रेल समाचार

मनकापुर-गोंडा सावन मेला ट्रेन (Mankapur-Gonda Sawan Mela train) शुरू

निर्भीक इंडिया (संवाददाता नवनीत मिश्रा) : रेल प्रशासन ने सावन मेला के पावन अवसर पर श्रद्धालु यात्रियों की बढ़ती भीड़ और उनकी यात्रा को सुगम बनाने के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। रेलवे द्वारा मनकापुर-गोंडा सावन मेला ट्रेन (Mankapur-Gonda Sawan Mela train) का संचालन 15 अगस्त 2026 से 28 अगस्त 2026 तक प्रतिदिन किया जाएगा। यह एक अनारक्षित विशेष गाड़ी है, जो कुल 14 फेरों के लिए मनकापुर और गोंडा के बीच चलाई जाएगी, ताकि शिवभक्तों को आवागमन में किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

05013/05014 मनकापुर-गोंडा सावन मेला ट्रेन (Mankapur-Gonda Sawan Mela train) का पूरा रूट और समय-सारणी
मनकापुर-गोंडा सावन मेला ट्रेन (Mankapur-Gonda Sawan Mela train) शुरू

05013/05014 मनकापुर-गोंडा सावन मेला ट्रेन (Mankapur-Gonda Sawan Mela train) का पूरा रूट और समय-सारणी

रेलवे द्वारा जारी आधिकारिक समय-सारणी के अनुसार, 05013 मनकापुर-गोंडा मेला अनारक्षित विशेष गाड़ी 15 से 28 अगस्त 2026 तक प्रतिदिन संचालित होगी। यह ट्रेन दोपहर 14:00 बजे मनकापुर से प्रस्थान करेगी। अपने निर्धारित मार्ग पर यह ट्रेन झिलाही से 14:08 बजे, मोतीगंज से 14:17 बजे तथा बरुआचक से 14:26 बजे छूटकर दोपहर 14:45 बजे गोंडा जंक्शन पर पहुंचेगी।

वापसी यात्रा में, 05014 गोंडा-मनकापुर मेला अनारक्षित विशेष गाड़ी भी इन्हीं तिथियों (15 से 28 अगस्त) के बीच प्रतिदिन चलेगी। यह ट्रेन गोंडा जंक्शन से दोपहर 15:15 बजे अपनी वापसी यात्रा शुरू करेगी। रास्ते में यह बरुआचक से 15:27 बजे, मोतीगंज से 15:34 बजे और झिलाही से 15:46 बजे प्रस्थान कर शाम 16:20 बजे मनकापुर जंक्शन पर वापस पहुंचेगी।

श्रद्धालुओं की भारी संख्या और उनकी सुविधा को विशेष रूप से ध्यान में रखते हुए, इस मनकापुर-गोंडा सावन मेला ट्रेन (Mankapur-Gonda Sawan Mela train) में मेमू (MEMU) के कुल 12 कोच लगाए जाएंगे। पर्याप्त कोच होने से यात्रियों को यात्रा के दौरान भीड़भाड़ से राहत मिलेगी।

सावन मेला स्पेशल ट्रेन में रिजर्वेशन कैसे कराएं? (People Also Search For)

सावन माह में यात्रा करने वाले लोग इंटरनेट पर अक्सर यह खोजते हैं कि मेला स्पेशल ट्रेनों में यात्रा के लिए टिकट की क्या प्रक्रिया है। रेलवे प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह पूरी तरह से एक अनारक्षित (Unreserved) विशेष गाड़ी है। इसका अर्थ यह है कि यात्रियों को इस ट्रेन में सफर करने के लिए किसी भी प्रकार के अग्रिम आरक्षण (Advance Reservation) की आवश्यकता नहीं है।

यात्री अपनी यात्रा वाले दिन सीधे रेलवे स्टेशन के सामान्य टिकट काउंटर से टिकट (General Ticket) खरीदकर इस मनकापुर-गोंडा सावन मेला ट्रेन (Mankapur-Gonda Sawan Mela train) में आसानी से यात्रा कर सकते हैं। यह व्यवस्था विशेष रूप से ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों के यात्रियों के लिए बेहद लाभकारी सिद्ध होगी।

इस ट्रेन के ठहराव वाले प्रमुख स्टेशन कौन से हैं? (People Also Search For)

यात्रियों द्वारा अक्सर ठहराव वाले स्टेशनों के बारे में भी पूछा जाता है। रेलवे के तय रूट के अनुसार, मनकापुर और गोंडा के बीच पड़ने वाले सभी छोटे-बड़े स्टेशनों पर इस ट्रेन का ठहराव सुनिश्चित किया गया है। मुख्य रूप से झिलाही, मोतीगंज और बरुआचक स्टेशनों पर यह ट्रेन रुकेगी। इससे छोटे स्टेशनों के आस-पास रहने वाले श्रद्धालुओं को भी इस मनकापुर-गोंडा सावन मेला ट्रेन (Mankapur-Gonda Sawan Mela train) का पूरा लाभ मिलेगा और वे अपने गंतव्य तक सुरक्षित पहुंच सकेंगे।

रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) को भी इन सभी स्टेशनों पर मुस्तैद रहने के निर्देश दिए गए हैं ताकि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। रेलवे प्रशासन ने सभी यात्रियों से स्टेशन पर समय से पहुंचने और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने की अपील की है।

nirbhik india WhatsApp channel for update and newspaper cutting
NIRBHIK-INDIA-WHATSAPP-CHANNEL (2)
निर्भीक इंडिया (NIRBHIK INDIA) एक समाचार पत्र नही अपितु 245 साल से भी लम्बे समय से चल रहे पत्रकारिता की विचारधारा है, जो हमेशा लोकतंत्र के चारो स्तम्भ को मान्यता देने एवं जनता सर्वोपरि की विचारों का प्रतिनिधित्वकत्र्ता है। आप सभी हमारे साथ जुड़े अपने तन, मन व धन से हमें ताकत दें जिससे कि हम आप (जनता) के लिए आप (जनता) के द्वारा, आप (जनता) के आदेशों पर केन्द्र से सवाल करते हुए एक पूर्ण लोकतंत्र बना सकें।
Navneet Mishra

Navneet Mishra is a seasoned journalist currently associated with Nirbhik India and its digital portal, nirbhikindia.in. With over six years of experience across print and digital platforms, Navneet specializes in politics, sports, economics, and geopolitics.
A Master’s graduate in Mass Communication from Deen Dayal Upadhyay Gorakhpur University, he is also a dedicated media scholar. His academic research focuses on “the pivotal role of Gorakhpur’s Hindi newspapers during the Indian freedom struggle against the British Crown”. Before joining Nirbhik India, Navneet spent five years at Adarsh Jeevan and gained valuable field experience at Amar Ujala Gorakhpur as training reporter only for 5 days.
———————————————————————————-
नवनीत मिश्रा वर्तमान में ‘निर्भीक इंडिया’ मीडिया समूह से जुड़े हैं। उन्होंने दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स किया है। पत्रकारिता के अपने 6 वर्षों के सफर में उन्होंने प्रिंट और डिजिटल दोनों डेस्क पर काम किया है। उनके शोध का विषय ब्रिटिश शासन के खिलाफ गोरखपुर के अखबारों का योगदान रहा है, जो उनकी ऐतिहासिक समझ को दर्शाता है। वे राजनीति, अर्थव्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय मामलों (Geopolitics) पर निरंतर लिखते रहे हैं। ‘आदर्श जीवन’ दैनिक में 5 साल का कार्यकाल और ‘अमर उजाला’ गोरखपुर में ट्रेनिंग रिपोर्टिंग के तौर पर मात्र 5 दिन काम क्या है उनकी लेखनी को और भी निखारता है।

Navneet Mishra

Navneet Mishra is a seasoned journalist currently associated with Nirbhik India and its digital portal, nirbhikindia.in. With over six years of experience across print and digital platforms, Navneet specializes in politics, sports, economics, and geopolitics. A Master’s graduate in Mass Communication from Deen Dayal Upadhyay Gorakhpur University, he is also a dedicated media scholar. His academic research focuses on "the pivotal role of Gorakhpur’s Hindi newspapers during the Indian freedom struggle against the British Crown". Before joining Nirbhik India, Navneet spent five years at Adarsh Jeevan and gained valuable field experience at Amar Ujala Gorakhpur as training reporter only for 5 days. ---------------------------------------------------------------------------------- नवनीत मिश्रा वर्तमान में 'निर्भीक इंडिया' मीडिया समूह से जुड़े हैं। उन्होंने दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स किया है। पत्रकारिता के अपने 6 वर्षों के सफर में उन्होंने प्रिंट और डिजिटल दोनों डेस्क पर काम किया है। उनके शोध का विषय ब्रिटिश शासन के खिलाफ गोरखपुर के अखबारों का योगदान रहा है, जो उनकी ऐतिहासिक समझ को दर्शाता है। वे राजनीति, अर्थव्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय मामलों (Geopolitics) पर निरंतर लिखते रहे हैं। 'आदर्श जीवन' दैनिक में 5 साल का कार्यकाल और 'अमर उजाला' गोरखपुर में ट्रेनिंग रिपोर्टिंग के तौर पर मात्र 5 दिन काम क्या है उनकी लेखनी को और भी निखारता है।

Discover more from NIRBHIK INDIA

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading