फर्जी पुलिस (fake police) अरेस्ट : महिला से लूट
गोरखपुर: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जनपद में फर्जी पुलिस (fake police) आतंक बढ़त ही जा रहा है। महिलाओं की सुरक्षा और आपराधिक गतिविधियों पर नकेल कसने के लिए स्थानीय पुलिस लगातार सख्त कार्रवाई किया है। इसी कड़ी में, शाहपुर थाना पुलिस (Shahpur police) ने राह चलते महिलाओं को निशाना बनाने वाले एक शातिर फर्जी पुलिस (fake police) को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है।

यह अपराधी स्वयं को जांच अधिकारी बताकर महिलाओं के साथ छेड़खानी (molestation) और लूट (robbery) की गंभीर वारदातों को अंजाम देता था। पुलिस ने आरोपी के पास से लूटी गई नकदी और घटना में प्रयुक्त वाहन बरामद कर लिया है, जिसके बाद उसे सलाखों के पीछे भेज दिया गया है।
फर्जी पुलिस (fake police) घटना का विवरण: कैसे हुई छेड़खानी और लूट (robbery)?
शाहपुर पुलिस (Shahpur police) द्वारा जारी की गई आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, यह सनसनीखेज वारदात 25 अगस्त 2026 को घटित हुई थी। वादिनी (पीड़ित महिला) रास्ते से कहीं जा रही थी, तभी रास्ते में इस अज्ञात शातिर अपराधी ने उन्हें रोक लिया। आरोपी ने स्वयं को पुलिस और तलाशी लेने वाला अधिकारी बताया।
फर्जी जांच अधिकारी बनकर इस फर्जी पुलिस (fake police) ने वादिनी के साथ अश्लील हरकतें और छेड़खानी (molestation) शुरू कर दी। इसी तलाशी के बहाने आरोपी ने चालाकी से वादिनी के दो कीमती मंगलसूत्र चुरा लिए। इतना ही नहीं, डरा-धमकाकर उसने एक मोबाइल नंबर पर 5,000 रुपये का ऑनलाइन ट्रांसफर भी करवा लिया।
वारदात को अंजाम देने के बाद, आरोपी ने पीड़िता को किसी को भी यह बात न बताने की गंभीर धमकी दी और मौके से फरार हो गया। इस मामले में पीड़िता की लिखित तहरीर के आधार पर शाहपुर थाने में सुसंगत धाराओं के तहत मुकदमा (FIR) पंजीकृत किया गया था।
शाहपुर पुलिस (Shahpur police) की घेराबंदी और सफल बरामदगी
पुलिस अधीक्षक नगर के कड़े मार्गदर्शन और क्षेत्राधिकारी गोरखनाथ के सतर्क पर्यवेक्षण में, थानाध्यक्ष शाहपुर के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। उप-निरीक्षक (उ.नि.) विकास कुमार और उनकी पुलिस टीम ने तकनीकी सर्विलांस और मुखबिर की सूचना के आधार पर मु.अ.सं. 411/2026 में वांछित इस मुख्य अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार किए गए अभियुक्त की पहचान विक्की बांसफोर (पुत्र वीरेन्द्र बांसफोर) के रूप में हुई है, जो जटेपुर उत्तरी, हुमायुपुर, थाना गोरखनाथ, जनपद गोरखपुर का मूल निवासी है। पुलिस ने अभियुक्त के कब्जे से माल मुकदमाती के रूप में 6,600 रुपये की नकद राशि और वारदात में इस्तेमाल की गई 01 स्कूटी बरामद की है।
इस सफल बरामदगी के बाद पूर्व में दर्ज मुकदमे में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 317(2) और 317(4) (चोरी की संपत्ति रखने) की अतिरिक्त बढ़ोत्तरी की गई है।
आरोपी का लंबा आपराधिक इतिहास (criminal history) (People Also Search For)
इंटरनेट पर नागरिक अक्सर यह सर्च करते हैं कि ऐसे फर्जी पुलिस (fake police) के पकड़े जाने पर उनका पुराना रिकॉर्ड कैसा होता है। पुलिस की जांच में आरोपी विक्की बांसफोर का एक बेहद लंबा और संगीन आपराधिक इतिहास (criminal history) सामने आया है। इसके खिलाफ विभिन्न थानों में लूट (robbery), मारपीट, और जान से मारने की धमकी देने के कुल 8 गंभीर मुकदमे दर्ज हैं:
- मु.अ.सं. 411/2026: धारा 74, 303(2), 318(4), 351(3), 317(2) बीएनएस (थाना शाहपुर)।
- मु.अ.सं. 164/2026: धारा 317(2), 318(4) बीएनएस (थाना कैंट, गोरखपुर)।
- मु.अ.सं. 401/2019: धारा 392, 411 भादवि (थाना गोरखनाथ)।
- मु.अ.सं. 70/2026: धारा 109(1), 115(2), 191(2), 324(4), 351(3), 352 बीएनएस (थाना गोरखनाथ)।
- मु.अ.सं. 427/2023: धारा 36, 352, 504, 506 भादवि (थाना गोरखनाथ)।
- मु.अ.सं. 507/2025: धारा 131, 324(4), 351(3), 352 बीएनएस (थाना गोरखनाथ)।
- मु.अ.सं. 246/2023: धारा 323, 504, 506 भादवि (थाना कोतवाली)।
- मु.अ.सं. 218/2017: धारा 394, 411 भादवि (थाना सलेमपुर, जनपद देवरिया)।
महिला सुरक्षा और बीएनएस (BNS) कानून (People Also Search For)
आम जनता यह भी जानना चाहती है कि छेड़खानी (molestation) और लूट (robbery) के मामलों में नए कानून क्या कहते हैं। इस मामले में पुलिस ने आरोपी पर धारा 74 (शील भंग करने के इरादे से हमला), 303(2) (चोरी), 318(4) (छल और बेईमानी), और 351(3) (आपराधिक धमकी) के तहत सख्त विधिक कार्यवाही की है। पुलिस का स्पष्ट संदेश है कि महिलाओं के खिलाफ अपराध करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
गिरफ्तारी करने वाली टीम का विवरण: इस शातिर अपराधी को सलाखों के पीछे पहुंचाने में थानाध्यक्ष अंजय कुमार सिंह, चौकी प्रभारी जेल रोड उ.नि. विकास कुमार, कांस्टेबल जलालुद्दीन और कांस्टेबल विक्रांत सिंह (थाना शाहपुर, जनपद गोरखपुर) की भूमिका अत्यंत सराहनीय रही। पुलिस द्वारा वर्तमान में आरोपी के खिलाफ अग्रिम विधिक कार्यवाही (legal proceedings) पूरी की जा रही है।

