गोरखपुर के गोलघर (gorakhpur golghar) में जानलेवा हमला
गोरखपुर: गोरखपुर के गोलघर (gorakhpur golghar) में जानलेवा हमला (attempt to murder in Golghar) की सनसनीखेज वारदात को अंजाम देने वाले एक शातिर अपराधी को गोरखपुर पुलिस ने भारी हथियारों के साथ गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अधीक्षक नगर के मार्गदर्शन और क्षेत्राधिकारी कैंट के पर्यवेक्षण में कैंट थाना (Cantt police station) तथा एंटी थेफ्ट सेल (Anti Theft Cell) की संयुक्त टीम ने इस बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है।

जनरेटर चोरी का विरोध करने पर इस अपराधी ने एक सजग नागरिक पर धारदार हथियार (चाकू) से हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया था। पुलिस ने अभियुक्त के कब्जे से घटना में प्रयुक्त चाकू, चोरी के भारी उपकरण और एक मोटरसाइकिल बरामद कर ली है।
गोरखपुर के गोलघर (gorakhpur golghar) कैसे हुआ जानलेवा हमला (attempt to murder in Golghar)?
स्थानीय कैंट पुलिस (Cantt police station) द्वारा दी गई जानकारी और दर्ज प्राथमिकी (FIR) के अनुसार, यह दुस्साहसिक वारदात 23 अगस्त 2026 की है। मुख्य अभियुक्त शिवम गुप्ता अपने अन्य अज्ञात साथियों के साथ मिलकर शहर के सबसे प्रमुख व्यावसायिक केंद्र गोलघर में एक जनरेटर चोरी कर रहा था।
उसी समय वादी मुकदमा का भाई अपनी मोटरसाइकिल से वहां से गुजरते हुए घर की ओर जा रहा था। रास्ते में चोरी की इस वारदात को देखकर जब उस युवक ने रुककर अभियुक्तों का डटकर विरोध किया, तो अपराधियों ने उसे जान से मारने की नीयत से उस पर धारदार चाकू से ताबड़तोड़ वार कर दिए।
इस अप्रत्याशित हिंसक हमले में वादी का भाई गंभीर रूप से घायल होकर गिर पड़ा और अपराधी मौके से फरार हो गए। पीड़ित पक्ष की तहरीर पर कैंट पुलिस ने तत्काल सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर सघन जांच शुरू कर दी थी।
गोरखपुर के गोलघर (gorakhpur golghar) में पुलिस की घेराबंदी और हथियारों की बड़ी बरामदगी
इस जघन्य अपराध के बाद एसओजी (SOG) और एंटी थेफ्ट सेल (Anti Theft Cell) की टीमें लगातार अपराधियों की धरपकड़ में जुटी हुई थीं। मुखबिर की सटीक सूचना पर पुलिस की संयुक्त टीम ने मुख्य अभियुक्त शिवम गुप्ता (पुत्र अशोक कुमार गुप्ता, निवासी भेडियागढ़, थाना शाहपुर, जनपद गोरखपुर) को सफलतापूर्वक गिरफ्तार कर लिया।
तलाशी के दौरान अभियुक्त शिवम के कब्जे से पुलिस ने भारी मात्रा में चोरी के उपकरण और हथियार बरामद किए हैं। बरामदगी में घटना में प्रयुक्त 1 मुख्य चाकू, 1 अन्य धारदार चाकू, ताला तोड़ने में इस्तेमाल होने वाले 2 रिंच, 1 पाना, 1 लोहे का भारी सब्बल और चोरी की 1 मोटरसाइकिल शामिल है।
इस बरामदगी के आधार पर पुलिस ने पूर्व में दर्ज मु.अ.सं. 447/2026 में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 317(2) (चोरी की संपत्ति रखना) और 336(2) की बढ़ोत्तरी कर दी है।
बीएनएस (BNS) में जानलेवा हमले पर क्या है कानून? (People Also Search For)
इंटरनेट पर पूर्वांचल के नागरिक अक्सर यह खोजते हैं कि गोलघर में जानलेवा हमला (attempt to murder in Golghar) जैसी वारदातों में नए भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत पुलिस क्या कार्रवाई करती है। इस गंभीर मामले में कैंट पुलिस ने अभियुक्त पर धारा 109 BNS (जो पुरानी IPC की धारा 307 यानी हत्या का प्रयास के समतुल्य है) के तहत कार्रवाई की है।
इस धारा में दोष सिद्ध होने पर 10 वर्ष तक के कठोर कारावास का प्रावधान है। यदि पीड़ित को गंभीर चोट लगती है (जैसा कि इस मामले में हुआ है), तो सजा आजीवन कारावास तक भी हो सकती है।
गिरफ्तार अपराधी शिवम गुप्ता का आपराधिक रिकॉर्ड
गिरफ्तार किया गया अभियुक्त शिवम गुप्ता कोई नया अपराधी नहीं है, बल्कि वह शहर में चोरी और सेंधमारी करने वाला एक अभ्यस्त अपराधी है। इसके खिलाफ पहले से ही कई आपराधिक मामले दर्ज हैं:
- मु.अ.सं. 447/2026: धारा 109/317(2)/336(2) बीएनएस, थाना कैंट, गोरखपुर।
- मु.अ.सं. 1056/2023: धारा 379/411 भादवि, थाना गुलरिहा, गोरखपुर।
- मु.अ.सं. 0086/2024: धारा 380/411 भादवि, थाना चिलुआताल, गोरखपुर।
इस दुस्साहसिक अपराधी को सलाखों के पीछे पहुंचाने में एक बड़ी संयुक्त पुलिस टीम (Gorakhpur police) ने अहम भूमिका निभाई है।
इस टीम में एंटी थेफ्ट सेल के प्रभारी निरीक्षक सुनील कुमार राय, कैंट थाने के उ.नि. घनश्याम उपाध्याय, उ.नि. अवनीश कुमार पाण्डेय, उ.नि. रवि प्रकाश कुंवर, एसओजी टीम के उ.नि. आशुतोष राय, कांस्टेबल संजीत यादव, मंगलदीप यादव, विवेक त्रिपाठी सहित एंटी थेफ्ट सेल के हेड कांस्टेबल मोहसिन खान, धर्मेन्द्रनाथ तिवारी, मिथिलेश बहादुर सिंह, कमलेश कुमार और कांस्टेबल भूपेन्द्र यादव शामिल रहे। पुलिस द्वारा वर्तमान में अभियुक्त के खिलाफ अग्रिम विधिक कार्रवाई कर उसे न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है।

