बलरामपुरउत्तर प्रदेश

PM Modi Birthday पर 76 मरीजों को मिली ‘संजीवनी’!

बलरामपुर: देश भर में आज PM Modi Birthday (प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 76वां जन्मदिन) बड़े ही हर्षोल्लास और सेवा भाव के साथ मनाया जा रहा है। इस विशेष अवसर पर बलरामपुर की उच्च शिक्षा के प्रमुख केंद्र, मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय [Maa Pateshwari University] ने एक ऐसी अनूठी और मार्मिक पहल की है, जिसकी हर तरफ भूरि-भूरि प्रशंसा हो रही है।

PM Modi Birthday पर कुलपति की सेवा और सामाजिक सरोकार की पहल
PM Modi Birthday पर 76 मरीजों को मिली ‘संजीवनी’!

PM Modi Birthday के उपलक्ष्य में विश्वविद्यालय प्रशासन ने सामाजिक सरोकार और मानवीय संवेदना की मिसाल पेश करते हुए जिले के 76 क्षय (TB) रोगियों को आधिकारिक रूप से गोद लेने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। इस सेवा कार्यक्रम के तहत इन सभी 76 मरीजों को उनके बेहतर स्वास्थ्य और शीघ्र रिकवरी के लिए विशेष ‘पोषण पोटली’ [Poshan Potli] का वितरण किया गया है।

PM Modi Birthday पर कुलपति की सेवा और सामाजिक सरोकार की पहल

मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय [Maa Pateshwari University] परिसर में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में 76 की संख्या का चयन प्रतीकात्मक रूप से किया गया था, जो प्रधानमंत्री जी की 76वीं वर्षगांठ को दर्शाता है। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. रवि शंकर सिंह ने स्वयं अपने हाथों से क्षय रोग (Tuberculosis) से उपचाररत रोगियों को यह ‘पोषण पोटली’ प्रदान की।

PM Modi Birthday के इस गरिमामय अवसर पर कुलपति प्रो. रवि शंकर सिंह ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि भारत को क्षय रोग मुक्त [TB Eradication] बनाने के लिए केवल अस्पतालों में मिलने वाला चिकित्सा उपचार ही पर्याप्त नहीं है। दवाओं के साथ-साथ इन गंभीर रोगियों के दैनिक पोषण (Nutrition) और उन्हें मिलने वाले सामाजिक व मानसिक सहयोग पर भी विशेष ध्यान देना नितांत आवश्यक है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि एक शैक्षणिक संस्थान होने के नाते, विश्वविद्यालय समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी को भली-भांति समझता है और भविष्य में भी स्वास्थ्य एवं जनसेवा के क्षेत्र में ऐसे निरंतर सहयोग के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध रहेगा।

क्षय रोग (TB) में पोषण पोटली (Poshan Potli) का क्या महत्व है? (People Also Search For)

इंटरनेट पर स्वास्थ्य संबंधी जानकारी जुटाने वाले लोग अक्सर सर्च करते हैं कि टीबी के मरीजों को सरकार या संस्थाओं द्वारा दी जाने वाली ‘पोषण पोटली’ में क्या होता है और यह क्यों जरूरी है?

चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, क्षय रोग [Tuberculosis] की दवाइयां काफी शक्तिशाली (High-dose) होती हैं, जिनका शरीर पर गहरा प्रभाव पड़ता है। यदि मरीज को उचित और संतुलित आहार न मिले, तो दवाइयां सही तरीके से काम नहीं कर पातीं और कमजोरी तेजी से बढ़ती है।

इस [Poshan Potli] में आमतौर पर उच्च प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थ जैसे भुना हुआ चना, गुड़, मूंगफली, सत्तू, सोयाबीन और पौष्टिक दालें शामिल होती हैं। PM Modi Birthday पर वितरित की गई इस पोटली का मुख्य उद्देश्य मरीजों के रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) को प्राकृतिक रूप से बढ़ाना है, ताकि वे दवाइयों के कोर्स को आसानी से सह सकें और जल्द से जल्द पूर्ण रूप से स्वस्थ हो सकें।

PM Modi Birthday समारोह: स्वास्थ्य विशेषज्ञों का तकनीकी मार्गदर्शन

इस सेवा कार्यक्रम को केवल वितरण तक सीमित नहीं रखा गया, बल्कि इसे एक वृहद स्वास्थ्य जागरूकता शिविर का रूप भी दिया गया। PM Modi Birthday के इस आयोजन में चिकित्सा क्षेत्र के कई वरिष्ठ विशेषज्ञ शामिल हुए, जिन्होंने मरीजों और वहां मौजूद आम नागरिकों को क्षय रोग [TB Eradication] के लक्षण, बचाव, और नियमित उपचार के तकनीकी पहलुओं से अवगत कराया।

विशेषज्ञों ने जोर देकर कहा कि टीबी अब कोई लाइलाज बीमारी नहीं है। यदि मरीज नियमित रूप से 6 से 8 महीने तक बिना नागा किए ‘डॉट्स’ (DOTS) की दवा का सेवन करे और साथ में पौष्टिक आहार (Balanced Diet) लेता रहे, तो इस गंभीर बीमारी को जड़ से खत्म किया जा सकता है। बीच में दवा छोड़ना इस बीमारी को ‘मल्टी ड्रग रेजिस्टेंट’ (MDR-TB) बना सकता है, जो जानलेवा साबित होता है।

निक्षय मित्र योजना और सामाजिक सहभागिता (People Also Search For)

लोग गूगल पर अक्सर [Balrampur News] के साथ भारत सरकार की टीबी उन्मूलन योजनाओं के बारे में खोजते हैं। प्रधानमंत्री द्वारा वर्ष 2025 तक भारत को टीबी मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इसी के तहत ‘निक्षय मित्र योजना’ चलाई जा रही है, जिसके अंतर्गत कोई भी व्यक्ति, कॉर्पोरेट या संस्था मरीजों को गोद ले सकती है। PM Modi Birthday के अवसर पर मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय [Maa Pateshwari University] का यह कदम इसी राष्ट्रीय संकल्प का एक मजबूत हिस्सा है।

कार्यक्रम के अंत में सेवा, स्वास्थ्य जागरूकता और परस्पर सामाजिक सहभागिता का एक मजबूत संदेश दिया गया। इस अवसर पर विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के चिकित्सा सलाहकार डॉ. दीपक चतुर्वेदी, जिला क्षय रोग अधिकारी (DTO) डॉ. ए.के. शुक्ल तथा जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) मुकेश रस्तोगी मंच पर प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। इनके अतिरिक्त, विश्वविद्यालय के संकाय सदस्य, अधिकारीगण, कर्मचारी और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक इस पुनीत कार्य के साक्षी बने।

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