5 लाख की रंगदारी (extortion in Gorakhpur): बड़हलगंज पुलिस ने हिस्ट्रीशीटर दबोचा
गोरखपुर/बड़हलगंज: उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल (Purvanchal) में व्यापारियों और आम नागरिकों में खौफ पैदा कर रंगदारी (extortion in Gorakhpur) मांगने वाले माफियाओं और हिस्ट्रीशीटरों के खिलाफ गोरखपुर पुलिस (Gorakhpur police) ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है।

इसी क्रम में, पुलिस अधीक्षक दक्षिणी और क्षेत्राधिकारी गोला के कड़े निर्देशन में बड़हलगंज थाना पुलिस (Badhalganj police) ने एक दुस्साहसिक वारदात को अंजाम देने वाले शातिर हिस्ट्रीशीटर (history sheeter) रमेश निषाद को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। यह अपराधी दुकान में घुसकर लाठी-डंडों से मारपीट करने और 5 लाख रुपये की रंगदारी न देने पर मकान गिरवाने की धमकी देने के मामले में वांछित था। पुलिस ने वारदात में प्रयुक्त स्कार्पियो गाड़ी और नकदी भी बरामद कर ली है।
दुकान में घुसकर मारपीट और 5 लाख की रंगदारी (extortion in Gorakhpur) का पूरा मामला
बड़हलगंज पुलिस द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति और थाने में दर्ज प्राथमिकी (FIR) के अनुसार, यह दुस्साहसिक घटना 23 अगस्त 2026 को घटित हुई थी। वादी मुकदमा शांतिपूर्वक अपनी दुकान के अंदर बैठे हुए थे। तभी अचानक अभियुक्त रमेश निषाद अपने कई अन्य साथियों के साथ तेज आवाज में हूटर बजाते हुए एक सफेद स्कार्पियो गाड़ी से वहां आ धमका।
दहशत का माहौल बनाते हुए अभियुक्त और उसके साथी सीधे वादी की दुकान के अंदर घुस गए। उन्होंने आते ही पीड़ित के साथ लात-घूंसों और चप्पलों से बेरहमी से मारपीट शुरू कर दी और भद्दी-भद्दी गालियां दीं। मारपीट के दौरान अभियुक्तों ने पीड़ित से 5 लाख रुपये की रंगदारी (extortion in Gorakhpur) की मांग की।
उन्होंने खुलेआम धमकी दी कि यदि रुपये नहीं दिए गए, तो वे उसका मकान गिरवा देंगे और उसे जान से मार डालेंगे। इस घटना से इलाके के व्यापारियों में भारी दहशत फैल गई थी। पीड़ित की तहरीर पर बड़हलगंज पुलिस ने तत्काल मु.अ.सं. 386/2026 के तहत गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर लिया।
5 लाख की रंगदारी (extortion in Gorakhpur) पर बड़हलगंज पुलिस की घेराबंदी और सफल गिरफ्तारी
माफियाओं और रंगदारों के खिलाफ चलाए जा रहे जीरो टॉलरेंस अभियान के तहत, प्रभारी निरीक्षक अतुल कुमार श्रीवास्तव के कुशल नेतृत्व में बड़हलगंज पुलिस टीम ने सघन चेकिंग और दबिश देना शुरू किया। मुखबिर की सटीक सूचना पर पुलिस ने नामजद मुख्य अभियुक्त रमेश निषाद (पुत्र रामअधीन निषाद, निवासी ग्राम बहसुआ, थाना बड़हलगंज, जनपद गोरखपुर) को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस टीम ने अभियुक्त के कब्जे से दहशत फैलाने के लिए इस्तेमाल की गई 01 स्कार्पियो गाड़ी, 02 मोबाइल फोन और 7,100 रुपये नकद बरामद किए हैं। पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 191(2) (दंगा करना), 115(2) (स्वेच्छा से चोट पहुंचाना), 333 (संपत्ति नष्ट करने की धमकी), 352 (शांति भंग), 351(3) (आपराधिक धमकी) और 308(5) (रंगदारी/जबरन वसूली) के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की है।
गिरफ्तार अभियुक्त रमेश निषाद का लंबा आपराधिक इतिहास (criminal history) (People Also Search For)
पूर्वांचल के नागरिक अक्सर इंटरनेट पर सर्च करते हैं कि पुलिस की गिरफ्त में आए ऐसे शातिर अपराधियों या हिस्ट्रीशीटर (history sheeter) का पिछला आपराधिक रिकॉर्ड कैसा होता है। गोरखपुर पुलिस की जांच में रमेश निषाद का एक खौफनाक और लंबा आपराधिक इतिहास (criminal history) सामने आया है। इसके खिलाफ हत्या (Murder), हत्या के प्रयास (Attempt to murder), गैंगस्टर एक्ट (Gangster Act) और एससी/एसटी एक्ट सहित कुल 11 संगीन मुकदमे दर्ज हैं:
- मु.अ.सं. 386/2026: (वर्तमान रंगदारी मामला) धारा 191(2), 115(2), 333, 352, 351(3), 308(5) बीएनएस, थाना बड़हलगंज।
- मु.अ.सं. 02/2017: धारा 147, 323, 325, 336, 427, 504, 506 भादवि, थाना बड़हलगंज।
- मु.अ.सं. 323/2023: धारा 147, 308, 323, 504, 506 भादवि, थाना बड़हलगंज।
- मु.अ.सं. 421/2024: धारा 3(1) द,ध व 3(2)(va) एससी/एसटी एक्ट व बीएनएस की कई धाराएं, थाना बड़हलगंज।
- मु.अ.सं. 868/2024: एससी/एसटी एक्ट व जानलेवा हमले (324(4) BNS) की धाराएं, थाना बड़हलगंज।
- मु.अ.सं. 377/2004: हत्या के प्रयास (307 IPC) व अन्य धाराएं, थाना बड़हलगंज।
- मु.अ.सं. 71/2010: धारा 323/504/506/427 भादवि, थाना बड़हलगंज।
- मु.अ.सं. 828/2010: हत्या (302 IPC) और हत्या के प्रयास (307 IPC) का मामला, थाना बड़हलगंज।
- मु.अ.सं. 958/2010: हत्या (302 IPC) और दंगा (147 IPC) का मामला, थाना बड़हलगंज।
- मु.अ.सं. 936/2010: धारा 3(1) गैंगस्टर एक्ट (Gangster Act), थाना बड़हलगंज।
- मु.अ.सं. 239/2010: धारा 147/148/149/308/323/504/506 भादवि, थाना मदनपुर (जनपद देवरिया)।
रंगदारी (extortion) और बीएनएस की नई धारा 308(5) क्या है? (People Also Search For)
व्यापारी और आम नागरिक अक्सर यह खोजते हैं कि नए कानून में रंगदारी मांगने वालों पर पुलिस क्या कार्रवाई करती है। नए भारतीय न्याय संहिता (BNS) में धारा 308 विशेष रूप से जबरन वसूली (Extortion) से संबंधित है। धारा 308(5) के तहत यदि कोई व्यक्ति किसी को मृत्यु या गंभीर चोट का भय दिखाकर संपत्ति या मूल्यवान वस्तु देने के लिए विवश करता है, तो उसे आजीवन कारावास (Life Imprisonment) या दस वर्ष तक के कठोर कारावास और जुर्माने की सजा हो सकती है।
गोरखपुर पुलिस प्रशासन का स्पष्ट संदेश है कि पूर्वांचल में शांति व्यवस्था बिगाड़ने और व्यापारियों से रंगदारी मांगने वाले किसी भी माफिया को बख्शा नहीं जाएगा। इस दुर्दांत अपराधी को पकड़ने वाली पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक अतुल कुमार श्रीवास्तव, कांस्टेबल भानू प्रताप मौर्या, रिक्रूट आरक्षी रमेश यादव और कांस्टेबल चालक राकेश यादव (थाना बड़हलगंज) शामिल रहे। आरोपी के खिलाफ न्यायालय में अग्रिम विधिक कार्यवाही (legal proceedings) की जा रही है।

