Chain Snatching Gorakhpur: 3 गिरफ्तार
गोरखपुर: Chain Snatching Gorakhpur महानगर के शहरी क्षेत्रों में कामकाजी महिलाओं और राहगीरों को अपना शिकार बनाने वाले शातिर झपटमारों के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। हाल ही में शहर के शाहपुर थाना क्षेत्र में हुई दिनदहाड़े चेन स्नैचिंग [Chain Snatching Gorakhpur] की दुस्साहसिक वारदात का पुलिस ने सफलतापूर्वक अनावरण कर दिया है।
![Chain Snatching Gorakhpur: 3 गिरफ्तार शाहपुर में हुई चेन लूट [Chain Snatching Gorakhpur] की पूरी वारदात](https://i0.wp.com/nirbhikindia.com/wp-content/uploads/2026/09/Chain-Snatching-Gorakhpur-3-%E0%A4%97%E0%A4%BF%E0%A4%B0%E0%A4%AB%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A4%BE%E0%A4%B0.webp?resize=800%2C588&ssl=1)
शाहपुर पुलिस की विशेष टीम ने महज चंद दिनों के भीतर इस वारदात को अंजाम देने वाले 3 शातिर बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने इन लुटेरों के कब्जे से लूटी गई पीली धातु (सोने) की चेन और अपराध में इस्तेमाल की गई दो तेज रफ्तार मोटरसाइकिलें भी बरामद की हैं। इस सफल पुलिस कार्रवाई से क्षेत्र के निवासियों ने राहत की सांस ली है।
शाहपुर में हुई चेन लूट [Chain Snatching Gorakhpur] की पूरी वारदात
शाहपुर थाने में दर्ज आधिकारिक एफआईआर (FIR) और पुलिस के घटना विवरण के अनुसार, यह दुस्साहसिक लूट 14 सितंबर 2026 को घटित हुई थी। वादी मुकदमा (पीड़िता) सुबह के समय अपने रोजमर्रा के काम पर जा रही थीं। इसी दौरान पीछे से घात लगाए तेज रफ्तार मोटरसाइकिल सवार अपराधियों ने उन्हें निशाना बनाया।
बदमाशों ने झपट्टा मारकर पलक झपकते ही महिला के गले से कीमती चेन छीन ली और मौके से तेज रफ्तार में बाइक दौड़ाते हुए फरार हो गए। अचानक हुई इस चेन स्नैचिंग [Chain Snatching Gorakhpur] की घटना से क्षेत्र में हड़कंप मच गया। पीड़िता की लिखित तहरीर के आधार पर शाहपुर पुलिस ने तत्काल प्रभाव से मु.अ.सं. 441/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 304(2) में मुकदमा दर्ज कर अपराधियों की धरपकड़ के लिए कई टीमों का गठन किया था।
पुलिस की घेराबंदी और चेन स्नैचिंग [Chain Snatching Gorakhpur] गैंग का पर्दाफाश
क्षेत्राधिकारी के पर्यवेक्षण और थानाध्यक्ष शाहपुर अंजय कुमार सिंह के कुशल नेतृत्व में उप-निरीक्षक (उ.नि.) चन्द्रभान सिंह और उनकी टीम ने मुखबिर तंत्र और सर्विलांस की मदद ली। सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय इनपुट के आधार पर पुलिस ने बशारतपुर पानी की टंकी के पास घेराबंदी कर इस चेन स्नैचिंग [Chain Snatching Gorakhpur] गैंग के तीन मुख्य गुर्गों को दबोच लिया।
गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों की पहचान इस प्रकार हुई है:
- किशन कुमार (पुत्र संजय कुमार) – निवासी निकट पानी की टंकी, बशारतपुर, थाना शाहपुर, गोरखपुर।
- रोहित सोनकर (पुत्र स्व. दिनेश) – निवासी निकट पानी की टंकी, बशारतपुर, थाना शाहपुर, गोरखपुर।
- अभिषेक सोनकर (पुत्र राजू सोनकर) – निवासी निकट पानी की टंकी, बशारतपुर, थाना शाहपुर, गोरखपुर।
पुलिस ने इनकी निशानदेही पर छीनी गई 01 पीली धातु की चेन और घटना में प्रयुक्त 02 मोटरसाइकिलें बरामद की हैं। इस बरामदगी के बाद पुलिस ने दर्ज मुकदमे में चोरी की संपत्ति छिपाने की विधिक धारा 317(2) बीएनएस की बढ़ोत्तरी कर दी है।
पकड़े गए चेन स्नैचर्स [Chain Snatching Gorakhpur] का पुराना आपराधिक इतिहास
गिरफ्तार किए गए अभियुक्त कोई नौसिखिए नहीं हैं, बल्कि इनमें से दो का पुराना और लंबा आपराधिक इतिहास रहा है। यह शातिर अपराधी पूर्व में भी कई गंभीर मुकदमों में नामजद रहे हैं:
- रोहित सोनकर पर दर्ज मुकदमे:
- मु.अ.सं. 611/2023 – धारा 323, 427, 504, 506 भादवि (मारपीट, धमकी), थाना शाहपुर।
- मु.अ.सं. 441/2026 – धारा 304(2), 317(2) बीएनएस (वर्तमान चेन लूट [Chain Snatching Gorakhpur] मामला)।
- अभिषेक सोनकर पर दर्ज मुकदमे:
- मु.अ.सं. 176/2025 – धारा 125, 191(2), 324(4), 351(3), 352 बीएनएस, थाना शाहपुर।
- मु.अ.सं. 257/2026 – धारा 115(2), 351(3), 352 बीएनएस, थाना शाहपुर।
