निर्भीक संपादकीय

न्यूज़ एंकर और सेलेब्रिटी संस्कृति (News Anchor and Celebrity Culture): पत्रकारिता की खोती शुचिता

प्रस्तावना- भारतीय पत्रकारिता के गौरवशाली इतिहास का यदि हम गहराई से अवलोकन करें, तो पाते हैं कि संपादक और संवाददाता

Read More
निर्भीक संपादकीय

संपादकीय स्वतंत्रता (Editorial Independence) : नहीं तो कुछ नहीं

प्रस्तावना- पत्रकारिता का मूल उद्देश्य समाज को सत्य, तथ्य और संतुलित जानकारी प्रदान करना है। यह उद्देश्य तभी पूरा हो

Read More
निर्भीक संपादकीय

प्रधान संपादक (Editor in Chief) पत्रकारिता की आत्मा

प्रस्तावना- किसी भी समाचार पत्र या मीडिया संस्थान की वास्तविक पहचान उसके संपादकीय दृष्टिकोण से होती है। यह दृष्टिकोण मुख्य

Read More
निर्भीक संपादकीय

व्हिसलब्लोअर संरक्षण अधिनियम (Whistleblowers Protection Act): सत्य के प्रहरियों की असुरक्षा, किसे बचाने का प्रयास?

प्रस्तावना- किसी भी जीवंत, पारदर्शी और परिपक्व लोकतंत्र की वास्तविक संजीवता केवल उसके संविधान के पन्नों में नहीं, बल्कि इस

Read More
निर्भीक संपादकीय

लोकतंत्र का चौथा स्तंभ: क्या अपनी भूमिका निभा रहा ?

प्रस्तावना- लोकतांत्रिक व्यवस्था की नींव चार प्रमुख स्तंभों पर टिकी मानी जाती हैविधायिका, कार्यपालिका, न्यायपालिका और प्रेस। इन संस्थाओं के

Read More