रीढ़विहीन पत्रकारिता (Spineless Journalism): लोकतंत्र हेतु खतरा
प्रस्तावना- लोकतांत्रिक व्यवस्था में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ कहा जाता है। इसका मूल उद्देश्य सत्ता से सवाल पूछना, जनता के
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Read Moreप्रस्तावना- भारतीय लोकतंत्र में प्रेस को लंबे समय से चौथा स्तंभ माना जाता रहा है। स्वतंत्रता संग्राम के दौर में
Read Moreनिर्भीक इंडिया (NIRBHIK INDIA) एक समाचार पत्र नही अपितु 245 साल से भी लम्बे समय से चल रहे पत्रकारिता की
Read Moreप्रस्तावना- लोकतंत्र की मूल संरचना चार प्रमुख स्तंभोंविधायिका, कार्यपालिका, न्यायपालिका और प्रेसपर आधारित मानी जाती है। इन चारों में प्रेस
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Read Moreप्रस्तावना – आज के इस वातानुकूलित और डिजिटल युग में, जब हाथ में एक सस्ता स्मार्टफोन और कुछ गीगाबाइट मुफ्त
Read Moreपटना की तपती सड़कें, 8 मई 2026 का दिन और हवा में गूंजती पुलिस की लाठियों की सूं-सूं की आवाज।
Read More10 नवंबर 2025 तक के प्रत्यक्ष कर (Direct Tax) संग्रह के अनंतिम आंकड़े सामने आ चुके हैं। वित्त मंत्रालय और
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