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गोरखपुर: Illegal Hookah Bar में नाबालिगों को नशा

गोरखपुर (निर्भीक इंडिया ब्यूरो): अवैध हुक्का बार (Illegal Hookah Bar) के संचालन और कम उम्र के लड़के-लड़कियों को नशे के जाल में फंसाने वाले एक बड़े रैकेट का खोराबार पुलिस ने भंडाफोड़ किया है।

अवैध हुक्का बार (Illegal Hookah Bar) में ₹2000 लेकर नाबालिगों को परोसा जा रहा था फ्लेवर्ड नशा
गोरखपुर Illegal Hookah Bar में नाबालिगों को नशा

थाना खोराबार क्षेत्रान्तर्गत स्थित प्रतिष्ठित ‘फॉरेस्ट क्लब’ के भीतर ‘ओमेगा’ नामक पार्टी हॉल में चल रहे इस अवैध हुक्का बार पर पुलिस टीम ने गोपनीय सूचना के आधार पर अचानक छापा मारा।

निर्भीक इंडिया (Nirbhik India) की विशेष रिपोर्ट के अनुसार, मौके से पुलिस ने राजस्थान के अजमेर और यूपी के बलरामपुर निवासी दो मुख्य प्रबंधकों को 7 चालू हुक्का सेट, फ्लेवर्ड तंबाकू और कोल बर्नर के साथ रंगे हाथ गिरफ्तार किया है, जबकि बेतियाहाता और बिछिया के दो रईसजादों समेत चार अन्य मुख्य आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए।

अवैध हुक्का बार (Illegal Hookah Bar): फॉरेस्ट क्लब के ओमेगा पार्टी हॉल में पुलिस का छापा

खोराबार पुलिस को पुख्ता मुखबिर से सूचना मिली थी कि देवरिया बाईपास स्थित फॉरेस्ट क्लब खोराबार (Forest Club Khorabar Gorakhpur) के ओमेगा पार्टी हॉल में बड़े पैमाने पर अवैध हुक्का बार चलाया जा रहा है।

थानाध्यक्ष खोराबार के कुशल निर्देशन में उप-निरीक्षक अशफाक अहमद एवं उप-निरीक्षक शुभम शर्मा ने पुलिस टीम के साथ योजनाबद्ध तरीके से क्लब के पार्टी हॉल की घेराबंदी की।

अचानक हुई इस छापेमारी से हॉल के भीतर अफरा-तफरी मच गई। पुलिस जब हॉल के अंदर दाखिल हुई, तो वहां कई हुक्का स्टैंड से जहरीला धुआं निकल रहा था और तेज संगीत के बीच अवैध गतिविधियां संचालित हो रही थीं, जहां अवैध हुक्का बार के जरिए युवाओं की सेहत से खिलवाड़ किया जा रहा था।

अवैध हुक्का बार (Illegal Hookah Bar) में ₹2000 लेकर नाबालिगों को परोसा जा रहा था फ्लेवर्ड नशा

पुलिस पूछताछ में पकड़े गए आरोपियों ने बेहद चौंकाने वाले और सनसनीखेज खुलासे किए हैं।

यह गिरोह स्कूल और कॉलेज के कम उम्र के छात्र-छात्राओं को अपना आसान शिकार बनाता था। नाबालिग लड़के-लड़कियों को यह झांसा दिया जाता था कि उनके पास हुक्का बार संचालन का ‘वैध सरकारी लाइसेंस’ है और यहां किसी भी प्रकार की पुलिस रेड का खतरा नहीं है।

निर्दोष युवाओं को फ्लेवर युक्त तम्बाकू (Flavored Hookah Tobacco) और हर्बल के नाम पर निकोटीन युक्त नशीले धुएं का आदी बनाया जा रहा था। इसके एवज में प्रत्येक टेबल और फ्लेवर के लिए ₹1,500 से लेकर ₹2,000 तक की मोटी रकम वसूली जाती थी, जिससे अवैध हुक्का बार संचालकों की अंधाधुंध कमाई हो रही थी।

अवैध हुक्का बार (Illegal Hookah Bar): राजस्थान और बलरामपुर के दो संचालक गिरफ्तार

पुलिस ने मौके से अवैध हुक्का बार का संचालन कर रहे दो शातिर अभियुक्तों को मौके से दबोच लिया:

  1. रवि दग्दी: पुत्र स्वर्गीय ओमप्रकाश दग्दी, निवासी ग्राम मदनगंज, थाना गांधीनगर, जनपद अजमेर (राजस्थान)।
  2. अखिलेश वर्मा: पुत्र स्वर्गीय प्रदीप कुमार वर्मा, निवासी ग्राम सिरसिया, थाना बलरामपुर कोतवाली, जनपद बलरामपुर।

तलाशी के दौरान पुलिस ने मौके से भारी मात्रा में हुक्का सामग्री बरामद की:

  • 07 अदद चालू हुक्का (पाइप और चिलम लगा हुआ)।
  • 05 अदद फ्लेवर युक्त तंबाकू के भरे हुए छोटे पैकेट।
  • 03 अदद बॉक्स क्यूब कोल (कोयला) – जिसमें 2 खुले और 1 सीलबंद पैकेट।
  • 08 अदद हुक्का डिस्पोजेबल माउथ टिप्स (फिल्टर)।
  • 02 अदद इलेक्ट्रिक कोल बर्नर।

अवैध हुक्का बार (Illegal Hookah Bar) के मुख्य कर्ताधर्ता रक्ष ढींगरा और सोनू गुप्ता समेत 4 वांछित