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Navneet Mishra is a seasoned journalist currently associated with Nirbhik India and its digital portal, nirbhikindia.in. With over six years of experience across print and digital platforms, Navneet specializes in politics, sports, economics, and geopolitics.
A Master’s graduate in Mass Communication from Deen Dayal Upadhyay Gorakhpur University, he is also a dedicated media scholar. His academic research focuses on “the pivotal role of Gorakhpur’s Hindi newspapers during the Indian freedom struggle against the British Crown”. Before joining Nirbhik India, Navneet spent five years at Adarsh Jeevan and gained valuable field experience at Amar Ujala Gorakhpur as training reporter only for 5 days.
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नवनीत मिश्रा वर्तमान में ‘निर्भीक इंडिया’ मीडिया समूह से जुड़े हैं। उन्होंने दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स किया है। पत्रकारिता के अपने 6 वर्षों के सफर में उन्होंने प्रिंट और डिजिटल दोनों डेस्क पर काम किया है। उनके शोध का विषय ब्रिटिश शासन के खिलाफ गोरखपुर के अखबारों का योगदान रहा है, जो उनकी ऐतिहासिक समझ को दर्शाता है। वे राजनीति, अर्थव्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय मामलों (Geopolitics) पर निरंतर लिखते रहे हैं। ‘आदर्श जीवन’ दैनिक में 5 साल का कार्यकाल और ‘अमर उजाला’ गोरखपुर में ट्रेनिंग रिपोर्टिंग के तौर पर मात्र 5 दिन काम क्या है उनकी लेखनी को और भी निखारता है।

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