निर्भीक संपादकीय

इंटरनेट शटडाउन और लोकतंत्र (Internet Shutdown and Democracy): डिजिटल सन्नाटे

प्रस्तावना- आधुनिक और वैश्वीकृत युग में इंटरनेट और सूचनाओं का निर्बाध प्रवाह केवल एक तकनीकी सुविधा या विलासिता का साधन

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निर्भीक संपादकीय

वैचारिक संप्रभुता (Ideological Sovereignty): विदेशी पूंजी का जाल

प्रस्तावना- वैश्वीकरण और मुक्त बाज़ार के इस आधुनिक युग में, जहाँ राष्ट्रों की भौगोलिक सीमाएं सूचना के निर्बाध प्रवाह के

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निर्भीक संपादकीय

न्यूज़ एंकर और सेलेब्रिटी संस्कृति (News Anchor and Celebrity Culture): पत्रकारिता की खोती शुचिता

प्रस्तावना- भारतीय पत्रकारिता के गौरवशाली इतिहास का यदि हम गहराई से अवलोकन करें, तो पाते हैं कि संपादक और संवाददाता

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