक की सराहना की, जो रेलवे कर्मचारियों, उनके परिजनों और मरीजों के बेहतर इलाज में एक मील का पत्थर साबित होगी।

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Navneet Mishra is a seasoned journalist currently associated with Nirbhik India and its digital portal, nirbhikindia.in. With over six years of experience across print and digital platforms, Navneet specializes in politics, sports, economics, and geopolitics.
A Master’s graduate in Mass Communication from Deen Dayal Upadhyay Gorakhpur University, he is also a dedicated media scholar. His academic research focuses on “the pivotal role of Gorakhpur’s Hindi newspapers during the Indian freedom struggle against the British Crown”. Before joining Nirbhik India, Navneet spent five years at Adarsh Jeevan and gained valuable field experience at Amar Ujala Gorakhpur as training reporter only for 5 days.
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नवनीत मिश्रा वर्तमान में ‘निर्भीक इंडिया’ मीडिया समूह से जुड़े हैं। उन्होंने दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स किया है। पत्रकारिता के अपने 6 वर्षों के सफर में उन्होंने प्रिंट और डिजिटल दोनों डेस्क पर काम किया है। उनके शोध का विषय ब्रिटिश शासन के खिलाफ गोरखपुर के अखबारों का योगदान रहा है, जो उनकी ऐतिहासिक समझ को दर्शाता है। वे राजनीति, अर्थव्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय मामलों (Geopolitics) पर निरंतर लिखते रहे हैं। ‘आदर्श जीवन’ दैनिक में 5 साल का कार्यकाल और ‘अमर उजाला’ गोरखपुर में ट्रेनिंग रिपोर्टिंग के तौर पर मात्र 5 दिन काम क्या है उनकी लेखनी को और भी निखारता है।

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