निर्भीक इंडिया (NIRBHIK INDIA) एक समाचार पत्र नही अपितु 245 साल से भी लम्बे समय से चल रहे पत्रकारिता की विचारधारा है, जो हमेशा लोकतंत्र के चारो स्तम्भ को मान्यता देने एवं जनता सर्वोपरि की विचारों का प्रतिनिधित्वकत्र्ता है। आप सभी हमारे साथ जुड़े अपने तन, मन व धन से हमें ताकत दें जिससे कि हम आप (जनता) के लिए आप (जनता) के द्वारा, आप (जनता) के आदेशों पर केन्द्र से सवाल करते हुए एक पूर्ण लोकतंत्र बना सकें।
Navneet Mishra is a seasoned journalist currently associated with Nirbhik India and its digital portal, nirbhikindia.in. With over six years of experience across print and digital platforms, Navneet specializes in politics, sports, economics, and geopolitics.
A Master’s graduate in Mass Communication from Deen Dayal Upadhyay Gorakhpur University, he is also a dedicated media scholar. His academic research focuses on “the pivotal role of Gorakhpur’s Hindi newspapers during the Indian freedom struggle against the British Crown”. Before joining Nirbhik India, Navneet spent five years at Adarsh Jeevan and gained valuable field experience at Amar Ujala Gorakhpur as training reporter only for 5 days.
———————————————————————————-
नवनीत मिश्रा वर्तमान में ‘निर्भीक इंडिया’ मीडिया समूह से जुड़े हैं। उन्होंने दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स किया है। पत्रकारिता के अपने 6 वर्षों के सफर में उन्होंने प्रिंट और डिजिटल दोनों डेस्क पर काम किया है। उनके शोध का विषय ब्रिटिश शासन के खिलाफ गोरखपुर के अखबारों का योगदान रहा है, जो उनकी ऐतिहासिक समझ को दर्शाता है। वे राजनीति, अर्थव्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय मामलों (Geopolitics) पर निरंतर लिखते रहे हैं। ‘आदर्श जीवन’ दैनिक में 5 साल का कार्यकाल और ‘अमर उजाला’ गोरखपुर में ट्रेनिंग रिपोर्टिंग के तौर पर मात्र 5 दिन काम क्या है उनकी लेखनी को और भी निखारता है।

Leave a Reply