- मु.अ.सं. 441/2026 – धारा 304(2), 317(2) बीएनएस (वर्तमान चेन स्नैचिंग [Chain Snatching Gorakhpur] मामला)।
झपटमारी या चेन स्नैचिंग [Chain Snatching Gorakhpur] पर नया BNS कानून क्या है? (People Also Search For)
इंटरनेट पर नागरिक अक्सर खोजते हैं कि मोबाइल या चेन लूटने वालों पर नए कानून के तहत क्या कार्रवाई होती है।
पहले इस तरह के अपराध आईपीसी (IPC) की धारा 356 या 392 (लूट) के तहत दर्ज होते थे। लेकिन अब नई भारतीय न्याय संहिता (BNS) में झपटमारी (Snatching) के लिए एक विशेष और सख्त धारा 304(2) बीएनएस लागू की गई है।
इस धारा के अंतर्गत यदि कोई अपराधी बलपूर्वक किसी के शरीर से कोई वस्तु (जैसे चेन या मोबाइल) छीनता है, तो उसे गैर-जमानती अपराध माना जाता है। इसमें दोष सिद्ध होने पर 3 वर्ष से लेकर गंभीर मामलों में 7 वर्ष तक के कठोर कारावास का प्रावधान है। वहीं धारा 317(2) बीएनएस चोरी या लूट का सामान बरामद होने पर लगाई जाती है।
राहगीर चेन स्नैचिंग [Chain Snatching Gorakhpur] से कैसे बचें? (People Also Search For)
कामकाजी महिलाएं गूगल पर अक्सर सुरक्षा टिप्स खोजती हैं। पुलिस प्रशासन नागरिकों को सलाह देता है कि सड़क पर चलते समय हमेशा ट्रैफिक के विपरीत दिशा (Reverse Direction) में चलें, ताकि सामने से आ रहे वाहनों पर नजर रहे। दुपहिया वाहन पर पीछे बैठते समय कीमती आभूषणों को दुपट्टे या स्कार्फ से ढंक कर रखें। यदि कोई संदिग्ध बिना नंबर प्लेट की बाइक पर चेहरा बांधे हुए दिखे, तो तुरंत सतर्क हो जाएं।
गिरफ्तारी सुनिश्चित करने वाली शाहपुर पुलिस टीम
इस चेन स्नैचिंग [Chain Snatching Gorakhpur] की वारदात का त्वरित खुलासा करने और अपराधियों को जेल की सलाखों के पीछे भेजने में शाहपुर थाने की 10 सदस्यीय विशेष टीम का सराहनीय योगदान रहा:
- थानाध्यक्ष: अंजय कुमार सिंह
- उप-निरीक्षक (उ.नि.): सत्यम सिंह (चौकी प्रभारी रेल विहार), चन्द्रभान सिंह
- महिला उप-निरीक्षक (म.उ.नि.): हर्षिता सिंह
- कांस्टेबल: विकास यादव, अनूप यादव, मनीष दुबे, मिथिलेश सिंह, आदित्य प्रताप सिंह, और घनश्याम राणा।
शाहपुर पुलिस ने सभी अभियुक्तों का विधिक चालान कर दिया है और उन्हें सक्षम न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है। पुलिस का मानना है कि इन शातिर अपराधियों के पकड़े जाने से शहर में लूट की अन्य संभावित घटनाओं पर प्रभावी रोक लगेगी।

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Navneet Mishra is a seasoned journalist currently associated with Nirbhik India and its digital portal, nirbhikindia.in. With over six years of experience across print and digital platforms, Navneet specializes in politics, sports, economics, and geopolitics.
A Master’s graduate in Mass Communication from Deen Dayal Upadhyay Gorakhpur University, he is also a dedicated media scholar. His academic research focuses on “the pivotal role of Gorakhpur’s Hindi newspapers during the Indian freedom struggle against the British Crown”. Before joining Nirbhik India, Navneet spent five years at Adarsh Jeevan and gained valuable field experience at Amar Ujala Gorakhpur as training reporter only for 5 days.
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नवनीत मिश्रा वर्तमान में ‘निर्भीक इंडिया’ मीडिया समूह से जुड़े हैं। उन्होंने दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स किया है। पत्रकारिता के अपने 6 वर्षों के सफर में उन्होंने प्रिंट और डिजिटल दोनों डेस्क पर काम किया है। उनके शोध का विषय ब्रिटिश शासन के खिलाफ गोरखपुर के अखबारों का योगदान रहा है, जो उनकी ऐतिहासिक समझ को दर्शाता है। वे राजनीति, अर्थव्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय मामलों (Geopolitics) पर निरंतर लिखते रहे हैं। ‘आदर्श जीवन’ दैनिक में 5 साल का कार्यकाल और ‘अमर उजाला’ गोरखपुर में ट्रेनिंग रिपोर्टिंग के तौर पर मात्र 5 दिन काम क्या है उनकी लेखनी को और भी निखारता है।

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