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Navneet Mishra is a seasoned journalist currently associated with Nirbhik India and its digital portal, nirbhikindia.in. With over six years of experience across print and digital platforms, Navneet specializes in politics, sports, economics, and geopolitics.
A Master’s graduate in Mass Communication from Deen Dayal Upadhyay Gorakhpur University, he is also a dedicated media scholar. His academic research focuses on “the pivotal role of Gorakhpur’s Hindi newspapers during the Indian freedom struggle against the British Crown”. Before joining Nirbhik India, Navneet spent five years at Adarsh Jeevan and gained valuable field experience at Amar Ujala Gorakhpur as training reporter only for 5 days.
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नवनीत मिश्रा वर्तमान में ‘निर्भीक इंडिया’ मीडिया समूह से जुड़े हैं। उन्होंने दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स किया है। पत्रकारिता के अपने 6 वर्षों के सफर में उन्होंने प्रिंट और डिजिटल दोनों डेस्क पर काम किया है। उनके शोध का विषय ब्रिटिश शासन के खिलाफ गोरखपुर के अखबारों का योगदान रहा है, जो उनकी ऐतिहासिक समझ को दर्शाता है। वे राजनीति, अर्थव्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय मामलों (Geopolitics) पर निरंतर लिखते रहे हैं। ‘आदर्श जीवन’ दैनिक में 5 साल का कार्यकाल और ‘अमर उजाला’ गोरखपुर में ट्रेनिंग रिपोर्टिंग के तौर पर मात्र 5 दिन काम क्या है उनकी लेखनी को और भी निखारता है।

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