जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था को विश्वस्तरीय बनाने और ग्रामीण क्षेत्रों की बच्चियों को कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी से बचाने के लिए प्रशासन ने पूरी तरह से कमर कस ली है। इसी अहम दिशा में बृहस्पतिवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) कार्यालय के ‘प्रेरणा श्री सभागार’ में जिला स्वास्थ्य समिति (डीएचएस) की एक बेहद महत्वपूर्ण कार्यकारी निकाय की बैठक आयोजित की गई।

निर्भीक इंडिया (संवाददाता नवनीत मिश्रा)- मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. राजेश झा की सख्त अध्यक्षता में हुई इस हाई-प्रोफाइल बैठक में सबसे ज्यादा फोकस एचपीवी निःशुल्क टीकाकरण (HPV Free Vaccination) के ऐतिहासिक अभियान पर दिया गया। इसके साथ ही, जिले के सरकारी अस्पतालों की लचर कार्यप्रणाली को पटरी पर लाने और स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए कई सख्त तथा त्वरित दिशा-निर्देश भी जारी किए गए हैं।
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एचपीवी निःशुल्क टीकाकरण (HPV Free Vaccination): स्वास्थ्य विभाग का बड़ा एक्शन और नई रणनीति
यह एक सर्वविदित और वैज्ञानिक तथ्य है कि महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर के बढ़ते मामले एक गंभीर राष्ट्रीय चिंता का विषय बन चुके हैं। इसी चुनौती को देखते हुए केंद्र और राज्य सरकार इस बहुमूल्य वैक्सीन को अब नियमित टीकाकरण कार्यक्रम का अहम हिस्सा बना रही है। यह वही जीवनरक्षक टीका है जो पहले केवल बड़े निजी अस्पतालों में हजारों रुपये खर्च करने पर ही मिल पाता था।
इस एचपीवी निःशुल्क टीकाकरण (HPV Free Vaccination) योजना के जमीनी स्तर पर लागू होने से गरीब और मध्यम वर्ग की लाखों बच्चियों का भविष्य हमेशा के लिए सुरक्षित हो जाएगा। सीएमओ डॉ. राजेश झा ने सभी ब्लॉक अधिकारियों को स्पष्ट कर दिया है कि इस राष्ट्रीय योजना को 100% सफल बनाने के लिए अभी से एक अचूक और मजबूत माइक्रोप्लानिंग (Microplanning) तैयार करने की सख्त आवश्यकता है।
एचपीवी निःशुल्क टीकाकरण (HPV Free Vaccination) और डॉक्टरों के लिए नए सख्त नियम
इस वृहद स्वास्थ्य अभियान को शत-प्रतिशत सफल बनाने के लिए 14 से 15 वर्ष की बच्चियों का टीकाकरण (Vaccination of Girls Aged 14 to 15) सबसे प्रमुख और प्राथमिक लक्ष्य के रूप में तय किया गया है। ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों को सख्त हिदायत दी गई है कि स्कूलों और गांवों में सघन सर्वे कर यह सुनिश्चित किया जाए कि 14 और 15 साल की एक भी पात्र बच्ची इस जीवनरक्षक टीके से वंचित न रहे।
ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं की गिरती गुणवत्ता सुधारने के लिए सीएमओ ने एक बहुत बड़ा और कड़ा फैसला लेते हुए अस्पतालों में डॉक्टरों का रात्रि निवास (Night Stay of Doctors in Hospitals) पूरी तरह से अनिवार्य कर दिया है। अब जिले के सभी अधीक्षकों और प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों (MOIC) को रात के समय अपने तैनाती वाले सामुदायिक व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर ही हर हाल में रुकना होगा।
अक्सर यह गंभीर शिकायतें मिलती थीं कि रात में डॉक्टरों के न रहने से इमरजेंसी (आपातकाल) में आने वाले ग्रामीण मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता था। अब इस नए प्रशासनिक फरमान से रात्रिकालीन स्वास्थ्य सेवाओं में एक बहुत बड़ा और सकारात्मक सुधार देखने को मिलेगा। अधिकारियों को रात में इन अस्पतालों की निरंतर औचक जांच करने के भी निर्देश दिए गए हैं।
सुरक्षित प्रसव और जच्चा-बच्चा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रसव कक्ष और ओटी की निगरानी (Monitoring of Labour Room and OT) को लेकर भी कड़ा रुख अपनाया गया है। सीएमओ ने ब्लॉक अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं कि वे लेबर रूम और ऑपरेशन थिएटर में संक्रमण नियंत्रण (Infection Control), साफ-सफाई और जीवनरक्षक उपकरणों की उपलब्धता की हर दिन बारीकी से जांच करें।

एचपीवी निःशुल्क टीकाकरण (HPV Free Vaccination): ब्लॉक स्तर पर अब कसी जाएगी नकेल
स्वास्थ्य सेवाओं में पाई जाने वाली तमाम कमियों को तुरंत प्रभाव से दूर करने के लिए ब्लॉक स्तरीय स्वास्थ्य समीक्षा (Block Level Health Review) पर विशेष जोर दिया जा रहा है। सीएमओ ने कड़े शब्दों में चेतावनी दी है कि जिन ब्लॉकों के स्वास्थ्य संकेतांक (Health Indicators) खराब प्रदर्शन कर रहे हैं, वे शासी निकाय की अगली बैठक से पहले अपने सभी गैप्स को हर हाल में सुधार लें।
आने वाले कुछ ही दिनों में पूरे जिले में शुरू होने वाले एचपीवी निःशुल्क टीकाकरण (HPV Free Vaccination) के साथ-साथ, महत्वाकांक्षी ‘आयुष्मान भारत योजना’ को भी शत-प्रतिशत लागू करने का कड़ा लक्ष्य रखा गया है। यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि सभी पात्र लाभार्थियों का आयुष्मान कार्ड (Golden Card) जल्द से जल्द बन जाए और अस्पतालों पर खड़ी एंबुलेंस की नियमित तकनीकी जांच होती रहे।
बाल स्वास्थ्य को जमीनी स्तर पर और अधिक मजबूत करने के लिए आरबीएसके टीम का भ्रमण (RBSK Team Visit) अब अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और सुलभ बनाया जाएगा। सीएमओ ने निर्देश दिए हैं कि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK) की टीम के गांवों और स्कूलों में पहुंचने की पूर्व सूचना और पूरा रोस्टर अब गांवों की दीवारों पर अनिवार्य रूप से अंकित (Wall Writing) किया जाए, ताकि आम जनता को इसका पूरा लाभ मिल सके।
इन सभी कड़े निर्देशों से यह बिल्कुल स्पष्ट हो गया है कि एचपीवी निःशुल्क टीकाकरण (HPV Free Vaccination) और अन्य सभी मातृ-शिशु स्वास्थ्य कार्यक्रमों के क्रियान्वयन में अब किसी भी स्तर की लापरवाही या बहानेबाजी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस महत्वपूर्ण और समीक्षात्मक बैठक में अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी (ACMO), डिप्टी सीएमओ और जिले के सभी वरिष्ठ ब्लॉक स्तरीय अधिकारी पूरी मुस्तैदी और गंभीरता के साथ उपस्थित रहे।

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