गोरखपुर न्यूज़ (Gorakhpur News) में आज डिजिटल ठगी के एक बहुत बड़े और सनसनीखेज नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है। गोरखपुर पुलिस न्यूज़ (Gorakhpur Police News) के आधिकारिक बयान के अनुसार, पुलिस ने एक ऐसे संगठित गिरोह को पकड़ा है जो मासूम लोगों के बैंक खातों का अवैध इस्तेमाल करता था। यह मामला साइबर अपराध की दुनिया का एक बेहद ही खतरनाक और नया रूप है।

म्यूल बैंक खाता फ्रॉड (Mule Bank Account Fraud): गोरखपुर में 6 गिरफ्तार
कोतवाली पुलिस ने इस गंभीर आपराधिक मामले में त्वरित और सख्त कार्रवाई करते हुए छह शातिर युवाओं को गिरफ्तार किया है। यह साइबर फ्रॉड गैंग गिरफ्तार (Cyber Fraud Gang Arrest) होने के बाद पूरे जिले में चर्चा का विषय बन गया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, इन शातिरों के तार अंतरराष्ट्रीय साइबर अपराधियों के एक बहुत बड़े सिंडिकेट से जुड़े होने की प्रबल संभावना है।
यह शातिर गिरोह भोले-भाले युवाओं को सरकारी योजना के नाम पर ठगी (Fraud in Government Scheme Name) का आसान शिकार बनाता था। अपराधी उन्हें यह झूठा लालच देते थे कि उनके बैंक खाते में सरकारी योजनाओं का सीधा पैसा आएगा। इस सुनहरे झांसे में आकर कई बेरोजगार युवा अपने सभी जरूरी बैंक दस्तावेज इन शातिरों को सौंप देते थे।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस पूरे सुनियोजित काले कारोबार को म्यूल बैंक खाता फ्रॉड (Mule Bank Account Fraud) कहा जाता है। इसमें मुख्य अपराधियों के पास सीधे तौर पर पैसा न जाकर, इन किराए के बैंक खातों में धोखाधड़ी का पैसा मंगाया जाता है। गोरखपुर साइबर क्राइम न्यूज़ (Gorakhpur Cyber Crime News) के इतिहास में यह पुलिस के लिए एक बहुत बड़ी और अहम कामयाबी मानी जा रही है।
म्यूल बैंक खाता फ्रॉड (Mule Bank Account Fraud) का जाल और गिरफ्तारी
इस सनसनीखेज मामले की शुरुआत तब हुई जब 15 अप्रैल 2026 को एक पीड़ित पिता ने पुलिस से न्याय की गुहार लगाई। उन्होंने थाने पहुंचकर एक विस्तृत साइबर ठगी की शिकायत (Cyber Fraud Complaint) दर्ज कराई थी। पीड़ित ने पुलिस को बताया कि उनके बेटे को सरकारी योजना का प्रलोभन देकर उसका एटीएम और चेकबुक ठगों ने धोखाधड़ी से अपने पास रख लिया था।
इस गंभीर शिकायत को तत्काल संज्ञान में लेते हुए कोतवाली पुलिस गोरखपुर (Kotwali Police Gorakhpur) के तेज-तर्रार प्रभारी निरीक्षक छत्रपाल सिंह ने एक विशेष टीम का गठन किया। इस टीम ने बैंक खाता ठगी गोरखपुर (Bank Account Fraud Gorakhpur) के इस पूरे सिंडिकेट का पर्दाफाश कर दिया। पुलिस ने सघन छापेमारी कर सभी छह मुख्य आरोपियों को रंगे हाथों धर दबोचा है।
इस सफल गोरखपुर कोतवाली गिरफ्तारी (Gorakhpur Kotwali Arrest) में अनुज विश्वकर्मा, ओंमकार अग्रहरि, ऋतुराज यादव, राहुल सिंह, दिव्यांशु सिंह और आदित्य चौधरी शामिल हैं। कड़ी पूछताछ में इन अभियुक्तों ने बताया कि वे ओंमकार और ऋतुराज के इशारे पर भोले-भाले लोगों को अपना शिकार बनाते थे। यह गिरोह बहुत ही शातिराना ढंग से अपनी इस पूरी साजिश को अंजाम देता था।
इन निर्दोष लोगों के बैंक खातों की पूरी गोपनीय जानकारी एक मास्टरमाइंड को भेजी जाती थी। पुलिस पूछताछ में टेलीग्राम साइबर ठगी (Telegram Cyber Fraud) का एक बहुत बड़ा और खौफनाक एंगल भी सामने आया है। आरोपी ओंमकार ने स्वीकार किया है कि वह ‘रामदास’ और ‘जॉन बाबा’ नामक अज्ञात साइबर ठगों से टेलीग्राम ऐप के जरिए ही संपर्क में आया था।

म्यूल बैंक खाता फ्रॉड (Mule Bank Account Fraud) से बचाव और सुरक्षा टिप्स
यह गिरोह इन म्यूल बैंक खाता फ्रॉड (Mule Bank Account Fraud) के जरिए इंटरनेट बैंकिंग और चेकबुक से अवैध पैसों का भारी लेनदेन करता था। गोरखपुर आज की खबर (Gorakhpur Aaj Ki Khabar) में यह मामला वर्तमान में सबसे ज्यादा सुर्खियां बटोर रहा है। पुलिस अब उन शातिर मास्टरमाइंड्स की सरगर्मी से तलाश कर रही है, जो फर्जी नामों के साथ टेलीग्राम के पीछे सुरक्षित छिपे हुए हैं।
गोरखपुर क्राइम न्यूज़ टुडे (Gorakhpur Crime News Today) आम जनता और युवाओं से अपील करता है कि वे ऐसे किसी भी लालच या शॉर्टकट से हमेशा दूर रहें। सभी जिम्मेदार नागरिकों को सख्त साइबर सुरक्षा टिप्स (Cyber Security Tips) का अनिवार्य रूप से पालन करना चाहिए। कभी भी अपना बैंक पासबुक, चेकबुक, एटीएम कार्ड या ओटीपी किसी भी अनजान या संदिग्ध व्यक्ति को बिल्कुल न सौंपें।
यदि आपके या आपके किसी परिचित के साथ भी कभी ऐसी कोई दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना हो जाए, तो तुरंत ऑनलाइन ठगी की शिकायत (Online Fraud Complaint) दर्ज कराएं। इसके लिए आप भारत सरकार के राष्ट्रीय साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर (Cyber Crime Helpline Number) 1930 पर बिना किसी देरी के कॉल कर सकते हैं। सही समय पर की गई आपकी शिकायत आपके खून-पसीने के पैसों को बचा सकती है।
डिजिटल युग में कई लोगों का यह लाजिमी सवाल होता है कि बैंक फ्रॉड पैसा वापस कैसे लाएं (How to Recover Money from Bank Fraud)। इसका सबसे सीधा, सुरक्षित और सटीक उपाय यही है कि घटना के 24 घंटे के स्वर्णिम समय के भीतर बैंक और पुलिस को पूरी जानकारी दे दी जाए। इससे अपराधियों द्वारा फ्रीज किए गए खातों से आपका पैसा सुरक्षित वापस मिल सकता है।

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Navneet Mishra is a seasoned journalist currently associated with Nirbhik India and its digital portal, nirbhikindia.in. With over six years of experience across print and digital platforms, Navneet specializes in politics, sports, economics, and geopolitics.
A Master’s graduate in Mass Communication from Deen Dayal Upadhyay Gorakhpur University, he is also a dedicated media scholar. His academic research focuses on “the pivotal role of Gorakhpur’s Hindi newspapers during the Indian freedom struggle against the British Crown”. Before joining Nirbhik India, Navneet spent five years at Adarsh Jeevan and gained valuable field experience at Amar Ujala Gorakhpur as training reporter only for 5 days.
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नवनीत मिश्रा वर्तमान में ‘निर्भीक इंडिया’ मीडिया समूह से जुड़े हैं। उन्होंने दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स किया है। पत्रकारिता के अपने 6 वर्षों के सफर में उन्होंने प्रिंट और डिजिटल दोनों डेस्क पर काम किया है। उनके शोध का विषय ब्रिटिश शासन के खिलाफ गोरखपुर के अखबारों का योगदान रहा है, जो उनकी ऐतिहासिक समझ को दर्शाता है। वे राजनीति, अर्थव्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय मामलों (Geopolitics) पर निरंतर लिखते रहे हैं। ‘आदर्श जीवन’ दैनिक में 5 साल का कार्यकाल और ‘अमर उजाला’ गोरखपुर में ट्रेनिंग रिपोर्टिंग के तौर पर मात्र 5 दिन काम क्या है उनकी लेखनी को और भी निखारता है।

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