RLDA का ‘रेल संगम विहार’ (Rail Sangam Vihar), मिले 100 हाई-टेक फ्लैट्स
गोरखपुर: भारतीय रेलवे के आधुनिकीकरण और अपने कर्मचारियों के रहन-सहन के स्तर को बेहतर बनाने की दिशा में पूर्वोत्तर रेलवे गोरखपुर (NER Gorakhpur) ने एक बड़ा कदम उठाया है। रेल भूमि विकास प्राधिकरण (आर.एल.डी.ए. – RLDA) ने 10 सितम्बर, 2026 को बौलिया रेलवे कॉलोनी (Bauliya Colony) में नवनिर्मित अत्याधुनिक ‘रेल संगम विहार’ (Rail Sangam Vihar) के 100 टाइप-III रेलवे आवास पूर्वोत्तर रेलवे प्रशासन को हस्तांतरित कर दिए।

आर.एल.डी.ए. के उपाध्यक्ष श्री मनोज गर्ग ने महाप्रबन्धक श्री उदय बोरवणकर को प्रतीकात्मक चाबी सौंपकर इस महत्वाकांक्षी परियोजना का औपचारिक उद्घाटन किया। कार्यक्रम के दौरान एक बच्चे से फीता कटवाकर कर्मचारियों को नए फ्लैट्स की चाबियां आवंटित की गईं, जिससे रेलकर्मियों के चेहरों पर खुशी की लहर दौड़ गई।
RLDA का ‘रेल संगम विहार’ (Rail Sangam Vihar): 36.55 करोड़ की हाई-टेक परियोजना
रेलवे द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, बौलिया कॉलोनी (Bauliya Colony) में यह नवनिर्मित परिसर 12,697 वर्ग मीटर के विशाल क्षेत्र में फैला है। कुल 36.55 करोड़ रुपये की लागत से बने इस ‘रेल संगम विहार’ में कर्मचारियों के लिए 03 शानदार बहुमंजिला टॉवर बनाए गए हैं, जिनमें कुल 100 टाइप-III रेलवे फ्लैट्स शामिल हैं। इन टॉवरों का नामकरण पूर्वांचल की प्रमुख नदियों के नाम पर किया गया है:
- टॉवर 1 (राप्ती): 09 मंजिल (36 फ्लैट्स)
- टॉवर 2 (सरयू): 08 मंजिल (32 फ्लैट्स)
- टॉवर 3 (रोहिणी): 08 मंजिल (32 फ्लैट्स)
प्रत्येक टॉवर में अग्निशमन सुरक्षा (Fire Safety) के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं और 02-02 हाई-स्पीड लिफ्ट्स लगाई गई हैं। इसके अलावा, परिसर में 141 कारों की पार्किंग के लिए भी पर्याप्त जगह सुनिश्चित की गई है।
रेलवे आवासों में आधुनिक सुख-सुविधाएं और ग्रीन इनिशिएटिव (People Also Search For)
इंटरनेट पर लोग अक्सर खोजते हैं कि नए रेलवे क्वार्टर्स (Railway Quarters Gorakhpur) में क्या सुविधाएं मिल रही हैं। RLDA ने इस प्रोजेक्ट को पूरी तरह से इको-फ्रेंडली (Eco-friendly) और हाई-टेक बनाया है।
- वाटर मैनेजमेंट: जमीन के नीचे 1.50 लाख लीटर क्षमता का भूमिगत जल टैंक (UGT) बनाया गया है। प्रत्येक टॉवर पर पीने के पानी के लिए 10,000 लीटर, टॉयलेट फ्लशिंग के लिए 5,000 लीटर का रीसायकल टैंक, और अग्निशमन के लिए 50,000 लीटर का ओवरहेड टैंक मौजूद है।
- सीवेज ट्रीटमेंट: गंदे पानी के शोधन के लिए 62 KLD क्षमता का सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) स्थापित किया गया है। इससे निकला साफ पानी फ्लशिंग और बागवानी में इस्तेमाल होगा।
- एनर्जी एंड फिटनेस: पूरी कॉलोनी को रोशन करने के लिए 49 हाइब्रिड सोलर स्ट्रीट लाइट्स (Hybrid Solar Street Lights) लगाई गई हैं। प्रत्येक फ्लैट में पी.एन.जी. (PNG) गैस कनेक्शन है। बच्चों के खेलने के लिए पार्क और फिटनेस के लिए ओपन जिम (Open Gym) का भी निर्माण किया गया है।
महाप्रबंधक और वरिष्ठ अधिकारियों ने किया पौधारोपण
उद्घाटन समारोह का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चार, पूजन और हवन के साथ हुआ। इसके बाद परियोजना से जुड़ी एक विशेष वीडियो फिल्म प्रदर्शित की गई। महाप्रबन्धक श्री उदय बोरवणकर ने आर.एल.डी.ए. के अधिकारियों के साथ इस पूरी रेलवे कॉलोनी (Railway Colony) का गहन मुआयना किया और गुणवत्ता पर संतोष व्यक्त किया।
कार्यक्रम के अंत में, पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए जीएम श्री उदय बोरवणकर, अपर महाप्रबन्धक श्री विनोद कुमार शुक्ल और आर.एल.डी.ए. उपाध्यक्ष श्री मनोज गर्ग ने ‘रेल संगम विहार’ परिसर में पौधारोपण किया। इस अवसर पर मुख्य परियोजना प्रबन्धक/आर.एल.डी.ए. श्री संजय यादव और पूर्वोत्तर रेलवे के कई प्रमुख विभागाध्यक्ष व इंजीनियर उपस्थित रहे।
रेलवे का यह नया आवासीय परिसर न केवल गोरखपुर शहर के सौंदर्यीकरण में इजाफा कर रहा है, बल्कि यह साबित करता है कि पूर्वोत्तर रेलवे (NER Gorakhpur) अपने कर्मचारियों के सर्वांगीण विकास और उच्च स्तरीय जीवन स्तर के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

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Navneet Mishra is a seasoned journalist currently associated with Nirbhik India and its digital portal, nirbhikindia.in. With over six years of experience across print and digital platforms, Navneet specializes in politics, sports, economics, and geopolitics.
A Master’s graduate in Mass Communication from Deen Dayal Upadhyay Gorakhpur University, he is also a dedicated media scholar. His academic research focuses on “the pivotal role of Gorakhpur’s Hindi newspapers during the Indian freedom struggle against the British Crown”. Before joining Nirbhik India, Navneet spent five years at Adarsh Jeevan and gained valuable field experience at Amar Ujala Gorakhpur as training reporter only for 5 days.
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नवनीत मिश्रा वर्तमान में ‘निर्भीक इंडिया’ मीडिया समूह से जुड़े हैं। उन्होंने दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स किया है। पत्रकारिता के अपने 6 वर्षों के सफर में उन्होंने प्रिंट और डिजिटल दोनों डेस्क पर काम किया है। उनके शोध का विषय ब्रिटिश शासन के खिलाफ गोरखपुर के अखबारों का योगदान रहा है, जो उनकी ऐतिहासिक समझ को दर्शाता है। वे राजनीति, अर्थव्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय मामलों (Geopolitics) पर निरंतर लिखते रहे हैं। ‘आदर्श जीवन’ दैनिक में 5 साल का कार्यकाल और ‘अमर उजाला’ गोरखपुर में ट्रेनिंग रिपोर्टिंग के तौर पर मात्र 5 दिन काम क्या है उनकी लेखनी को और भी निखारता है।

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