छापेमारी के दौरान अवैध हुक्का बार के मुख्य आयोजक और फाइनेंसर पुलिस को चकमा देकर पिछले दरवाजे से फरार होने में सफल रहे। पुलिस ने अवैध हुक्का बार संचालित कराने वाले इन फरार आरोपियों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज कर ली है:

  1. रक्ष ढींगरा: पुत्र राजीव ढींगरा, निवासी ‘मन्नत हाउस’, साउथ बेतियाहाता, थाना कैंट, जनपद गोरखपुर।
  2. सोनू गुप्ता: पुत्र संजय गुप्ता, निवासी बिछिया रेलवे कॉलोनी, थाना शाहपुर, जनपद गोरखपुर।
  3. दीपक: पता अज्ञात।
  4. सागर: पता अज्ञात।

पुलिस का कहना है कि शहर के पॉश इलाके बेतियाहाता और शाहपुर से जुड़े इन नामजद आरोपियों की तलाश में पुलिस की दो टीमें लगातार दबिश दे रही हैं और जल्द ही इन्हें सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।

अवैध हुक्का बार (Illegal Hookah Bar) पर बीएनएस 271, 223 और कोटपा एक्ट (COTPA) में एफआईआर

अवैध हुक्का संचालन, सार्वजनिक स्वास्थ्य से खिलवाड़ और नाबालिगों को नशा परोसने के इस गंभीर मामले में खोराबार थाने में कड़ा मुकदमा दर्ज किया गया है।

पुलिस ने मु0अ0सं0 496/2026 के अंतर्गत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 271 (लोक उपद्रव व संक्रमण फैलाना), धारा 223 (सरकारी लोक सेवक के आदेश की अवज्ञा) तथा कोटपा अधिनियम (COTPA Act 2003) की धारा 21 एवं 22 के तहत केस दर्ज किया है।

वरिष्ठ अधिकारियों का स्पष्ट निर्देश है कि शहर के किसी भी होटल, रेस्टोरेंट, कैफे या क्लब में युवाओं को नशे की गर्त में धकेलने वाले अवैध हुक्का बार को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

अवैध हुक्का बार (Illegal Hookah Bar) का भंडाफोड़ करने वाली खोराबार पुलिस टीम

इस सफल कार्रवाई में खोराबार थाने के निम्नलिखित जांबाज पुलिस अधिकारियों और कर्मियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिन्होंने इस अवैध हुक्का बार (Illegal Hookah Bar) का भंडाफोड़ किया:

पुलिस अधिकारी / कर्मीपदनाम एवं तैनाती
श्री अशफाक अहमदउप-निरीक्षक, थाना खोराबार
श्री शुभम शर्माउप-निरीक्षक, थाना खोराबार
श्री कमलेश कुमारहेड कांस्टेबल, थाना खोराबार
श्री सूर्यप्रकाश पाण्डेयकांस्टेबल, थाना खोराबार
श्री दिलीप यादवकांस्टेबल, थाना खोराबार
श्री राहुल मौर्याकांस्टेबल, थाना खोराबार
हुक्का बार और कोटपा कानून से जुड़े अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (PAA)

प्र. 1: क्या उत्तर प्रदेश में हुक्का बार संचालन पर पूर्ण प्रतिबंध है?

उत्तर: हां, इलाहाबाद हाईकोर्ट के निर्देशों और कोटपा (COTPA) अधिनियम के तहत उत्तर प्रदेश में सार्वजनिक स्थानों, रेस्टोरेंट और कैफे में फ्लेवर्ड या तंबाकू युक्त हुक्का परोसने पर सख्त कानूनी प्रतिबंध है।

प्र. 2: सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम (कोटपा 2003) की धारा 21/22 क्या है?

उत्तर: यह धारा सार्वजनिक स्थलों पर धूम्रपान कराने, बिना वैधानिक चेतावनी के तंबाकू उत्पाद बेचने तथा 18 वर्ष से कम उम्र के नाबालिगों को नशीले उत्पाद बेचने या परोसने पर दंडात्मक कार्रवाई का प्रावधान करती है।

प्र. 3: गोरखपुर के फॉरेस्ट क्लब में अवैध हुक्का बार का भंडाफोड़ कैसे हुआ?

उत्तर: खोराबार पुलिस को सूचना मिली थी कि ओमेगा पार्टी हॉल में नाबालिगों को ₹1500 से ₹2000 लेकर अवैध रूप से हुक्का पिलाया जा रहा है, जिसके बाद पुलिस ने औचक छापेमारी कर दो लोगों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया।

प्र. 4: हुक्का पीना सिगरेट से ज्यादा खतरनाक क्यों माना जाता है?

उत्तर: विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार एक घंटे का हुक्का सेशन 100 या उससे अधिक सिगरेट पीने के बराबर धुआं, कार्बन मोनोऑक्साइड और भारी धातुएं फेफड़ों में पहुंचाता है, जिससे कैंसर और हृदय रोग का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।

अवैध हुक्का बार (Illegal Hookah Bar) के खिलाफ खोराबार पुलिस की इस कार्रवाई से शहर के अन्य रेस्टोरेंट और कैफे संचालकों में भी खलबली मच गई है। निर्भीक इंडिया (Nirbhik India) अभिभावकों से भी अपील करता है कि वे अपने बच्चों की गतिविधियों और संगत पर नजर रखें, ताकि युवा पीढ़ी नशे के इस घातक दलदल से सुरक्षित रह सके।

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